Saturday, March 3, 2018

लघु सचिवालय के सामने आंगनवाड़ी वर्करों व हैल्परों का धरना शनिवार को भी रहा जारी

Anganwadi workers and helplars continue to remain in front of the small secretariat on Saturday

फरीदाबाद, 3 मार्च,2018(abtaknews.com) : सरकार द्वारा बीएमएस व आधारहीन यूनियनों के साथ किए समझौते से नाराज आंगनवाड़ी वर्करों व हैल्परों ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय पर जमकर आक्रोश प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने  मानदेय में बढ़ोतरी को अपर्याप्त व नाकाफी करार देते हुए वीरवार को सरकार व सरकारी यूनियन के बीच हुए समझौते को पूरी तरह से नकार दिया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं सीटू से सम्बंधित आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हैल्पर्स यूनियन हरियाणा की प्रधान देवेन्द्री शर्मा ने ऐलान किया कि 5 मार्च को सीएम सिटी करनाल में राज्यस्तरीय रैली आयोजित कर कार्यकर्ता सरकार को करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि करनाल रैली में फूट डालो और राज करो की नीति तथा कार्यकर्ताओं की सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने व 18 हजार न्यूनतम वेतनमान न देने के विरोध में निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। प्रदर्शन में सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव में सभी विपक्षी राजनैतिक दलों से 5 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल की सरकार द्वारा की जा रही अनदेखी का मामला सदन में उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 18 हजार रूपए न्यूनतम वेतनमान, आंगनवाड़ी सेंटरों व वर्करों तथा हैल्परों के वर्दी भत्तों में बढ़ोतरी सहित रिटायरमेंट लाभ नहीं दिए जाएंगे, प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, जिला प्रधान अशोक कुमार, सचिव युद्धवीर सिंह खद्धी, सह-सचिव धर्मबीर वैष्णव ने 5 मार्च की करनाल रैली का पुरजोर समर्थन करने का ऐलान किया। 

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा ने कहा कि सीटू व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से सम्बंधित यूनियन शुरू से ही वर्कर व हैल्पर को क्रमश: तीसरे व चौथे दर्जे के सरकारी कर्मचारी का दर्जा व वेतनमान देने की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर को ग्रेड में शामिल करना सकारातमक कदम जरूर है, परंतु सरकार वेतन बहुत कम देना चाहती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार हैल्परों को अकुशल मजदूर भी मानें तो, उनका वेतन 9258 बनता है। इसलिए हम मांग कर रहे हैं कि हैल्पर को अकुशल मजदूर माना जाए और केन्द्र सरकार द्वारा वर्कर के घोषित न्यूनतम वेतनमान 18000 दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का तर्क है कि हम हरियाणा का ही वेतन दे सकते हैं। इस पर हरियाणा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को आज 16,900 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं। इसलिए यह तो कम से कम मिलना ही चाहिए। यूनियन की सचिव मालवती, उपप्रधान गीता, सह-सचिव सीमा एवं बाला आदि ने कहा कि सरकार रिटायरमेंट लाभों व पैंशन बारे एक शब्द तक नहीं बोल रही है। इसी प्रकार हैल्पर से वर्कर व वर्कर से सुपरवाईजर की पदोन्नति बिना किसी शर्त के कम से कम 50 फीसदी होनी चाहिए। प्रदर्शन को आंगनवाड़ी यूनियन की नेता कमलेश, विधु प्रभा, सुरेन्द्री, सीमा, गीता, सुमन मोर, आरती, इन्द्रा, शकुंतला आदि ने समबोधित किया। 

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