Friday, May 4, 2018

रिकार्डधारी मंत्री का शहर गोल्ड मैडल से चूका, प्रदूषित शहरों की सूचि में सिल्वर मैडल, उपलब्धि

Records of the Records Due to the City of the Gold Medal, the great achievement of the BJP in the list of polluted cities

फरीदाबाद(abtaknews.com) 04 मई,2018 ;रिकार्डधारी मंत्री विपुल गोयल का शहर फरीदाबाद गोल्ड मैडल से चूक गया हैं। प्रदूषित शहरों की सूचि में सिल्वर मैडल यानि दूसरे नंबर पर आने की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं।   वल्र्ड हेल्थ ओर्गनइजेशन ने फरीदाबाद को सिल्वर मैडल दिया है, ये मैडल फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी के नाम पर नहीं बल्कि प्रदूषण सिटी के नाम पर मिला है, रिपोर्ट में फरीदाबाद को देश में दूसरे नंबर का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है, प्रदूषण स्तर 173 लेकर कानपुर पहले स्थान पर है तो वहीं फरीदाबाद को प्रदूषण सिटी के रूप में 172 अंक प्राप्त हुए हैं। करीब एक साल पहले इसी महीने में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्वच्छ भारत रैंकिंग में फरीदाबाद को 88वां स्थान प्राप्त हुआ था जिसका आवार्ड पूर्व निगमायुक्त सोनल गोयल को मिला, जिसपर निगम ने जमकर पीठ थपथपाई थी, जिसके बाद 27 मई को केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने तमाम अधिकारियों के साथ मिलकर स्मार्ट सिटी बनाने के लिये चर्चा की थी जिसके परिणाम एक साल बाद प्रदूषण सिटी बनकर निकले हैं।
Records of the Records Due to the City of the Gold Medal, the great achievement of the BJP in the list of polluted cities

पर्यावरण के लिये लाखों पौधे लगाकर रिकार्ड दर्ज करवाने वाले पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल का फरीदाबाद शहर देश में सबसे गंदे शहरों में दूसरे स्थान पर आया है।  ये तस्वीरें हैं फरीदाबाद शहर की। तस्वीरें शहर का हाल - ए- सूरत खुद ब खुद बयां कर रही हैं कि क्यों फरीदाबाद देश का दूसरे नंबर का सबसे प्रदूषित शहर है। एशिया का मेनचेस्टर कहा जाने वाला फरीदाबाद अब यहाँ उद्योगों के लिए नहीं बल्कि यहाँ के प्रदूषण के लिए दुनिया भर में चर्चित है। शहर को प्रदूषित करने के लिए कई कारण जि़म्मेदार हैं, जिनमे फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ, वाहनों से निकलने वाला धुआं और फरीदाबाद के स्टोन के्रशरजोन से उडऩे वाली धूल के अलावा खुले में पड़ा कंस्ट्रस्क्शन मेलिटियल जि़म्मेदार है। 

पिछले साल 2017 में इन्हीं दिनों नगर निगम की आयुक्त सोनल गोयल को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्वच्छ भारत रैंकिंग में फरीदाबाद को 434 शहरों के सर्वेक्षण में 88वां स्थान प्राप्त हुआ था जिसके लिये उन्हें आवार्ड से नवाजा गया था। जिसके लिये उन्होंने जमकर अपनी पीठ थपथपाई थी। इस आवार्ड के बाद भाजपा के मंत्रियों के होंसले बुलंद हुए और 27 मई 2017 को निगम सभागार में केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल सहित भाजपा के सभी विधायक और तमाम अधिकारियों की फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर बडी चर्चा की गइ जिसमें अहम फेंसले भी किये गये, जिसके करीब एक साल बाद परिणाम वल्र्ड हेल्थ ओर्गनइजेशन की रिपार्ट के बाद स्मार्ट सिटी के रूप में तो नहीं बल्कि प्रदूषण सिटी के रूप में जरूर सामने आये हैं। 

इस बैठक के बाद केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुजर्र ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि पूरे देश में फरीदाबाद जल्द ही पहले नम्बर का शहर होगा, जिसे स्मार्ट शहर बनाने के लिये उन्होंने बैठक की है। जिसमें तय किया गया था कि शहर को स्मार्ट और सुंदर बनाना है।। पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने कहा था कि शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में डवलप करना है, जिसको लेकर पूरे इंतजाम कर दिये गये हैं,, अब इस रिपोर्ट के बाद पता नहीं चल रहा है कि मंत्री साहब ने स्मार्ट सिटी बनाने के इंतजाम किये थे या फिर प्रदूषण सिटी बनाने के।।पूर्व निगमायुक्त सोनल गोयल ने कहा कि थी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के साथ बातचीत की गई है आने वाले समय शहर को स्मार्ट बना दिया जायेगा।

वल्र्ड हेल्थ ओर्गनइजेशन की रिपोर्ट के बाद विपक्षियों ने भी भजपा सरकार को घेरने का काम शुरू कर दिया है, कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी ने कहा कि भाजपा ने शहर को स्मार्ट सिटी नहीं प्रदूषण सिटी बनाने के का ठेका लिया है,, शहर में केन्द्रीय मंत्री और केबिनेट मंत्री होने के बाद भी शहर की हालत दयनीय हो गई है, जहां मुख्यमंत्री ने स्वयं स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी आज उसी शहर को सबसे ज्यादा सफाई की जरूरत है। बस एक साल और है भाजपा के पास उसके बाद कांग्रेस ही फरीदाबाद के हालात बदलेगी।ईनेलो नेता उमेश भाटी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि करीब एक साल पहले शहर के मंत्रियों ने शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिये बैठक की थी या फिर प्रदूषण सिटी बनाने के लिये,, अब तो जल नायक अभय सिंह चौटाला ही इस फरीदाबाद को बचा सकते हैं। 

वल्र्ड हेल्थ ओर्गनइजेशन रिपोर्ट से दुखी समाजसेवी बाबा रामकेवल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के ठेकेदारों ने शहर को तो स्मार्ट नहीं बनाया मगर हां खुद जरूर स्मार्ट बन गये हैं, फरीदाबाद की जनता के साथ धोखा किया जा रहा है उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है। समाजहित में काम करने वाली संस्था जन सेवा वाहिनी के महा सचिव दिवाकर मिश्रा की कहते हैं कि जब तक सरकारें इस तरह के प्रोजैक्टों में जनता को या फिर संस्थाओं को शामिल नहीं करेंगी तो इसी तरह के परिणाम सामने आयेंगे, भाजपा सरकार को चाहिये कि स्वच्छता के नाम पर लूट कसौट बंद करें और संस्थाओं को समाजसेवा का मौका दें। 

फरीदाबाद के सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ वीरेंदर यादव के मुताबिक प्रदुषण का सभी पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। छोटे बच्चो और गर्भवती महिलाओं पर इसका दुष्प्रभाव ज़्यादा है।  प्रदुषण के चलते लोग अस्थमा, टीबी और ब्रॉंकइटिस जैसे रोग हो रहे हैं।  इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के बच्चो को यह रोग छोटी उम्र में लगने का खतरा रहता है।  


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