Monday, April 16, 2018

लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा: प्रो. रंजना अग्रवाल


To overcome gender discrimination, youth must come forward: Prof. Ranjana Agarwal

फरीदाबाद,16 अप्रैल(abtaknews.com)वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद के महिला कल्याण प्रकोष्ठ द्वारा सृजनात्मक मानुषी संस्था, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में ‘महिला सशक्तिकरण तथा लैंगिक समानता’ विषय पर परिचर्चा तथा नाटक मंचन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रंजना अग्रवाल मुख्य अतिथि रही तथा दीप प्रज्वलन द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन महिला कल्याण प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. अंजू गुप्ता की देखरेख में किया गया। इस अवसर पर सृजनात्मक मानुषी संस्था की संस्थापक अर्चना कौल भी उपस्थित थी। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रंजना अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध उत्पीड़न के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए समाज में जनचेतना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को महिलाओं के प्रति अपनी दृष्टिकोण में बदलाव लाना होगा और समाज में लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के लिए आगे आना होगा। 
To overcome gender discrimination, youth must come forward: Prof. Ranjana Agarwal
कार्यक्रम के दौरान सृजनात्मक मानुषी संस्था के सदस्यों द्वारा समाज में प्रत्येक स्तर पर महिलाओं के विरूद्ध हो रहे अत्याचारों को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया। ‘अगले जन्म मुझे मां मत बनाना’ शीर्षक को लेकर हुए इस नाट्य मंचन द्वारा कलाकारों ने बताया कि किस प्रकार एक महिला को समाज में एक बेटी, मां तथा पत्नी की भूमिका में सहना पड़ता है। नाटक में विभिन्न आयु वर्ग के किरदारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को बेहतरीन संदेश दिया, जिसमें छह साल के बच्चे से लेकर वयस्क आयु के कलाकारों ने हिस्सा लिया।
महिला सशक्तिकरण को विषयवस्तु के रूप रखते हुए संस्था द्वारा विभिन्न नृत्य विधाओं के माध्यम से विश्वभर में महिलाओं के प्रति सोच में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों पर अपनी प्रस्तुति दी तथा लोगों को महिला के प्रति दृष्टिकोण बदलने के लिए प्रेरित किया। 

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