Thursday, April 12, 2018

सुबह शाम मौसम के बदलते तेवर से किसान की नींद हराम, मंडी में भीगा रहा है अनाज




In the morning evening, the farmers are sleeping in the market due to the changing times of food grains

फरीदाबाद 12 अप्रैल,2018(abtaknews.com)हे प्रभु इस बार कौनसी गलती हो गई जिसकी सजा दे रहे हो, किसान खेत में खडे होकर असमान की ओर देखते हुए भगवान से प्रार्थना कर रहा है और आसमान में छाये काले बादलों को देखकर घबरा रहा है। बेमौसम बरसात ने एक बार फिर किसानों के उपर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है जिसके चलते किसानों की चिंतायें बढ गई हैं, किसानों की फसल खेतों में पक कर पूरी तरह तैयार है बस काटने की देरी है, और जो फसल काटकर मंडियों में पहुंच गई है उसकी भी प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था न होने के चलते दुर्गति हो रही है, मंडियों में अन्नदाता का अन्न बरसात के पानी में पूरी तरह से डूबा हुआ नजर आया, तो वहीं सरकार द्वारा खरीदा गया गेंहू भी भीग गया है।  आसमान में छाये काले बादलों से बीती रात हुई बरसात ने एक बार फिर से किसानों के घाव पर नमक छिडकने का काम किया है अभी भी असमान में काले बादल छाये हुए जिन्हें देखकर किसानों की धडकनें तेज होती जा रही हैं बरबादी की कगार पर बैठा किसाना बस अब तो एक ही उम्मीद लगाये हुए बैठा है कि जोरदार बरसात होने से पहले बस उसका अनाज मंडियों में पहुंच जाये जहां सरकार खरीद ले। 

पिछले कुछ दिनों से रूक रूक कर हुई हल्क हल्की बरसात और आंधी तूफान ने खेतों में खडी गेंहू की फसल को पूरी तरह से लिटा दिया है खेतों में बैठकर बेमोसम बरसात से पूरी तरह तैस नैस हुई फसल को देखकर किसान मायूस है और असमान की ओर निहारते हुए भगवान से बस एक ही शिकायत कर रहा है कि हे प्रभु इस बार ऐसा कौन सा गुनाह हुआ है जिसकी सजा दे रहे हो, और आसमान में छाये काले काले बादलों को देखकर मन ही मन घबरा रहा है । वहीं जिन किसानों ने अपनी फसल खेत से निकालकर मंडी में बेचने के लिये रख है वह भी मंडी प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्था के चलते बरसात की चपेट में आ रही है, तस्वरों में पानी के अंदर पडे हुए दिखाई दे रहे ये गेंहू के दाने खून पसीने से पैदा किये हुए है जो कि अब बरसात के पानी में भीग गये हैं,, हालांकि मंडी प्रशासन किसानों की फसल के बचाव के लिये पुख्ता दावे करता है कि उनके पास पूरी व्यवस्था है मगर दावे करने वाले मंडी प्रशासन का खरीदा हुआ गेंहू जो बोरों में भरा हुआ है वह भी भीग गया है, जिससे राजस्व को भी नुक्सान पहुंच रहा है। 

इस बारे में किसान योगेश रावत की माने तो वह मंडी में अपना अनाज बेचने के लिये आये हुए हैं मगर यहां सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं है इसलिये उनका गेंहू बरसात में भीग गया है। मंडी प्रशासन से जब गेंहू को खरीदने की बात की गई तो उन्होंने जबाब में कहा कि अभी उपर से सरकार ने गेंहू की तुलाई बंद कर दी है, अगर एक दो दिन गेंहू इसी तरह से मंडियों में पडा रहा तो उन्हें बहुत बडा नुक्सान झेलना पड सकता है। वहीं अनाज मंडी के सेके्रटरी लेखराज की माने तो बरसात ज्यादा नहीं है थोडी सी बरसात है, अगर थोडा बहुत गेंहू भीग भी जाता है तो कोई फर्क नहीं पडेगा और न ही बडा नुक्सान होगा। 


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