Tuesday, March 13, 2018

सड़क निर्माण को लेकर धरना दे रहे बाबा रामकेवल के समर्थन में पूर्व मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर


Former mayor, senior deputy mayor

फरीदाबाद, 13 जनवरी(abtaknews.com) स्मार्ट सिटी शहर की प्रमुख सड़क हार्डवेयर चैक से प्याली चैक तक जर्जर और धूल फांक रही सड़क बनाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे बाबा रामकेवल के साथ निगम के पूर्व महापौर अषोक अरोड़ा, पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर मुकेष शर्मा और  पूर्व उपमहापौर राजेन्द्र भामला सहित अनेकों लोगों ने विरोध प्रदर्षन किया। प्रदर्शन कर रहे बाबा रामकेवल ने कहा कि भाजपा राज और निगम अधिकारियों के अडियल रवैये के कारण हार्डवेयर चैक से प्याली चैक की सड़क दिन-प्रतिदिन धूल तो फांक रही हैं और इस पर लोगों का निकलना भी दूर्भर हो चुका है। स्मार्ट सिटी का ढिंढोरा पीटने वाले अधिकारी यहां आकर देखें तो पता चलेगा कि किस प्रकार से लोगों का आवागमन तो दूर्भर हो चुका है और साथ ही सड़कों पर भरे गंदे पानी ने भी विकराल रूप ले लिया है। बाबा रामकेवल ने कहा कि अगर निगम प्रषासन द्वारा उक्त सड़क की समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो यह विरोध प्रदर्षन अनशन का रूप ले लेगा।

निगम के पूर्व महापौर अषोक अरोड़ा ने कहा कि हार्डवेयर चैक से प्याली चैक तक जर्जर सड़क पर पिछले चार महीने से नाले का पानी ओवरफलो होकर जमा हो रहा था जिससे यहां से आने-जाने वाले हजारों लोगों को परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है और निगम अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोये हुए है। उक्त सड़क के किनारे दो नाले है जिसमें एक नाला वैक्यूम ग्लास कंपनी के बराबर होते हुए सेक्टर-22 के नाले में गिरता है जबकि दूसरा नाला जाट धर्मषाला से लेकर हार्डवेयर चैक तक जाने वाले नाले से मिलता है। यदि इन दोनों नालों की सफाई करा दी जाए तो गंदे पानी का बहाव सड़कों पर से रूक जाएगा।

वहीं निगम के पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर मुकेष शर्मा का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री चै. भूपेन्द्र सिंह हुडडा के कार्यकाल में फरीदाबाद नंबर-1 पर था और आज यहीं फरीदाबाद सबसे पिछड़ कर रह गया है। हार्डवेयर चैक से प्याली चैक तक की सड़क पर कई बार पूर्व मुख्यमंत्री का आगमन हुआ और यह रोड एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में सीएम हुडडा रोड के नाम से जानी जाने ली। उनके कार्यकाल में हार्डवेयर चैक से प्याली चैक तक की सड़क ही नहीं अपितु शहर की सभी सड़कें चमचमाती थी, सीवरेज व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ-साथ पार्कों के सौन्दर्यीकरण और साफ-सफाई भी अच्छी व्यवस्था थी परन्तु जिस फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया है आज उसकी हालत बद से बदतर हो चली है। शहर के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में टूटी सड़कें, सीवरेज ओवरफ्लों, गंदगी के ढेर, पीने के पानी की समस्या, पार्कोंे की दुर्दषा इसका जीता जागता उदाहरण है। अगर निगम आयुक्त उक्त अधिकारियों पर कड़ा रूख अपनाए तो शहर में हो रहे विकास कार्यों को तेज गति तो मिलेगी ही साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान भी समय पर ही होगा।

निगम के पूर्व उपमहापौर राजेन्द्र भामला ने कहा कि हार्डवेयर चैक से प्याली चैक तक सड़कों को लेकर दिन-प्रतिदिन प्रदर्षन और धरनेबाजी हो रहे है परन्तु निगम के अधिकारी इस ओर किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दे रहे हैं। निगम आयुक्त की जानकारी में भी प्रतिदिन हो रहे प्रदर्षन और धरने की जानकारी है। निगम द्वारा प्रत्येक वार्ड में लोगों की निगम क्षे़त्र से संबंधित समस्याओं जैसे सीवरेज, पानी, सड़कों, नाले-नालियां, गंदगी, स्ट्रीट लाईटों को दूर करने के लिए आॅनलाईन सहायता केन्द्र भी खोले गए है परन्तु इन समस्याओं का समाधान किसी भी वार्ड में नहीं हो रहा है। वार्डवासी कई-कई बार जाकर अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सहायता केन्द्रों पर दर्ज करवाते हैं परन्तु समस्या ज्यों की त्यों ही बनी रहती है उनका समाधान नहीं हो पाता। निगम आयुक्त को प्रतिदिन आने वाली समस्याओं पर भी गौर करना चाहिए और प्रतिदिन अधिकारियों से उक्त समस्याओं के समाधान की भी जानकारी लेनी चाहिए तभी शहर की समस्याओं से लोगों को निजात मिल सकेगी।


loading...
SHARE THIS

0 comments: