Friday, March 9, 2018

मुख्यमंत्री खट्टर से मिला राष्ट्रीय अनूसूचित जातियां आयेाग प्रतिनिधिमंडल



चण्डीगढ़, 9 मार्च(abtaknews.com)हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अगुवाई में अनूसूचित जातियां वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए लगातार प्रयत्न किए जा रहे हैं और आज इस संबंध में राष्ट्रीय अनूसूचित जातियां आयेाग का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल व राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला। इस प्रतिनिधिमंंडल को राज्य के मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि अनुुसूचित जातियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जाएंगें। 
यह जानकारी आज यहां हरियाणा निवास में राष्ट्रीयअनुसूचित जातियां आयोग के चेयरमैन प्रो. राम शंकर कथेरिया द्वारा पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी। इस मौके पर आयोग के उपाध्यक्ष श्री एल. मुरूगन, सदस्य श्री के. रूमूलू, डा. योगेन्द्र पासवान और डा. स्वराज विधवान भी उपस्थित थी। 
राष्टï्रीय अनुसूचित जातियां आयोग के चेयरमैन प्रो. राम शंकर कथेरिया ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक तीन माह के पश्चात अनुसूचित जाति विभाग तथा उनसे संबंधित योजनाओं के संबंध में बैठक की जा रही है, जो एक सराहनीय बात है। इसी प्रकार, जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन माह के पश्चात यह बैठक नियमित तौर पर होनी चाहिए। 
उन्होंने कहा कि राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति से संबंधित लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं, उनको दी जा रही सुविधाओं इत्यादि को ठीक प्रकार से संचालित करने लिए राज्य के मुख्यमंत्री से उनकी बात हुई है। इसके अलावा, छात्रावास स्थापित करने, आईएएस व नेट के लिए कोचिंग केन्द्र स्थापित करने जैसी सुविधाओं पर उनकी चर्चा मुख्यमंत्री के साथ हुई है। 
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के अधिकारियों के साथ उनके प्रतिनिधिमंडल की एक बैठक भी हुई जिसमें अधिकारियों ने एससी व एसटी एक्ट से संबंधित यदि कोई मामले हैं तो उसे जल्द निपटाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान पुलिस के मामलों में एससी व एसटी संबंधित धाराओं को जोडऩे पर भी चर्चा की गई जिसके कारण एससी लोगों को मुआवजा मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। 
उन्होंने कहा कि नाबालिगों के साथ होने वाले मामलों पर पोक्सो एक्ट की धाराएं सही प्रकार से लगाई जाएं ताकि इस प्रकार के किसी भी मामले में कोई दिक्कत न हो। वहीं, छात्रवृति से संबंधित मामलों पर भी राज्य के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है जिस पर अधिकारियों ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई मामला लंबित है तो उसे जल्द ही निपटा दिया जाएगा। 
श्री कथेरिया ने बताया कि सीवरेज में होने वाली मृत्यु से संबंधित मामलों को निपटाने पर भी अधिकारियों से बातचीत हुई है। उनका कहना है कि सीवरेज की सफाई के दौरान होने वाली मृत्यु में 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है और यदि मरने वाला व्यक्ति एससी से संबंधित है तो उसे बीमा सहित तथा एससी व एसटी एक्त के तहत सवा आठ लाख रुपए के साथ लगभग 28 लाख रुपए तक का मुआवजा दिया जाना बनता है। इसके अलावा, उनका सुझाव है कि इस मामले में मरने वाले के परिजन को नौकरी का प्रावधान व 5000 रुपए तक की मासिक पेंशन देने की व्यवस्था होनी चाहिए। 
इस मौके पर अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा विभाग के प्रधान सचिव श्री अनिल कुमार, निदेशक श्रीमती गीता भारती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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