Monday, February 26, 2018

अचानक टूट शीशा, घायल दुकानदार बोला विधायक नगेंद्र भड़ाना के चाचा ने चलाई गोली

A sudden broken glass, the injured shopkeeper speaks to the MLA, the uncle of the Congress MLA Nagar Bhadana

फरीदबाद(abtaknews.com): फरीदाबाद की डबुआ कालोनी में एक किराना की दुकान का शीशा अचानक से टूट गया, शीशे के टूटते ही दुकान में भगदड मच गई, जिसपर दुकानदार पंकज का आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते एनआईटी विधायक नगेन्द्र भडाना के चाचा मणि ने गोली चलवाई है जो कि शीशे में आकर लगी है, क्योंकि पंकज को 2014 में दो गोली मारी गई थी जिसमें पांच लोगों पर कोर्ट में अभी भी मामला चल रहा है जिस मामले में दबाब बनाने के लिये डराने की नीयत से गोली चलाई गई है। हलांकि इस मामले में पुलिस को गोली का कोई भी सबूत मौके से बरामद नहीं हुआ है, जांच अभी भी जारी है। शीशा टूटने औैर सुरक्षा के लिये दिये गये पुलिसकर्मी के भागने की तस्वीरें जरूर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई किराना की दुकान में लगे अचानक से शीशा टूटने की तस्वीरों में साफ देखा जा रहा है कि दुकान में एक पुलिसकर्मी और उसके साथ कुछ लोग बैठे हुए हैं और फिर अचानक से दुकान का शीशा टूट के गिरता है जिसके गिरते ही पुलिस कर्मी सहित सभी लोग भागते हुए नजर आते हैं,, ये नजरा फरीदाबाद की डबुआ कालोनी में डबुआ पुलिस चौकी से मात्र 300 मीटर की दूरी पर एक किराना की दुकान का है, जिसके दुकानदार पंकज ने आरोप लगाया है कि एनआईटी विधायक नगेन्द्र भडाना के चाचा मणि ने उसपर जानलेवा हमला करवाया है जिसकी गोली शीशे में आकर लगी है, गोली हमलावरों ने दुकान के सामने बने हुए गरीबों के लिये अवासीय फ्लैटों से चलाई है जो कि खाली पडे हुए हैं। सोमवार मीडिया से बात करते हुए पंकज ने बताया कि 24 नवंबर 2014 में चुनावी रंजिश के चलते उसपर दुकान में ही पांच लोगों ने गोलियों से हमला किया था जो कि विधायक के चाचा मणि के कहने पर करवाया गया था जिसमें उनको दो गोलियां लगी थी, जिस मामले में पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था जो मामला कोर्ट में अभी भी विचाराधीन है, इसी मामले में समझौता करने के लिये गोली चलाकर उन्हें डराने की कोशिश की गई है। जिसको लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दे दी है मगर अभी पुलिस को जांच में कोई सबूत नहीं मिला है, उनकी मांग है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच करके उनपर हुए जानलेवा हमले को साफ करे। उन्होंने कहा पहले जब हमला हुआ था तो उसके पहले फोन पर धमकी मिली थी लेकिन पुलिस ने हलके में लिया और उसके कुछ दिन बाद ही उन्हें गोली मार दी गई और अब भी हलके में ही लिया जा रहा है इसलिए पूरा परिवार कल से डरा हुआ है और उनकी दुकान पर काम करने वाले भी डरकर कामछोड़ भाग गए हैं। 

वहीं पंकज पर 2014 में हुए जानलेवा हमले के बाद पंकज को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई गई है, सुरक्षाकर्मी रोहताश का कहना है कि वह सुरक्षा के लिये दुकान में ही बैठा था तभी अचानक से शीशा टूटा, जब उन्होंने बाहर जाकर देखा तो वहां कोई भी नहीं दिया था और न ही कोई ईट पत्थर पडा हुआ था उन्हें नहीं मालूम की आखिर शीशा टूटा कैसे है।वहीं इस मामले में डबुआ पुलिस चौकी इंचार्ज हरिओम की माने तो उन्हें किराना की दुकान पर गोली चलने की शिकायत मिली थी जिसमें उन्होंने जांच की है तो अभी तक गोली चलने से संबंधित कोई भी सबूत ऐसा नहीं मिला है जिससे की गोली चलने की पुष्टि हो सके, हलांकि अभी पुलिस की जांच जारी है अगर ऐसा कुछ पाया गया तो आरोपी को बख्सा नहीं जायेगा।

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