Monday, April 23, 2018

मानव एकता परिषद ने बूचड़खाने के विरोध में फरीदाबाद निगमायुक्त को सौंपा ज्ञापन


Human Integration Council handed over memorandum to the Faridabad corporator in protest against slaughterhouses

फरीदाबाद (abtaknews.com) 23 अप्रैल,2018 ; एक तरफ योगी सरकार बूचड़खाने बंद करवाने में जुटी हुई है तो वही दूसरी ओर खट्टर सरकार फरीदाबाद में विरोध के बाद भी एक स्थान से दूसरे स्थानों पर बूचड़खाने खोलने के प्रयास में जुटी हुई है।  जिसके चलते फरीदाबाद में मानव एकता परिषद् के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।  लोगों ने सरकार से मांग की है की पहले पाली में और अब धौज में बूचड़खाना खोला जा रहा है जिससे पर्यावरण और पानी दूषित होगा तो वही हिंदुयों की भावनाएं आहत होंगी।  कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है की फरीदाबाद में बूचड़ खाने की जरुरत ही नहीं है इसलिए वह शहर के किसी भी छेत्र में बूचड़खाना नहीं खुलने देंगे।  


कुछ दिन पहले फरीदाबाद के पाली गांव को नगम निगम ने बूचड़ खाना खोलने के लिए चिन्हित किया था जिसपर गांव के लोगों  ने पंचायत की और सीएम साहब से कहा की हम पाकिस्तानी नहीं है हमारे गाँवो को नर्क मत बनाओ अगर ऐसा हुआ तो गाँवो के लोग कभी भी बीजेपी को वोट नहीं देंगे, जिसके बाद निगम ने पाली में खुलने वाले बूचड़खाने को हटा कर धौज में करवा दिया। जिसके विरोध में आज मानव एकता परिषद् के कार्यकर्ताओं ने निगम मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और निगमायुक्त को ज्ञापन सौंपा।  

मानव एकता परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज भूषण सैनी ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम से बात करते हुए कहा की फरीदाबाद में बूचड़ खाने की जरुरत नहीं है फिर क्यों सरकार कभी इधर तो कभी उधर गाँवो में शिफ्ट कर रही है।  अगर बूचड़ खाना खुला तो पर्यावरण दूषित होगा, जमीन का पानी दूषित होगा, फरीदाबाद में पहले से ही पानी की किल्लत है अगर ऐसा हुआ तो त्राहि त्राहि मच जायेगा। सबसे बड़ी बात है की हम हिंदुयों की भावनाये आहत होंगी।  सभी लोग चाहते हैं की शहर के किसी भी कोने में बूचड़खाना नहीं खोला जाये।बूचड़खाने के विरोध में मानव एकता परिषद ने नगर निगम आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण सैनी ने किया  उन्होंने कहा सरकार द्वारा फरीदाबाद में बूचड़खाना खोलने की योजना है बूचड़खाना खोलें जाने से पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है  बूचड़खाने में पानी की सर्वाधिक खपत होती है वहीं दूषित पानी जमीन में जाकर भूमिगत पानी को भी दूषित करता है इसके साथ ही बूचड़खाने से लोगों की भावनाएं आहत होती है इस बात को लेकर लोगों में भारी रोष है जन भावना का ध्यान में रखते हुए फरीदाबाद जिले के किसी भी क्षेत्र में बूचड़खाना न खोला जाए यदि प्रशासन व सरकार ने जनभावना का ध्यान नहीं रखा तो सरकार व प्रशासन को भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रामरतन सिंह राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता राष्ट्रीय कार्यालय सचिव गिर्राज प्रसाद गोयल राष्ट्रीय सलाहकार फौरन सिंह त्रिलोकचंद शर्मा श्री कृष्ण गुरुजी दयाराम सैनी राजबाला शर्मा संगीता नेगी लटूर सिंह रामपाल मदनलाल गुप्ता राजेश गुप्ता हरिओम शर्मा श्री ओम शर्मा अनूप नागर इंद्रजीत सिंह चड्ढा सिद्धू सुनील अशोक बाबा राजू धारीवाल बिटटू बजरंगी बीनू चौधरी  राजू पाली रोहित पंडित मोहम्मद सलीम लाखन पाली राहुल सचिन तंवर संजीव कुशवाहा राहुल मनोज पंडित जोगिंदर गोला कृष्ण सोलंकी समीर खान अरबाज खान राजू सुखपाल सिंह प्रवीण पवन आदि मौजूद थे। 

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