Wednesday, March 28, 2018

वाईएमसीए विश्वविद्यालय द्वारा एमएसएमई काॅन्क्लेव-2018 का आयोजन


MSME Conclave-2011 organized by YMCA University

फरीदाबाद, 28 मार्च,2018(abtaknews.com) वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा ‘तेजी से बदलते समय के लिए तैयारी’ विषय को लेकर आज एमएसएमई काॅन्क्लेव-2018 का आयोजन किया गया। काॅन्क्लेव में विद्यार्थियों को स्टाॅर्ट अप तथा नये बिजनेस आइडिया पर काम करने के लिए प्रेरित किया गया।इस काॅन्क्लेव का आयोजन टीईक्यूआईपी-3 परियोजना के तहत विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने तथा उनके अभिनव विचारों को सार्थक व्यवसाय में परिवर्तित करने के लिए मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया। काॅन्क्लेव में लगभग 150 एमएसएमई उद्योग के प्रतिनिधियों, एलुमनी तथा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। काॅन्क्लेव के आयोजन में बिजनेस स्टैंडर्ड और आईएमएसएमई आफ इंडिया का भी सहयोग रहा।
MSME Conclave-2011 organized by YMCA University

काॅन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू मुख्य अतिथि रहे। सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की। फरीदाबाद लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष राजीव चावला, मेलको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेश वी. के. मलिक तथा टैक्समन पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के हेड टैक्सेशन आदित्य सिंघानिया सत्र में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन द्वारा हुआ।एलुमनी व कारपोरेट अफेयर सेल के निदेशक डाॅ. संजीव गोयल ने एमएसएमई काॅन्क्लेव के बारे में जानकारी दी तथा इसके उद्देश्यों के बारे में बताया। 

काॅन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि यह प्रसन्नता का विषय है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लघु एवं मध्यम उद्योगों में रूचि ले रहे है तथा फरीदाबाद के औद्योगिक विकास में वाईएमसीए के विद्यार्थियों की अहम भूमिका रही है। औद्योगिक-अकादमिक के बीच अंतराल को भरने पर बल देते हुए कुलपति ने कहा कि लघु व मध्यम उद्योगों की जरूरतों पर चर्चा करने की आवश्यकता है और इस क्षेत्र में प्रभावी योगदान देने के लिए शिक्षण संस्थानों को पाठ्यक्रमों में बदलाव की आवश्यकता है ताकि विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों को सही शिक्षा के साथ जरूरी कौशल भी मिले।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज नेहरू जोकि हरियाणा कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक भी है, ने कहा कि बिजनेस के नये माॅडल विकसित होने के परिणामस्वरूप प्रत्येक क्षेत्र में बदलाव व आधुनिकीकरण हुआ है तथा दबाव बढ़ रहा है। यह देखा जा रहा है कि नौकरियों की संख्या नहीं बढ़ रही है अपितु नौकरियों में नई भूमिकाएं विकसित हो रही है और परम्परागत नौकरियों खत्म होती जा रही है। उन्होंने बल दिया कि पाठ्यक्रम में जरूरत की अनुसार बदलाव नहीं हो रही है। इसका मुख्य कारण शिक्षाविद्ों, विद्यार्थियों तथा नियोक्ताओं के बीच की दूरी है। इन सब को एक मंच पर आना होगा। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि हमें समय की मांग के अनुरूप बदलाव की जरूरत तो है लेकिन हमें अपने मूल्य प्रणाली को भी पकड़े रहना होगा जो हमारी बुनियाद है।

फरीदाबाद लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष राजीव चावला ने भी सत्र को संबोधित किया तथा विद्यार्थियों को अभिनव विचारों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने बिजनेस आइडिया को लेकर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।इस अवसर पर वाईएमसीए विश्वविद्यालय तथा आईएमएसएमई आफ इंडिया के बीच एक समझौता ज्ञापन भी हस्तांतरित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने तथा उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना है। 

काॅन्क्लेव के दौरान से नई तकनीकों, विमुद्रीकरण, जीएसटी, डिजिटाइजेशन तथा वित्तीय उपलब्धताओं जैसे विषयों पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस अवसर पर स्टार्ट अप को लेकर विद्यार्थियों के नवीनतम विचारों को प्रोत्साहित करने केे लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों से नये व्यवसायों को लेकर उनके विचारों को पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से आमंत्रित किया गया था। प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार अभिषेक कुमार, मनोज कुमार व पुष्पेन्द्र की टीम के ‘इलेक्ट्रोसाइंथसिस’ प्रोजेक्ट को मिला। इसी प्रकार, ‘ससटेनेबल साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ तथा ‘सिगनल आन व्हील’ प्रोजेक्ट्स को क्रमशः दूसरा व तीसरा पुरस्कार दिया गया। काॅन्क्लेव के समापन पर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। 

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