Sunday, February 11, 2018

मेले में डेढ लाख की पटोला साडी, एक साल में बनकर होती है तैयार, अभी तक सिर्फ एक साडी बिकी

One hundred and fifty lakhs of potola sarees are prepared in a year, a craft of a craft in the fair has been purchased by a sari

फरीदाबाद(abtaknews.com दुष्यंत त्यागी) 11फरवरी,2018; मेले में जहां एक तरफ दर्शक देश विदेशों की संस्कति और विरासत को देखकर लुफत उठा रहे है तो वहीं शिल्पकार अपनी अपनी शिल्प कलाओं से लोगों का मन जीत रहे हैं मगर गुजरात से आये एक शिल्पकार की पटोला साडी ने मेले में सबके होश उडा दिये हैं, राष्टपति आवार्ड से सम्मानित पंकज की पटोला साडी की कीमत डेढ लाख रुपये है, जिसे देखने वालों की होड लगी हुई मगर कला की कद्र करने वाला सिर्फ अभी तक एक ही मिला है जिसने डेढ लाख रुपये की पटोला साडी को खरीदा है। आपको बता दें कि इस पटोला साडी को शिल्पकार के परिवार ने मिलकर पूरे एक साल में तैयार किया है जिसके दोनों तरफ डबल इक्कत लगाई गई है।  

हीरे की परख सिर्फ जौहरी को ही होती है ऐसा ही मेले में आये शिल्पकारों की शिल्प कला के साथ हो रहा है, तस्वीरों में दिखाई दे रही ये साडी आपको बेशक नाॅर्मल अन्य साडियों की तरह ही लग रही हो मगर इसपर किये गये वर्क और इसकी खासियत को सिर्फ कुछ ही लोग पहचान पा रहे हैं। ये एक पटोला साडी है जिसकी कीमत डेढ लाख रुपये है जिसे देखकर तो सब खुश होत हैं मगर कीमत सुनकर सबकी आंखे फटी की फटी रह जाती है यही कारण है कि मेले के 10 दिन गुजर जाने के बाद सिर्फ एक ही साडी बिकी है।

लाखों की एक साडी को बनाने वाले शिल्पकार पंकज मकवाना और माधुरी मकवाना ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि वह गुजरात के रहने वाले हैं और उनका पूरा परिवार पटोला व अन्य साडियों का काम करता है, साडियों पर शिल्पकारी के लिये उन्हें राष्टपति द्वारा आवार्ड भी मिल चुका है, बात करें साडी की इस पटोला साडी को बनाकर तैयार करने में पूरा एक साल लगा है जिसे पूरे परिवार के 5 सदस्यों ने मिलकर बनाया है, इस साडी पर दोनों तरफ डबल इक्कत लगाई गई है। अभी तक 10 दिनों में सिर्फ एक ही साडी डेढ लाख रुपये की बिकी है और दो साडियों 60 - 60 हजार रुपये की बिकी है। मेले में आने की बात करे तो वो पिछले करीब 9 सालों से लगातार मेेले में आ रहे हैं उनके साथ उनकी पत्नी माधुरी और उनका बेटा नितिन भी आता है। उनकी पत्नी भी शिल्पकार है जिसे भी राष्टपति आवार्ड मिल चुका है। अभी तक दोनों दंपतियों के आवार्डो की बात करें तो कला मिनी आवार्ड, कला साडी आवार्ड, कलानिधि आवार्ड, नेशनल मैरिट आवार्ड और शिल्प सम्मान आवार्ड से नवाजा जा चुका है।


loading...
SHARE THIS

0 comments: