Thursday, April 12, 2018

गांव नरहावली सरकारी स्कूल की हालत खस्ता, इमारत हुई जर्जर,तालाब व गांव का गंदा पानी

The condition of the village of Narahawali Government School is crispy, damaged, dirty water from the pond and village

फरीदाबाद 11 अप्रैल(abtaknews.com ) हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लाख दावे किये हों ,लेकिन पृथला के गांव नरहावली के प्राइमरी स्कूल के हालात इतने खराब हैं ,कि लोग यहां अपने बच्चों को पढऩे के लिए नहीं भेजते, कुछ लोगों  ने सरकारी स्कूल के मैदान को अपने निजी वाहनों के लिए पार्किंग बना लिया है ,तो कुछ अपने पशुओं को यहां चरने के लिए छोड़ देते हैं ,तो वहीं तालाब का पानी स्कूल की क्लास रूम तक भर जाता है, हालात इतने खराब हैं इसलिए इस प्राइमरी स्कूल में सिर्फ 25 बच्चे ही पढ़ते हैं ,क्योंकि गांव के लोग डरते हैं, कि उनके बच्चे गंदगी के बीच बैठेंगे ,तो बीमार हो जाएंगे ,आईए दिखाते हैं आज के समय में भी नरहावली गांव का वो सरकारी स्कूल जिसके हालात बद से बदतर हो चुके हैं। जगह - जगह गंदगी के ढेर, गंदे पानी से भरा हुआ मैदान और उसमें घूमते लोगों के जानवर और जगह जगह खड़ी लोगों की गाडिय़ां ये जगह ना तो कोई पार्किंग स्थल है और ना ही कोई डंपिंग ग्राउंड ये हालात है पृथला के गांव नरहावली के उस प्राइमरी स्कूल के जो अब अपनी बर्बादी पर आंसू बहा रहा है। स्कूल के हालात देखे तो समझ में आ ही गया होगा कि यहां के ग्रामीण अपने बच्चों को यहां पढऩे के लिए क्यों नहीं भेजते जब इस बारे में हमने उप जिला शिक्षा अधिकारी शशिबाला से बात की और बताया कि स्कूल के टीचरों द्वारा बार-बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो उन्होंने कहा कि ये मामला खंड शिक्षा अधिकारी के तहत आता है और वो सरपंच और ब्लॉक डेवलेपमेंट अधिकारी से बात करेंगी और इसकी जांच करा कर जल्दी ही स्कूल की व्यवस्था को ठीक करा देंगी। वहीं जब इस मामले पर हमने गांव के सरपंच विनोद भाटी से बात की तो उन्होंने बताया कि स्कूल की खराब हालात की बात उनके संज्ञान में हैं और उन्होंने इसके लिए बी.डी.ओ कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया है जैसे ही इसका बजट आएगा तो स्कूल के हालात को सुधारा जाएगा।  स्कूल के टीचरों से बात की गई तो उन्होंने भी बताया कि यहां की दुर्दशा की शिकायत वो कई बार कर चुके हैं लेकिन आश्वाशन के अलावा कोई भी ध्यान नहीं देता चाहे वो शिक्षा विभाग के अधिकारी हो या गांव के सरपंच। इसी स्कूल के प्रागंण में सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्र के लिए भी जगह दी हुई है स्कूल और रास्ते की दुर्दशा के बारे में जब हमने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से बात की तो उन्होंने भी यही बताया कि स्कूल की अव्यवस्था की शिकायत कई बार कर चुकी हैं लेकिन कोई भी हल नहीं निकलता।  सबसे बड़ा सवाल है कि स्कूल के टीचरों ने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने सरपंच से अपने उच्चाधिकारियो से स्कूल की दुर्दशा और यहां की अव्यवस्था के बारे में शिकायत की लेकिन सरपंच या संबधित अधिकारियों के कान पर जूं तक क्यों नहीं रेंग रही और सभी एक दूसरे के ऊपर अपना ठीकरा फोड़ते नजर आ रहे हैं। सरकार ने जो सर्व शिक्षा अभियान चलाया हुआ है और अपनी पीठ को थपथपा रही है उसके बाद भी गांव नरहावली की इस प्राइमरी स्कूल के हालात का जिम्मेदार आखिर कौन है।


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