Monday, April 2, 2018

दलित समाज ने रोकी शताब्दी ट्रेन, कई यात्री घायल, शहर में जगह - जगह आगजनी, 50 पुलिसकर्मी हुए घायल

Dalit society stopped the centenary train, many passengers injured, place in the city - arson in place, 50 policemen injured

फरीदाबाद 2 अप्रैल,2018(abtaknews.com) सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी एसटी एक्ट में  नई गाइडलाइन जारी किया जाने के बाद फरीदाबाद में हजारो की संख्या में एकत्रित हुए दलितों ने विरोध  प्रदर्शन किया और इस संशोधन को रद्द करने की मांग करते हुए प्रदर्शनकारीयो ने शहर में जमकर उत्पाद मचाया ,जो आपको डरा देने के लिए काफी हैं। प्रदर्शनकारियों ने जनशताब्दी  ट्रेन रोक कर पथराव किया जिसमें  कई लोग घायल हो गए। 
Dalit society stopped the centenary train, many passengers injured, place in the city - arson in place, 50 policemen injured

प्रदर्शनकारियों ने शहर में जगह - जगह आगजनी की और पुलिस पर पथराव कर लगभग 50  पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया . प्रदर्शनकारी शहर में पुरे दिन उत्पाद मचाते रहे , दलितों के भारत बंद के ऐलान के बाद भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फेल नजर आया और दलितों ने शहर में जमकर उत्पाद मचाया। फरीदाबाद की सडको प्रदर्शन करते दिखाई दे रही यह दलित समुदाय के लोग सुप्रीम कोर्ट द्वारा ह्यष्,ह्यह्ल एक्ट में नई गाइडलाइन जारी किए जाने से नाराज हैं। इनका कहना है कि यह दलित समुदाय के साथ अन्याय है और वह इसे वापिस लेने की मांग कर रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्ष्ट.स्ञ्ज, एक्ट में  नई गाइडलाइन जारी किया जाने के बाद फरीदाबाद में हजारो की संख्या में एकत्रित हुए दलितों ने विरोध  प्रदर्शन किया और इस संशोधन को रद्द करने की मांग की प्रदर्शनकारीयो ने शहर में अलग-अलग स्थानों पर जाम लगाया और साथ ही रेलवे ट्रैक को जाम रेल ट्रेक को जाम कर दिया ।जिसके बाद  प्रदर्शनकारियों ने शहर में जमकर उत्पाद मचाया और  जगह-जगह कर आगजनी कर जाम लगा दिया ,इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने  न्यू टाउन रेलवे स्टेशन पर जनशताब्दी  ट्रेन को रोक लिया और ट्रेन में चढ़ कर उत्पाद मचाया। 
Dalit society stopped the centenary train, many passengers injured, place in the city - arson in place, 50 policemen injured

प्रदर्शनकारियों ने आने जाने वाले यात्रियों को भी नहीं बक्शा यात्रियों की गाडिय़ों के शीशे तोड़ दिए जिसके चलते यात्रियों को भी चोटें आई। गौरतलब है की दलितों ने आज भारत बंद का ऐलान किया हुआ था फरीदाबाद के  जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन सभी को इसकी जानकारी थी , बावजूद इसके प्रदर्शनकारी शहर में पुरे दिन आगजनी ,तोडफ़ोड़ ,और पथराव कर उत्पाद मचाते रहे लेकिन प्रदर्शकारियों को जिला प्रशासन और पुलिस रोकने में नाकाम रहे। वहीँ ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की माने तो जैसे ही ट्रेन न्यू स्टेशन के नजदीक पहुंची ट्रेन पर अचानक पथराव होने लगा उन्होंने सोचा की किसी शरारती तत्व ने पत्थर मारा होगा लेकिन कुछ ही देर में दर्जनों लडक़े लडक़े लाठी डंडे ट्रेन में आकर तोडफ़ोड़ करने लगे जिसमें  कई तरियों को चोटें आई उनके मुताबिक उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी ऐसा सफर नहीं किया यात्रियों के मुताबिक  वह आधे घंटे ट्रेन में बंधक बने रहे और 100 नंबर पर हैल्प के लिए फोन मिलाते रहे लेकिन पुलिस का भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।  ट्रेन में सफर करने वाले यात्रि सुमन ने बताया कि अचानक 50 की संख्या में दंगाई आये और ट्रेन पर पथराव कर दिया जिसमे बच्चे, बुजुर्ग , काफी चोटें आई है ,जो आधे घंटे तक जो मौत की दहशत में जिंदगी काटी है, मुझे आज 2 अप्रेल का दिन पूरी जिंदगी याद रहेगी।  हेमलता की माने तो हम आराम से बैठे हुए थे अचानक ट्रेन पर भरी संख्या में पथराव होने लगा ,कई लोग घायल हो गए हमने ये सब पिक्चरों में देखा था लेकिन आज असल जिंदगी में देख लिया की ऐसा भी होता है। घायल पुलिसकर्मियों का कहना है वह जाम खुलवाने गए थे अचानक उपद्रवियों ने पथराव कर दिया जिसमे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। 
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