Thursday, February 1, 2018

निगम मुख्यालय पर 53 दिन से चल रहे आंदोलन को तेज करने का फैसला: नरेश शास्त्री

Naresh Shastri's decision to expedite the 53-day movement on corporation headquarters:

फरीदाबाद, 1 फरवरी(abtaknews.com)नगरपालिका कमर्कचारी संघ हरियाणा ने निगम मुख्यालय पर 53 दिन से चल रहे आंदोलन को तेज करने का फैसला लेते हुए सभी नियमित और अनियिमित कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हडताल करने का फैसला किया है। संघ ने निगम प्रशासन व सरकार को आंदोलन का नोटिस भेज दिया है। यह ऐलान आज निगम मुख्यालय पर पिछले 53 दिनों से बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास़्त्री ने किया। श्री शास्त्री ने कहा कि निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की बजाय टाल मटोल की नीति अपना रहे है। उन्होंने कहा कि संघ  नवनियुक्त निगमायुक्त मौहम्मद शाइन से मुलाकात करके निगम की स्थिति से अवगत करवाएगा। उन्होंने कहा कि संघ ने पहले 27 जनवरी से हडताल करने का फैसला किया था लेकिन शहर के लोगों के हितों को मद्देनजर रखते हुए व नवनियुक्त निगमायुक्त मौहम्मद शाइन को कर्मचारियों की मांगों को समझने व उनका समाधान करने के लिए संघ ने 7 फरवरी से हडताल करने का फैसला लिया है। आज के इस प्रदर्शन की अध्यक्षता आउटसोर्सिंग यूनियन के नेता योगेश शर्मा ने की तथा मंच का संचालन रघुवीर चैटाला ने किया। निगम कर्मचारियों के आंदोलन को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, जिला प्रधान अशोक कुमार, फरीदाबाद ब्लाक के वरिष्ठ उपप्रधान करतार सिंह, सीआईटीयू के राज्य नेता विजय झा, लालबाबू, निरंतर पाराशर ने भी हजारों मजदूर और कर्मचारियों की ओर से निगम कर्मचारियों की मांगों व आंदोलन का पुरजोर समर्थन कर दिया है।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला वरिष्ठ उपप्रधान गुरचरण खांडिया, जिला सचिव नानक चंद खैरालिया, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर, ड्राइवर यूनियन के प्रधान परसराम अधाना, वेद भडाना, सीवरमैन यूनियन के प्रधान सुभाष फेंटमार, वाॅटर सप्लाई यूनियन के प्रधान रामकिशोर त्यागी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक 688 कर्मचारियों को निगम रोल पर रखने, इको ग्रीन कंपनी के द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने का काम शुरू करने के बाद बेरोजगार हुए सफाई कर्मचारियों को नौकरी देने, ईएसआई, ईपीएफ का लाभ देनेदैनिक वेतन भोगी व अनुबंधित आधार पर लगे कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम-समान वेतन देने, 14.29 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का एरियर देने, 22 टयूबवैल आॅपरेटर व सीवरमैनों को डयूटी पर लेने, सफाई कर्मचारी व सीवरमैनों की भर्ती करने, सांतवे वेतन आयोग का एरियर देने की मांगों का समाधान नहीं होगा तब तक आंदोलन निरंतरता में जारी रहेगा।

आज के प्रदर्शन में सतपाल मेंढ़वाल, संदीप रंगा, सतीश पहलवान, योगेश शर्मा, राजू मंढोतिया, कृष्ण चिंडालिया,  रंजीत शुक्ला कर्मी नेता रघुवीर चैटाला, देवेन्द्र मंझावली, सतीश पहलवान, रंजीत शुक्ला, योगेश शर्मा, जगदीश बालगुहेर, बल्लू चिंण्डालिया, प्रेमपाल, सुमित चिण्डालिया, राजू मंढोतिया, कृष्ण चिण्डालिया, देशराज डाबर, सुदेश कुमार, अनिल भंडारी, धर्म सिंह मुल्ला, राजबीर चिण्डालिया, जयसिह उज्जीनवाल, विरेन्द्र भंडारी, महिला नेता माया, ज्ञानवती, शंकुतला, कमलेश, ममता, बृजवती सहित सैकड़ों कर्मचारी शामिल थे।



दूसरा प्रैस नोट

फरीदाबाद, 1 फरवरी। आशा वर्कर्स का आंदोलन 17 वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आशा वर्करों ने आज भी अपनी आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान हेमलता की अध्यक्षता में धरना जारी रखा। धरने पर आशा वर्कर्स यूनियन व सरकार के बीच बाद दोपहर शुरू हुई वार्ता को लेकर आशा वर्करों में भारी जिज्ञासा देखने को मिली। आशा यूनियन ने रोज की भांति हरियाणा सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने पर बैठी आशा वर्करों को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास़्त्री, राज्य महासचिव सुभाष लाम्बा ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि आशा वर्कर्स के आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी विभिन्न प्रकार के हथकंडे अजमा रहे है लेकिन आशा वर्कर्स मजबूती से आंदोलन में रूकी हुई है। सरकार को हठधर्मिता छोड़ आशा वर्कर्स की न्यायोचित मांगों का बातचीत के माध्यम से निवारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार आशा वर्कर्स को अकेला न समझे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के हजारों कर्मचारी उनके साथ है।

धरने में सीआईटीयू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर, राज्य नेता विजय झा, लालबाबू शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान अशोक कुमार, फरीदाबाद ब्लाक के वरिष्ठ उपप्रधान करतार सिंह, निगम के सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर सहित अन्य नेताओं ने जोरदार समर्थन किया।

धरने को संबोधित करते हुए आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान हेमलता, कोषाध्यक्ष रेनू रावत ने कहा कि आशा वर्कर्स के रूप मे काम करने वाली महिलाएं समाज के उत्थान हेतू कार्य करती है लेकिन सरकार आशाओं के साथ निराशा भरा व्यवहार कर महिलाओं का शोषण कर रही है। सरकार अन्तोदेय का नारा दे रही है लेकिन सरकार समाज की अन्तिम छोर पर खड़ी आशा वर्कर्स के रूप में काम कर रही गरीब, मंझले किसान की बेटी, पिछडा वर्ग, अनुसूचित जाति की दलित महिलाएं बड़ी संख्या में शोषण कर रही है।  उन्होंने कहा कि चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक आशाओं को फिक्स न्यूनतम वेतन, पक्के कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा कानूनों का लाभ व अन्य मांगों का निराकरण नहीं होगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

आज के धरने में पूजा गुप्ता, सुशीला, प्रवीन, रेखा, अनीता, मंजू, शंकुतला सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थी।

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