Thursday, March 29, 2018

पी.एच.डी. कर दिव्यांग प्राध्यापिका मंजुला ने किया फरीदाबाद का नाम रौशन

PHD. Karvyanand Professor Manjula did Farashabad's name Roshan

फरीदाबाद(abtaknews.com)इरादे बुलंद हो तो इंसान क्या नही कर सकता। ऐसा ही एक उदाहरण फरीदाबाद सरकारी स्कूल  में कार्यरत्त अग्रेजी की प्राधायापिका ने प्रस्तुत कर इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया। यह हौंसला ही है कि दिव्यांग होने के बावजूद भी उन्होने  ओ.पी.जे.एस विश्व विद्यालय राजस्थान से अग्रेजी में ही पी.एच.डी. कर डा. की उपाधि हासिल कर ली।  पी.एच.डी. के लिए उन्हे प्रोत्साहित  करने वाली डा. सीमा सदैव से उनकी मार्गदर्शक रही है। उल्लेखनीय है कि  सेक्टर-28  में रहने वाली मंजुला ने दिव्यांग होने के बावजूद भी अपने मजबूत इरादों को  फलीभूत करते हुए इसी वर्ष 2018 में अग्रेजी में पी.एच.डी. प्राप्त कर फरीदाबाद ही नही बल्कि अपने परिवार का भी नाम रोशन किया है। अगर बात की उनके  शिक्षा के सफर की तो  हरियाणा प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में विगत् 22 वर्षो से वह अपने ज्ञान  से विद्यार्थियों का उचित मार्गदर्शन कर रही है। अपना शुरूआती सफर उन्होने सांईस की अध्यापिका के तौर पर किया था। कडी मेहनत के दम पर उन्होने सन् 2007 में  प्राध्यपिका के पद को गौरवन्नित किया।  हालफिलहाल में वह फरीदाबाद के  सराय स्थित  सीनियर सैंकडरी स्कूल में प्राध्यपिका  के तौर पर कार्यरत्त है परन्तु उनकी दिव्यांगता की वजह से प्रदेश सरकार ने उन्हे सेक्टर-28 स्थित सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी दी हुई है।


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