Saturday, March 10, 2018

वाईएमसीए युवा उत्सव में विद्यार्थियों ने चलाई युवा संसद, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर की चर्चा

YMCA Youth Festival organized by students, candidly discuss issues such as Youth Parliament and Women's Security

फरीदाबाद, 10 मार्च(abtaknews.com) वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा आयोजित युवा उत्सव आज प्रारंभ हो गया। यह उत्सव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने युवाओं को संसदीय प्रणाली की कार्यवाही से अवगत करवाने तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं को भागीदार बनाने के उद्देश्य से मॉक पार्लियामेंट के आयोजन पर जोर दिया था। इसी के दृष्टिगत विश्वविद्यालय के युवा उत्सव का तीसरा संस्करण युवा संसद पर केन्द्रित है, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 50 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है तथा विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रख रहे है।

अपने संदेश में कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण होती है और विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों का लाभ उठाना चाहिए तथा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। विश्वविद्यालय द्वारा वार्षिक रूप से आयोजित किये जाने वाले युवा उत्सव का यह तीसरा संस्करण है, जिसे विश्वविद्यालय के विद्यार्थी क्लब ‘अनन्या’ जोकि साहित्यिक गतिविधियों के लिए है, द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम को अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. नरेश चौहान की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है, जिसका समन्वयन डॉ. सोनिया बंसल तथा डॉ. ज्योति ग्रोवर द्वारा किया जा रहा है।

दो दिवसीय वाद-विवाद गतिविधियों के इस आयोजन के लिए एक मॉक (बनावटी) संसद को तैयार किया गया है, जहां सभी प्रतिभागी सांसदों की भूमिका निभा रहे है और इस संसद की कार्यवाही के लिए तैयार एजेंडे पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे है। संसदीय कार्यवाही में भूमिका निभा रहे विद्यार्थियों की उत्साह देखते ही बनता है। वे लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रधानमंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष जैसी भूमिकाओं का निवर्हन बेहतर ढंग से करते नजर आ रहे है, जिससे उन्हें संसदीय कार्यवाही एवं प्रणाली को सीखने में मदद मिल रही है। युवा संसद में वाद-विवाद के लिए एजेंडे में देश में शिक्षा प्रणाली की समीक्षा, आरक्षण व्यवस्था, महिला सुरक्षा तथा महिला सशक्तिकरण शामिल हैं। प्रत्येक एजेंडे के लिए दो-तीन व्यक्तियों का एक निर्णायक पैनल है, जो वाद-विवाद की समीक्षा कर रहा है और विजेता का निर्णय प्रतिभागियों द्वारा दो दिनों की परिचर्चा के आधार पर किया जायेगा। 

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