Wednesday, March 21, 2018

पुलिस आयुक्त से मिले मानव रचना कालेज में हुए झगड़े के आरोपी छात्रों के परिजन

Kin of students accused of a dispute in Manchrakshak College from the Commissioner of Police

फरीदाबाद(abtaknews.com ) 21 मार्च,2018; मानव रचना कालेज में गत दिनों छात्रों के दो गुटों में हुई झगड़े के मामले में आरोपी बनाए गए छात्रों के परिजनों ने विधायक नगेन्द्र भड़ाना,आम आदमी पार्टी के बडखल अध्यक्ष धर्मबीर भड़ाना के साथ पुलिस आयुक्त अभिताभ सिंह ढिल्लो से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। आरोपी छात्रों के परिजनों ने ज्ञापन में मांग की कि इस झगड़े की निष्पक्ष जांच की जाए और छात्रों पर भेदभवपूर्ण रवैया अपनाते हुए जो संगीन धाराएं लगाई गई है उन्हें हटाया जाए। परिजनों ने पुलिस पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मामूली सी मारपीट को पुलिस ने विशेष समुदाय के दबाव पर आपराधिक रूप देते हुए लूट, चैन स्नैचिंग और अन्य अपराधिक जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिससे कालेज में पढ रहे बच्चों का भविष्य खतरे में है। परिजनों ने पुलिस आयुक्त से अनुरोध किया कि इस मामले की तह तक जाने के लिए सबसे पहले कालेज के झगड़े की सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए ताकि यह पता चल सके कि आखिर झगड़ा हुआ किस बात पर था। छात्रों का पिछला चाल चलन देखा जाए और उसी पर गौर करते हुए छात्रों के ऊपर लगी संगीन धाराओं को हटाया जाए जिससे कि उनका भविष्य खराब होने से बच सके क्योकि परीक्षाएं भी नजदीक है। आरोपी छात्र के पिता जगबीर भड़ाना ने पुलिस पर आरोप लगाया कि हमने मारपीट के आरोपी छात्रों को स्वयं पुलिस के सुपुर्द किया था इसके बावजूद उन्हें सीआईए को सौंप दिया गया और थर्ड डिग्री दी गई। क्योकि यह सिर्फ झगड़े का मामला था इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। आरोपी छात्र के पिता कर्मवीर ने पुलिस आयुक्त को बताया कि पुलिस ने मेरे पुत्र मनीष भड़ाना के नाम भी मामला दर्ज किया है जबकि वो मारपीट के दौरान मौके पर ही नहीं था जिसका  सबूत वो देने के लिये भी तैयार है मगर पुलिस कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है, अगले महीने में छात्रों के पेपर है अगर उन्हें जल्द ऐसे अपराधिक मामलों से बाहर नहीं निकाला गया तो उनका भविष्य खतरे में पड जायेगा। आरोपी छात्र के पिता विनोद भाटी ने बताया कि उसने अपने बच्चे का 6 माह पहले ही कालेज में एडमिशन करवाया है जो कि दिल का मरीज भी है, उन्होंने तो अपने बच्चो को पुलिस के हवाले भी कर दिया है मगर जिस प्रकार पुलिस ने मारपीट  के केस में धारायें लगाई है उनसे तो उसके बच्चे की जिंदगी खराब हो जायेगी। छात्रों के परिजनों की बात सुनने के बाद पुलिस आयुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसी के साथ नाइसांफी नही होने दी जाएगी। इस मौके पर आरोपी छात्रों के समर्थन में पाली और अनंगपुर गांव से सैकड़ो ग्रामीण भी मौजूद थे।
                                                   

                                                   

                                         


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