Tuesday, February 6, 2018

पलवल में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन

पलवल, 06 फरवरी(abtaknews.com)जिला विविध सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव डॉ. कविता काम्बोज के निर्देशन में गांव बलई में पैनल अधिवक्ता हंसराज शांडिल्य द्वारा विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।कानूनी जागरूकता शिविर  में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान मुझे उडने दो के अंतर्गत बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे जानकारी दी। पैनल अधिवक्ता हंसराज शांडिल्य ने बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंंतर्गत जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे अभियान उडान के बारे में बताया कि लडकी की शादी 18 वर्ष तथा लडके की शादी 21 वर्ष से पहले करना बाल विवाह अधिनियम 2006 के अनुसार कानूनन दण्डनीय अपराध है। इसके अंतर्गत लडकी व लडके के माता-पिता को दो साल की सजा तथा जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है और यदि  इसके अतिरिक्त सगे संबंधी पंडित, मौलवी को भी दण्डित किया जा सकता है। यदि किसी लडके व लडकी की शादी क्रमश: 21 वर्ष या 18 वर्ष से पहले कर दी जाती है तो बाल विवाह अधिनियम के अंतर्गत उस शादी को अशक्त या कानूनी रूप से अमान्य घोषित किया जा सकता है और बालिक होने पर जब तक उनकी शादी नहीं हो जाती तो न्यायालय द्वारा उनके माता व पिता को भरण पोषण का आदेश दिया जा सकता है। 
शिविर में गांव के लोगों को राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कानूनी जागरूकता शिविर में गांव की सरपंच श्रीमती बबीता, धर्मबीर, बाबू, चुन्नी, खिच्चू, रघुबीर, नौरंग, कमल व गांव के अन्य व्यक्ति मौजूद थे।

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