Tuesday, March 27, 2018

कारगिल युध्द में शहीद रघुवीर सिंह का परिवार हो रहा है उपेक्षाओं का शिकार


फरीदाबाद 26 मार्च(abtaknews.com ) शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले ,वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होंगा,  पर  फरीदाबाद में शहीद परिवार की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है । कारगिल युध्द के दौरान शहीद हुए रघुवीर सिंह का परिवार ग्राम पंचायत और सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगा रहे है । जहा एक ओर शहीद का समाधि स्थल उपेक्षा का शिकार है वही सरकार द्वारा घोषित 200 गज का प्लाट भी इन्हें अभी तक नही मिल पाया है । मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संज्ञान में आते ही उन्होंने जाँच का भरोसा दिया है । अगर शहीद परिवारों की और शहीद के समाधि स्थल की इस तरह उपेक्षा होगी और कोई भी उनकी तरफ ध्यान नहीं देगा तो वह दिन दूर नहीं जब नौजवान पीढ़ी सरहद पर देश के लिए जान लुटाने में संकोच करेगी क्योंकि देश के लिए जान लुटाने वाले अपने घर परिवार की चिंता समाज पर छोड़ते हैं और उसके बाद खुद देश पर शहीद हो जाते हैं । पर ना तो सरकार और ना समाज हमारी सुन रहा है यह कहना है कारगिल युद्ध में शहीद हुए रघुवीर सिंह की पत्नी और उनके परिवार का । 15 मार्च 2000 में कारगिल युद्ध के दौरान गाँव सोतई के रहने वाले रघुवीर सिंह देश पर जान लुटाते हुए शहीद हो गए थे । उनकी इस बहादुरी को पूरे देश ने सलाम किया और उसी समय उनके गांव में के सरकारी स्कूल में समाधि स्थल बनाया गया । जिससे आने वाली पीढ़ी रघुवीर सिंह को याद कर गौरान्वित हो और देश पर मर मिटने की कसम खाते हुए इसे याद रखें लेकिन 2018 आते आते न केवल सरकार बल्कि प्रशासन भी पूरी तरह से शहीद रघुवीर सिंह को भूल गया और यही एक वजह है कि रघुवीर सिंह की याद में बनाया गया स्मारक इन दिनों दुर्दशा का शिकार है । स्मारक में चारों तरफ गंदगी का अंबार है, वहीं दूसरी ओर कुछ शरारती तत्वों ने उनकी प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है । पीडि़त परिवार इस बारे में कई बार गांव के सरपंच और जिला प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगा चुके पर कोई भी उनकी सुनने के लिए तैयार नहीं है । कुछ दिन पहले ही उन्हें पता चला कि सरकार ने एक 200 गज का प्लॉट देने की घोषणा की है , लेकिन अभी तक नहीं मिला है ।  शहीद रघुवीर सिंह की समाधि स्थल को पूरी तरह से उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है वही सरकार द्वारा 200 गज का प्लॉट दिए जाने के बाद अभी तक नही मिला है ।15 मार्च 2000 को कारगिल युद्ध के समय रघुवीर सिंह के शहीद होने की खबर उनके घर पहुँची तो पूरे गाँव और आसपास क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद का गाँव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संश्कार हुआ । ज़िला प्रशासन ने शहीद की याद में एक स्मारक गाँव के स्कूल में बनवाया और स्कूल का नाम भी शहीद रघुवीर सिंह के नाम पर रखा गया।  लेकिन आज शहीद के परिजन स्मारक की देखभाल ना होने और हरियाणा सरकार की 200 गज़ का प्लाट देने की घोषणा पूरी ना होने से क्षुब्ध हैं। वहीं इस मामले में बल्लभगढ़ के एसडीएम अमरदीप जैन का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है, जल्द ही बीड़ीपीओ से बात करके शहीद के परिवार को प्लाट दिलवाएँगे और सरपंच के ख़िलाफ़ जाँच कर कार्रवाई करेंगे। जब इस मामले मुख्यमंत्री मनोहर लाल से सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि उनकी सरकार शहीदों का सम्मान करती है और यदि कोई मामला है तोइसकी जाँच करवाई जाएगी।

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