Thursday, February 8, 2018

शिव नादर स्कूल, फरीदाबाद में छात्रों द्वारा प्रस्तुत संगीत की संध्या ‘आनंदम’ सबको भाया

The evening of music presented by students at Shiv Nadar School, Faridabad, 'Anandam'

फरीदाबाद (abtaknews.com -दुष्यंत त्यागी ) 8 फरवरी, 2018: शिव नादर स्कूल, फरीदाबाद (के12 शिक्षा में शिव नादर फाउंडेशन की एक गैर लाभकारी पहल) के छात्रों ने हाल ही में संपन्न हुए ‘आनंदम’ में मंचीय कलाओं में अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। ‘आनंदम’ का आयोजन अकादमिक कैलेंडर वर्ष में आहा कार्यक्रम केे समापन के तौर पर किया जाता है।आहा संगीत कार्यक्रम में छात्रों ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को पेष किया जिसके तहत उन्होंने शास्त्रीय संगीत में सबसे बुनियादी गीत ‘लक्ष्मण गीत’ से लेकर संध्या के समय गाये जाने वाले राग बिहार गीत गाये। उन्होंने कुछ सूफी गीत भी गाए।

पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों ने ‘द जिंजर ब्रेड मैन’ नाटक प्रस्तुत किया, जो प्राचीन काल की बाल कथा है जिसके अंत में अनोखा मोड़ आता है। तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों ने नाटक ‘द पोस्ट आॅफिस’ में अपने नाटकीय कौशल का प्रदर्शन किया, जो सपने और इच्छाओं के बीच की यात्रा को दर्शाती है। छठी और सातवीं कक्षा के छात्रों ने ‘डार्क इज द नेशन एंड इनसेन इज द किंग’ नामक नाटक में अभिनय किया, जो राजनीतिक व्यंग्य है।नृत्य सीखने वाले छात्रों ने प्रत्येक नृत्य के पदचाप में अपनी शिष्टता और अनुग्रह के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों ने ओडीसी गायन, ‘अभिनय दर्पण’ प्रस्तुत किया। तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों ने ओडिसी गायन, सूर्य भगवान की प्रार्थना ‘सूर्य अष्टकम’ प्रस्तुत किया। छठी और सातवीं कक्षा के छात्रों ने कथक गायन प्रस्तुत किया जिसका षीर्शक ‘नृत्य और नृत्त’ था, जबकि तीसरी से पांचवी कक्षा के छात्रों ने ‘कथा वचन’ नामक कथक गायन प्रस्तुत किया जो तर्कसंगत लयबद्ध पैटर्न में भगवान कृष्ण की गोवर्धन लीला को दर्शाता है।

शिव नादर स्कूल के12 प्राइवेट शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक उत्कृष्टता प्रदान करने और जीवन के लिए शिक्षा प्रदान करने के लिए शिव नादर फाउंडेशन की एक पहल है। एनसीआर में तीन स्कूलों के साथ, शिव नादर स्कूल छात्रों को ऐसा वातावरण प्रदान करता है जो उनकी प्रतिभा और कौशल पहचान एवं विकास में मदद करता है। इसका उद्देष्य समाज के लिए नैतिक, सम्मानपूर्ण, सुखी और उद्देश्यपूर्ण नागरिकों के रूप में बच्चों को पोषित करना है। तीन हजार से ज्यादा छात्र और उनके माता-पिता के साथ-साथ 450 शिक्षकों की टीम शिव नादर स्कूल परिवार के हिस्से हैं।

शिव नादर फाउंडेशन  की स्थापना एचसीएल के संस्थापक शिव नादर ने की थी। एचसीएल 8 अरब डॉलर की अग्रणी प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य देखभाल उद्यम है। फाउंडेशन का उद्देष्य षिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में संस्थानों की स्थापना करके एवं नई पहल करके राश्ट्र निर्माण एवं सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया में योगदान देना है। यह फाउंडेषन लोकापचार आधारित परिवर्तनकारी षिक्षा के माध्यम से सामाजिक आर्थिक विशमता को पाटने के लिए लोगों को सक्षम बनाकर अधिक से अधिक समतामूलक एवं प्रतिभा आधारित समाज की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

फाउंडेशन ने 1996 में एसएसएन इंस्टीट्यूशंस की स्थापना की, जिसमें चेन्नई, तमिलनाडु में एसएसएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (जो भारत का उच्च स्तरीय निजी इंजीनियरिंग कॉलेज) भी शामिल है। फाउंडेशन ने विद्याज्ञान की भी स्थापना की है। यह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और सीतापुर में योग्य ग्रामीण बच्चों के लिए एक आवासीय लीडरशिप अकादमी है। इसके अलावा फाउंडेशन शिव नादर विश्वविद्यालय  भी संचालित करता है। यह भारत के राश्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेटर नौएडा में स्थित मल्टीडिसिप्लिनरी विश्वविद्यालय है जहां मजबूत अनुसंधान ढाँचा है। शिव नादर स्कूल भारत में प्रगतिशील  शहरी स्कूलों का एक ऐसा नेटवर्क है जिसका उद्देष्य बच्चों को ऐसी षिक्षा प्रदान करना है जिससे कि आजीवन के लिए षिक्षार्थी बन सकें। फाउंडेषन के पास किरण नादर कला संग्रहालय (;ूूूणदउंण्पद) भी है जो आधुनिक और समकालीन कला में भारत का सबसे बड़ा निजी लोकोपयोगी संग्रहालय है और जिसे आम जनता के बीच कला को ले जाने की दृष्टि के साथ स्थापित किया गया है।        

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