Friday, April 13, 2018

फरीदाबाद में रहने वाले बाप- बेटी नाटक के माध्यम से देश में प्रकृति संरक्षण का दे रहे हैं संदेश


Messages are being given to nature conservation in the country through the father-daughter drama living in Faridabad.

फरीदाबाद(abtaknews.com) 13 अप्रैल,2018; लगातार पेड़ कटने से जहां प्रकृति का विनाश हो रहा है, वही प्रकृति को लगातार घटते प्रदूषण से बचाने के लिए कुछ लोगों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में रहने वाले बाप- बेटी  देश के कोने-कोने में  नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रकृति को बचाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं।  फरीदाबाद के धरती मां ट्रस्ट के बैनर तले बिष्ट और उनकी बेटी यह अभियान चला रही है। प्रकृति प्रेमी पिता और पुत्री के नुक्कड़ नाटक को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देखा और उन्हें सम्मानित भी किया।  दोनों वेस्ट मेटेरियल से सामान तैयार करके  इस सामान को बहुत सस्ते दाम पर पिता भगवान सिंह बिष्ट और पुत्री दीप्ति बिष्ट बेचते हैं।
Messages are being given to nature conservation in the country through the father-daughter drama living in Faridabad.

घर के अंदर प्रदर्शनी की तरह लगा हुआ यह वह सामान है जो वेस्ट मेटेरियल से तैयार किया गया है और इस सामान को बहुत सस्ते दाम पर पिता भगवान सिंह बिष्ट और पुत्री दीप्ति बिष्ट बेचते हैं। फरीदाबाद के धरती मां ट्रस्ट के बैनर तले  बिष्ट और उनकी बेटी यह अभियान चला रही है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सेहतपुर एक्सटेंशन की कृष्णा कॉलोनी में रहने वाले भगवान सिंह और उनकी बेटी दीप्ति पिछले 10 साल से अलग-अलग राज्यों में जाकर नुक्कड़ नाटक करते हैं और लोगों को पर्यावरण बनाए रखने तथा नष्ट हो रही प्रकृति को बचाने का आह्वान भी करते हैं। दोनों बाप बेटी के इस नुक्कड़ नाटक को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अलावा केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी तथा हरियाणा के कई मंत्री  देख कर उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। लेकिन दोनोंं की इस उपलब्धि के लिए आज तक उन्हें कोई नेशनल अवार्ड्ड नहीं मिला है। ज़ी मीडिया से बातचीत में पवन सिंह बिष्ट नेे बताया की उन्होंने अपने पिता से प्रेरणा लेकर  प्रकृति को बचाए रखने का  संकल्प लिया है और वह  लोगों को  इसके लिए जागरूक भी करते रहते हैंं। भवान सिंह कहतेे हैं कि अभी तक उन्होंने दिल्ली हरियाणा और उत्तराखंड में कई नुक्कड़ नाटक करके लोगों को जागरुक करने का काम किया है।

उनकी बेटी दीप्ति बिष्ट की माने तो अपने पिता से प्रेरित होकर उन्होंने प्रकृति को बचाए रखने के लिए पिता का हाथ बटाने और लोगों को जागरुक करने का आज से 10 साल पहले मन बनाया था। आज वह 19 साल की हो चुकी है और आगे भी अपने पिता के इस अभियान में वह साथ ही चलेंगे।





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