Friday, April 20, 2018

ददसिया में रेनीवेल प्रोजेक्ट फेल, 20 ट्यूबवेल हुए खराब, फरीदाबाद में पानी की किल्लत

Rainyville project fails in Dadsia, 20 tubewells spoiled, water shortage in Faridabad

फरीदाबाद(abtaknews.comदुष्यंत त्यागी) 20 अप्रैल,2018; शहर को रोजाना 40 करोड लीटर पानी देने वाला ददसिया रेनीवेल फेल होने की कगार पर है रेनीवेल में 33 ट्यूबवेल लगे हुए हैं जिनमें से करीब 20 ट्यूबवेल खराब हो चुके हैं जिससे शहर के एनआईटी और केबिनेट मंत्री विपुल गोयल के ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र में पानी की किल्लत आने वाली है, हलांकि बचे हुए 13 ट्यूबवेलों से शहर को थोडा - थोडा करके पानी सप्लाई किया जा रहा है, मगर कई महीनों से खराब पडे हुए ट्यूबवेलों को अभी तक निगम ने ठीक नहीं करवाया। इस दौरान एक और नया खुलासा हुआ 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चोटाला द्वारा शुरू की गई रेनीवेल आने वाले कुछ सालों में पूरी तरह से ठप्प हो जायेगी, क्योंकि पानी का स्तर बहुत नीचे जा चुका है जिसके चलते लोड पडने से मोटरें खराब हो रही है। 

गांव ददसिया में रेनीवेल के 20 ट्यूबवेल खराब हो गए हैं। इसकी वजह से आने वाले दिनों आधा शहर प्यासा रह सकता है। रेनीवेल के महज 13 ट्यूबवेल फिलहाल चालू हालत में हैं, जिनसे बेहद कम पानी की सप्लाई की शहर में की जा रही है। ददसिया रेनीवेल की क्षमता रोजाना 40 एमएलडी पानी सप्लाई की है, लेकिन ट्यूबवेल खराब होने की वजह से महज 16 एमएलडी पानी ही 26 इलाकों में सप्लाई हो रहा है। इसकी वजह से 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे, जिसमें एनआईटी के सबसे ज्यादा घरों में पानी की दिक्कत रहेगी। एक एमएलडी पानी 10 लाख लीटर के बराबर होता है। 

लापरवाही की बात तो ये है कि 2 महीनों में धीरे - धीरे करके खराब हुई ट्यूबवेलों की मोटरों को निगम प्रशासन ने साथ - साथ ठीक नहीं करवाया जिसके चलते आज करीब 20 मोटरें खराब हो चुकी है। 
शहर में पानी की कमी पूरी करने के लिए निगम ने यमुना किनारे रेनीवेल का निर्माण कराया था। इनमें से ददसिया रेनीवेल सबसे बड़ा रेनीवेल है, जिसकी कुल क्षमता 40 एमएलडी प्रतिदिन की है। इस रेनीवेल से हर रोज 40 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई 26 इलाकों में की जाती है, लेकिन पिछले दो महीनों से इस रेनीवेल में दर्जनों ट्यूबवेल और मोटरें खराब हैं, जिस कारण पानी की सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है। इस रेनीवेल पर कुल 33 ट्यूबवेल लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल 13 ट्यूबवेल ही इस वक्त काम कर रहे हैं। बाकी के 20 ट्यूबवेल पूरी तरह से खराब हैं। इनमें मोटर लगाने का काम किया जा रहा है।

ददसिया रेनीवेल पर कार्यरत आपरेटर हमीद ने बताया कि यमुना में पानी न होनेे और बरसात न पडने से लगातार जल स्तर घटता जा रहा है। कभी 22 फुट नीचे पानी निकलता था वहां अब करीब 38 फुट पर पानी पहुंच गया है अगर  इसी रफ्तार से जल स्तर कम होता रहा तो आने वाले दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चोटाला द्वारा 2003 में शहर को पानी देने वाला ददसिया रेनीवेल खुद पानी के लिये दरसेगा। क्योंकि रेनीवेल में क्षमता 80 फुट तक पानी खींचने की है उससे नीचे जल स्तर गया तो रेनीवेल पूरी तरह से ठप्प हो जायेगा। वहीं उन्होंनें बताया कि एक मोटर एक मिनट में 15 हजार लीटर पानी निकालती है और 1 घंटे में करीब 90 लाख लीटर पानी जमीन से निकाला जाता है जिससे ददसिया और आसपास के गांवों में पानी की भारी किल्लत आने लगी है जमीन का स्तर कम होता जा रहा है अगर ऐसे ही स्तर घटता गया तो आने वाले समय में गांव में भी पानी के लिये त्राहि- त्राहि मच जायेगी। 

पिछले करीब 15 दिनों से रेनीवेल नम्बर 2 पर खराब पडी मोटर के बारे में आपरेटर अरूण तिवारी ने बताया कि रेनीवेल की मोटर खराब होने से तीन मोटरें ही काम कर रही है जिससे कम पानी की सप्लार्अ की जा रही है जिसकी शिकायत करने के बाद अभी भी मोटर बदलने का काम नहीं करवाया गया है। रेनीवेल के आसपाल लगे हुए ट्यूबवेलों का रियलिटी चैक करने पर देखा गय है कि ट्यूबेलों में न तो बिजली के कनेक्शन थे और न ही पानी खींचने वाली मोटरें, इतना ही नहीं जमीन में डाली गई पानी की पाईपें भी पूरी तरह से मिट्टी भर जाने के चलते बंद पडी हुई मिली, जिसके देखने से ऐस लगा कि बर्षो से ट्यूबवेल खराब पडा हुआ है जिससे अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है।

नगर निगम कर्मचारी सुरेश कुमार ने बताया कि रेनीवेल के पूरे पानी को एकत्रित कर शहर में भेजने वाले मेन बूस्टर पर तैनात आपरेटर नगर निगम के कर्मचारी सुरेश कुमार ने बताया कि शहर में अभी पूरी तरह से पानी की सप्लाई को बंद नहीं किया गया है कुछ ट्यूबवेेल खराब है औ कुछ ठीक है जिनसे पानी का सप्लाई थोडा - थोडा करके जारी कर रखी है, हलांकि ये  सच है कि उनके ट्यूबवेल खराब है जिन्हें ठीक करवाने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। 





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