Tuesday, April 24, 2018

निजी स्कूल फीस बढ़ोतरी में सरकारी सहमति अभिभावकों के साथ मजाक; कैलाश शर्मा



फरीदाबाद 24 अप्रैल(abtaknews.com )शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल ने प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि निजी स्कूल फीस बढ़ोतरी से पहले सरकार से सहमति हासिल करें अन्यथा मान्यता रद्द की जा सकती है। अभिभावक एकता मंच ने शिक्षा विभाग की इस कार्यवाही को ‘‘चोर से कहे चोरी कर और शाह से कह सावधान रह’’ की संज्ञा प्रदान की है। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि जब सभी प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा सत्र 2018-19 के लिए 15 अप्रैल तक मनमानी फीस वसूल कर ली है तब अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा का यह निर्देश कोई मायने नहीं रखता है। इसके अलावा जिले के उपायुक्त व जिला शिक्षा अधिकारी के पास कोई भी सरकारी आदेश नहीं आए हैं। शिक्षा विभाग का समाचार पत्रों में दिया गया यह बयान हास्यास्पद व पीडि़त अभिभावकों के जख्मों पर नमक डालने के समान है।

प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने बताया कि 10 दिन पहले भी शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने एक बयान समाचार पत्रों में दिया था कि सभी प्राइवेट स्कूलों में एनसीआरटीसी की किताबें लगवाईं जाएंगी और स्कूलों के अंदर खुली किताब, कापी, वर्दी की दुकानों को बंद करवाया जाएगा। उन्हें यह अच्छी तरह मालूम था कि स्कूलों के अंदर खुली दुकानों से स्कूल वालों ने जबरन प्राइवेट पब्लिसर्स की किताबें महंगे दामों में अभिभावकों को दे दी हैं। उसके बाद भी शिक्षा मंत्री ने हर शिक्षा सत्र की तरह इस शिक्षा सत्र 2018-19 में अप्रैल महीने में अभिभावकों की सहानुभूति प्राप्त करने के उद्देश्य से भ्रमित बयान दिया। अभिभावक यह अच्छी तरह जानते हैं कि यह सरकार प्राइवेट स्कूलों को खुला संरक्षण प्रदान कर रही है।

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