Friday, February 2, 2018

हरियाणा सरकार द्वारा मांगे माने जाने के बाद आंदोलनकारी आशा वर्करों ने मनाया जश्न



Agitated Asha Workers Celebrate After Celebrating Demands by Haryana Government
फरीदाबाद (abtaknews.com ) 02 फरवरी,2018 ; बीके चौक पर मांगे माने जाने के बाद आंदोलनकारी  आशा वर्करों ने जीत का जश्न मनाया। आशा वर्करों के कठिन परिश्रम व आंदोलन के समक्ष सरकार झुकी। आशा वर्कर्स यूनियन से विगत कल हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आशाओं ने आज हड़ताल को समाप्त कर दिया। वहीं आशा वर्कर्स की मांगों पर सरकार द्वारा सहमति जताने के बाद आज आशा वर्कर्स ने बी0के0 चैक से नीलम चैक तक जुलूस निकालकर एक दूसरे को जीत की बधाई दी। आशा वर्कर्स का उत्साह देखते ही बनता था। वेतन में तीन हजार रूप्ये की बढ़ोत्तरी, रिकार्ड संभालने के लिए अलमारी देने, एनराइड फोन देने, एन्सेंटिव में बढ़ोत्तरी व सामाजिक सुरक्षा के दायरे में शामिल करने सहित अन्य मांगों पर सरकार द्वारा सहमति जताने के बाद आशा वर्करों ने जमकर खुशी मनाई। आज के प्रदर्शन की अध्यक्षता लता ने की तथा मंच संचालन सुशीला ने किया।

आशा वर्कर्स द्वारा जीत की खुशी में की गई सभा को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास़्त्री, महासचिव सुभाष लाम्बा, मुख्य संगठनकत्र्ता विरेन्द्र सिंह डंगवाल, सीआईटीयू के नेता विजय झा, लालबाबू शर्मा, निरंतर पाराशर ने सैकड़ों आशाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह आशा वर्कर्स के लंबे संघर्ष की जीत है लेकिन भविष्य में लड़ाई जारी रहेगी। आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य महासचिव सुधा पाल ने वर्करों को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार द्वारा 1000 रूप्ये से वेतन बढ़ाकर 4000 रूप्ये कर दिया है वहीं एन्सेंटिव में बढ़ोत्तरी व अलमारी व रजिस्टर, एनराइड फोन देने, दुर्घटना में घायल व मृत्यु बीमा देने, एएनएम व स्टाफ नर्सों की भर्ती में आशाओं को वेटेज देने आदि मांगों पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन 18000 रूप्ये सरकार ने नहीं दिया है व अन्य मांगों को भी सरकार ने साइलेंट मोड़ पर रख दिया है इसलिए यूनियन आंदोलन की समीक्षा कर भविष्य में अपनी लड़ाई को जारी रखेगा। आज के धरने में पूजा गुप्ता, सुशीला, प्रवीन, रेखा, अनीता, मंजू, शंकुतला सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थी।

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