Sunday, March 4, 2018

केबिनेट मंत्री ने गौसेवा आयोग की तरफ से गौशालाओ को बांटे अनुदान के चैक


फरीदाबाद 4 मार्च। हरियाणा गोसेवा आयोग द्वारा फरीदाबाद के सेक्टर 16 स्थित सर्किट हाउस में गोशालाओ के संचालको को गौशालाओ के विकास के लिए अनुदान के चैक बांटे गए. इस मौके पर केबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने गौसेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला की मौजूदगी में यह चैक वितरित किये। इस मौके पर गौशालाओ को स्वालम्बी बनाने के ऊपर चर्चा की गयी की कैसे गौशालाओ की आमदनी बढ़ाई  जाए. जहाँ एक तरफ आयोग के अध्यक्ष ने गोबर और गौमूत्र से फिनाइल और कीटनाशक के अलावा गोबर के ईंधन बनाने की बात कही वहीँ उन्होंने गोबर से बायो सीएनजी बनाने के पायलेट प्रोजेक्ट की जानकारी भी दी. इस मौके पर केबिनेट मंत्री ने कहा की गौशालाएं चलाना सरकार का काम नहीं यह समाज का काम है लेकिन सरकार बनायी गयी योजनाओ में सहयोग जरूर दे सकती है। हरियाणा गौसेवा आयोग द्वारा आज फरीदाबाद में पांच गौशालाओ के संचालको को केबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने करीब सात लाख रूपये अनुदान के चैक वितरित किये ताकि गौशालाएं अपने पैरो पर खड़ी हो सके. उन्होंने कहा की आज गौशालाओ के विकास के लिए आयोग द्वारा अनुदान दिया गया है और जल्दी ही इनके विकास को लेकर वर्कशाप भी आयोजित की जायेगी। उन्होंने कहा की गौशालाएं चलाना सरकार का काम नहीं यह समाज का काम है लेकिन सरकार बनायी गयी योजनाओ में सहयोग जरूर दे सकती है. उन्होंने बताया की गौसेवा आयोग के अध्यक्ष के द्वारा गोबर के कंडे बनाने की बात कही गयी है और उनके द्वारा मांग की गयी है की इन गोबर के कंडो को उद्योगों में चलाये जा रहे बायलर में इस्तेमाल किया जाए जिसके लिए उन्होंने अधिकारियों को आदेश दे दिया है. इसके अलावा गौमूत्र से फिनाइल और कीटनाशक बनाने पर भी चर्चा की गयी है ताकि गौशालाओ की आमदनी बढ़ सके. । इस मौके पर गौसेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला ने कहा की इसी महीने अलग अलग जोन  बनाकर वर्कशॉपो का आयोजन किया जाएगा जिसमे गोबर और गौमूत्र के उपयोग को लेकर सरकार के सहयोग से योजना बनायी जायेगी। उन्होंने कहा की गोबर के कंडो  का इस्तेमाल शमशान में भी हो ताकि लकड़ी को बचाकर पर्यावरण को बचाया जा सके. उन्होंने कहा की उद्योगों के बायलर में यदि गोबर के कंडो का इस्तेमाल होना शुरू हो जाये तो इससे गौशालाओ की आमदन बढ़ेगी। उन्होंने कहा की आयोग द्वारा गौशालाओ को गोबर के गमले बनाने की मशीन दी जायेगी जिस पर 90 त्न अनुदान गौसेवा आयोग देगा। गोबर के इन गमलो में वन विभाग पौधों की पौध तैयार करेगा और फिर पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद होगा। इसके अलावा गोबर से धुप-अगरबत्ती , टिकिया और दिया बनाने की मशीने भी 90 त्न अनुदान पर उन्ही गौशालाओ को दी जायेगी जो इनका निर्माण करेंगे।  बायो गैस प्लांट लगाने की योजना पर भी आयोग काम करेगा। उन्होंने बताया की गुरुग्राम में बायो सीएनजी प्लांट पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाया जा रहा है और जिसके कामयाब होने पर हरियाणा के अन्य जिलों में भी इसे लगाया जाएगा। इसके अलावा आयोग जेलों में भी गौशालाएं खोलने की योजना बना रहा है और पहला पायलेट प्रोजेक्ट करनाल जेल से शुरू होगा। 

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