Thursday, February 22, 2018

नौकरशाही कैसे करती है काम, मनोहर सरकार से सीखें केजरीवाल*


How does the bureaucracy work, learn from the Manohar Government Kejriwal *


फरीदाबाद(Abtaknews.com)सोमवार देर रात को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जो भी हुआ वह भारतीय लोकतंत्र को शर्मसार कर देने वाली घटना है। नौकरशाह और राजनीतिज्ञों के बीच विवाद अक्सर होता रहता है, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायकों के ऊपर प्रदेश के मुख्य सचिव से मारपीट का आरोप शायद ही पहले कभी लगा हो। इस कृत्य ने इस घटना ने साफ कर दिया है कि नौकरशाह और दिल्ली के राजनीतिज्ञों के बीच तालमेल नहीं है। ऐसे में केजरीवाल को हरियाणा आकर सीखना चाहिए कैसे भ्रष्ट व्यवस्था में लिप्त नौकरशाहों से ईमानदारी वाला काम कराया जाता है? साथ ही समझ में आएगा कि 200 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को भ्रष्टाचार में सस्पेंड करने के बाद नौकरशाह आमजन के जीवन को सुखमय बनाने में जूटे हुए है। 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने सिपहसलारों के साथ 15 दिसंबर से 17 दिसंबर हिमाचल की वादियों में सादगीपूर्ण तीन दिवसीय चिंतन शिविर में हिस्सा लिया था। परवाणू स्थित टिंबर ट्रेल में आयोजित शिविर में मुख्यमंत्री ने अपने आला मंत्रियों के साथ 61 अधिकारियों (आईएएस, आईपीएस और आईएफएस) यानि बडी अफसरशाही के साथ 2030 के प्रदेश का ब्लू प्रिंट तैयार किया। हरियाणा के इतिहास में ऐसा आयोजन पहली बार हुआ, जहां नौकरशाह और राजनीतिज्ञों ने मिलकर खेत, किसान और युवाओं पर मिलकर चिंतन किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने का पाठ पढ़ाने के साथ सरकार के साथ सामंजस्य बिठाने का पाठ पढ़ाया। यह पहली बार था कि जब किसी मुख्यमंत्री ने नौकरशाही को अपनी टीम कहते हुए उन्हें दूरदर्शी सोच अपनाने का आहवान किया। निश्चित तौर पर इसी टीम वर्क के कारण आज मनोहर सरकार प्रदेश व्यवस्था परिवर्तन की वाहक बनी है। तीन साल के कार्यकाल में सरकार भ्रष्ट व्यवस्था को जड़ से खत्म कर एक ऐसे शासन का निर्माण कर रही है, जहां योग्यता का सम्मान हो, जो पक्षपात एवं भाई-भतीजावाद रहित हो, जो पारदर्शी हो तथा गरीब हितैषी है। 

इसी टीम वर्क के कारण प्रदेश में सीएम विंडो जैसा नया प्रयोग सफल हुआ है। जहां तीन साल में 3.92 लाख शिकायतें आॅनलाइन तरीके से आई, जिसमें से 3.42 लाख शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। साथ ही प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जहां अब प्रदेश के एक करोड 36 लाख उपभोक्ता को माइक्रो सेकंड के हिसाब से राशन बांटा जाता है। इसी नौकरशाही का कमाल है, जिसके अथक प्रयास से बेटी को बोझ समझने वाली मानसिकता में बदलाव आया है और कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध पर रोक लगी। ये सफल राजनीतिज्ञ का कारनामा है, जिसके कारण आज प्रदेश के टीचरों को तबादले के लिए मंत्री-संतरी के चक्कर नहीं लगाने पडते। साथ ही प्रदेश में घूसखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर लोगों की धारणा बदल रही है। आज प्रदेश के गांव में अनपढ़ व्यक्ति पंचायत का संचालन नहीं करता। बल्कि बीए, बीएड, एमए पास नौजवान पंचायत की अगुवाई करता है। जिसके कारण विकास कार्यों ने तेजी पकड़ी है। साथ ही नौजवानों का हौंसला बढ़ा है। व्यवस्था परिवर्तन के इस सुधारात्मक दौर में मनोहर सरकार लगी हुई है। भ्रष्ट व्यवस्था से दुखी प्रदेश की जनता तक सुविधा कम समय में पहुंच रही है। शायद मनोहर सरकार को यह बात याद है कि प्रदेश के लोगों ने विकास के लिए उन्हें बहुमत दिया था, न कि अधिकारियों के साथ बेवजह विवाद पैदा करने के लिए। ऐसे में यदि दिल्ली के अधिकांश अधिकारी केजरीवाल सरकार से नाराज हो रहे हैं तो उन्हें मनोहर सरकार से सबक लेकर आत्ममंथन करना चाहिए। यह स्थिति किसी भी सूरत में दिल्ली के हित में नहीं है और केजरीवाल अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। 

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