Thursday, March 8, 2018

उद्योग एवं पर्वावरण मंत्री विपुल गोयल ने किया पर्यावरण से धोखा : लखन सिंगला

Minister Vipul Goyal cheated the environment: Lakhan Singh

फरीदाबाद 8 मार्च(abtaknews.com) हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन कुमार सिंगला ने फरीदाबाद अरावली के प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यावरण को दरकिनार करके प्रोविजनल सीएलयू किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निगम द्वारा इन सीएलयू धारकों को नोटिस जारी करने से कुछ नहीं होगा बल्कि उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फरीदाबाद का सबसे बड़ा घोटाला है और अगर इसकी निष्पक्ष जांच हो जाए तो कई भाजपा नेता इसमें संलिप्त पाए जाएंगे।  प्रेस के नाम जारी एक बयान में श्री सिंगला ने प्रदेश के उद्योगमंत्री विपुल गोयल पर बड़ा तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ तो उद्योगमंत्री पर्यावरण संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करते है, जबकि दूसरी तरफ उनके गृह क्षेत्र में एनजीटी के आदेशों को धत्ता बताकर सीएलयू करवाकर करोड़ों का भ्रष्टाचार किया जा रहा है और मंत्री महोदय इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। श्री सिंगला ने कहा कि कैसी विडंबना है कि भाजपा सरकार में हो रहे इस आकंठ भ्रष्टाचार का खुलासा भी कुछ भाजपा नेताओं द्वारा ही किया जा रहा है, इससे साबित होता है कि सरकार की नीति और नीयत में कितना फर्क है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगमंत्री के पास पर्यावरण जैसा बड़ा मंत्रालय होने के बावजूद वह समय-समय पर अपने आकाओं को खुश करने के लिए पर्यावरण को बचाने के लिए कोई न कोई प्रोपगंडा कर जनता को गुमराह करने का काम करते है वहीं दूसरी ओर उन्हीं के गृह क्षेत्र के प्रतिबंधित इलाके के सीएलयू के नाम पर अवैध दोहन को खुली छूट दी जा रही है। ऐसे में सरकार की क्या मजबूरी है कि इसी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रोविजनल सीएलयू की नई परंपरा शुरु करके कानून को ताक पर रखकर उन्हें जमीन दोहन की खुली छूट दे दी जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सरकार ने इन सीएलयू को रद्द नहीं किया और इनके स्वामियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की तो कांग्रेसी कार्यकर्ता सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने से कतई गुरेज नहीं करेंगे। गौरतलब है कि नगर निगम फरीदाबाद ने सूरजकुंड रोड स्थित इस प्रतिबंधित अरावली क्षेत्र में लगभग 15 से 20 प्रोविजनल सीएलयू कर दिए थे विभाग ने प्रोविजनल सीएलयू करने के बाद विभिन्न विभागों से एनओसी मांगी थी परंतु जब वह एनओसी नहीं दे पाए और मामला चंडीगढ़ दरबार तक पहुंच गया तो प्रशासन ने आनन-फानन में इन सीएलयू धारकों को नोटिस जारी कर दिए। 

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