Saturday, February 10, 2018

पुलिस कमिश्नर से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ क्राइम ब्रांच से जांच की मांग

Police Commissioner seeks probe against Crime Branch against crores of fraud


फरीदाबाद 10 फरवरी(abtaknews.com )सैंकड़ों करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट के आदेश पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है लेकिन पुलिस थाने में चल रही जांच से पीडि़त शरद अग्रवाल संतुष्ट नहीं है। फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात करके पीडि़त ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की है। वहीं पीडि़त के वकील न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल.एन. पाराशर ने कहा कि पीडि़त को इस बात का अधिकार है कि अगर वह थाने में चल रही जांच से संतुष्ट नहीं है तो वह इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की अपील पुलिस कमिश्नर से कर सकता है जिससे उसे न्याय मिल सके।

श्री पाराशर ने खुलासा किया कि धोखाधड़ी के इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक सेक्टर 37 फरीदाबाद के कर्मचारी भी शामिल है। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस को सबूत के तौर पर बैंक का वह पत्र हाथ लगा जिसमें बैंक ने माना है कि ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स के ये पांच चेक जो कि 250-250 करोड़ के थे वे शरद अग्रवाल के बैंक एकाउंट में जमा किए गए थे। जिसके बारे में बैंक ने उनसे कहा कि चेक देने वाले और लेने वाले के बीच में जो लेन-देन है उसका स्पष्टीकरण दिया जाए। माना जा रहा है कि इस पत्र से पांच चेक बैंक के पास होने का खुलासा हुआ है जिसको आधार बनाते हुए पुलिस धोखाधड़ी के अभियुक्तों और बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकती है। जिससे शरद अग्रवाल के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले लोगों में हडक़ंप मचा हुआ है।

इस बारे में खुलासा करते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर शरद अग्रवाल ने बताया कि उनके साथ सैंकड़ों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में जब दोषियों ने उन्हें ढाई-ढाई सौ करोड़ के छह चेक दे दिए तो उन्होंने वे चेक पंजाब नेशन बैंक सेक्टर 37 फरीदाबाद की शाखा में जमा कराए थे जहां से केवल एक चेक वापस मिला जबकि पांच चेक क्लियर न होने के कारण उनके अकाउंट से पैसे कट गए नियम के मुताबिक बैंक को उनके चेक वापिस करने चाहिए थे जिससे वे कोर्ट में केस डाल सकें। 

शिकायतकर्ता शरद अग्रवाल का कहना है कि सेक्टर-37 थाना क्षेत्र में ही उनका बैंक हैं जहां पर उन्होंने धोखाधड़ी के आरोपियों से लिए गए चेक अपने बैंक एकाउंट में डाले थे। जिनमें से 5 चेक बैंक कर्मियों द्वारा गायब कर दिए गए, जबकि एक चेक को लेकर उन्होंने कोर्ट में केस डाला हुआ है। इस मामले के सभी सबूत उनके पास हैं जो कि वे पुलिस को भी दे चुके हैं। जिसके चलते पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कर रही है। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता के वकील न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल.एन. पाराशर मानते हैं कि सराय थाने के इंचार्ज इस मामले में पूरी मजबूती के साथ काम कर रहे हैं और जांच के बाद निश्चित तौर पर वे सभी मुजरिमों को पकडक़र जेल भेजने में कामयाब रहेंगे।

श्री पाराशर का कहना है कि पुलिस को दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। इसके अलावा जिन दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनको भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए तभी पीडि़त को न्याय मिल पाएगा। इसलिए पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस ने पिछले दिनों थाना सराय ख्वाजा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सैंकड़ों करोड़ के धोखाधड़ी के मामलों में दोषियों के खिलाफ 6 मुकदमें दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी। लेकिन पुलिस में जांच होने के बावजूद भी दोषी खुलेआम घूम रहे हैं जबकि दोषियों खिलाफ 6 मुकदमें दर्ज है। वहीं पीडि़त शरद अग्रवाल का कहना है कि अगर पुलिस ने दोषियों को पकडऩे में ढील बरती तो ये लोग विदेश भी भाग सकते हैं। इससे पहले दोषियों ने मुकदमें दर्ज होने से बचने के लिए शिकायतकर्ता को न केवल धमकियां दिलाई अपितु उनके खिलाफ फिरौती मांगने का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर इस मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन माननीय न्यायाधीश की दूरदर्शिता के कारण पुलिस को ये मामले दर्ज करने पड़े।

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