Wednesday, February 7, 2018

देश के 192 किसान संगठनों ने बजट को बताया जुमला, मोदी निकले किसान विरोधी


192 farmers organizations in the country told the budget, Modi turned anti-farmer
फरीदाबाद(abtaknews.com) केन्द्र की भाजपा सरकार ने बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं दिया, वर्ष 2014 में चुनावों से पहले की तरह वित्त मंत्री अरूण जेटली ने किसानों को ढेड गुना न्यूनतम राशि 2022 में करने का ऐलान किया, जोकि भाजपा सरकार की अन्य सभी घोषणाओं की तरह जुमला ही साबित होगा।
भारतीय किसान यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. ऋषिपाल अम्बावता ने उक्त शब्द किसान संगठनों की विशाल बैठक में कहे। उन्होने बताया इस बैठक में पहली बार बजट के विरोध में देशभर के 192 किसान संगठन एक झण्डे के नीचेे आए हैं, और उन्होने केन्द्र के बजट को किसानों के लिए जुमला बताया है। उन्होने कहा इस बैठक में तय किया है कि बजट के विरोध में पूरे देश में किसान 12 से 19 फरवरी तक तीखे विरोध प्रदर्शन करेंगे, और किसानों को भाजपा की वायदा खिलाफी के बारे में बताएंगे। उन्होने कहा आगामी 20 फरवरी को देश के किसान लखनऊ विधानसभा का घेराव करेंगे और मार्च में संसद का घेराव किया जाएगा। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भाजपा के विरोध की रणनीति तैयार की जाएगी।
श्री अम्बावता ने कहा यह बैठक अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के अध्यक्ष बी.एम सिंह की अध्यक्षता हुई, जबकि बैठक में लोकसभा सांसद राजू सेठी, पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम, नर्मदा बचाओ आंदोलन की अध्यक्षा मेघा पोटकर सहित अन्य सैकडों किसान संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद हुए। उन्होने कहा यह भारत की जनता का दुर्भाग्य है कि वह एक ऐसे व्यक्ति के बहकावे में आ गए, जिसने उनको सिर्फ अच्छे दिन आने की झूठी कहानियां ही सुनाई और सत्ता पर काबिज हो गया। आज वही व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री के रूप में देश को गर्त में ले जाने का काम कर रहा है। उसने कभी इस देश की जनता और किसानों से प्यार नहीं किया इसीलिए वह गरीब, मजदूर और कमेरे वर्ग के लिए कुछ नहीं कर रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ मदारी बनकर जनता को मूर्ख बनाकर ठगने का काम किया है। इसलिए नैतिकता के आधार पर नरेन्द्र मोदी पीएम की कुर्सी से इस्तीफा दें। उन्होने कहा यदि मोदी ने ऐसा नही किया तो बीकेयू राष्ट्रपति से पीएम को वर्खास्त करने की मांग करेगी।
श्री अम्बावता ने कहा नरेन्द्र मोदी किसान विरोधी हैं, और उन्होने केवल चंद उद्योगपतियों को देश की पूरी संपत्ति का मालिक बना दिया है। उन्होने कहा बीकेयू के माध्यम से अनेक बार किसानों की मांगों को उनके समक्ष रख चुके हैं, मगर भाजपा की किसान विरोधी सोच के चलते उन्होने पिछले तीन वर्ष में किसानों को कुछ नहीं दिया। उन्होने कहा देश खुशहाल तभी होगा जब देश का अन्नदाता खुशहाल होगा। आज देश की सीमाओं पर जवान मर रहा है, और देश के अंदर किसान मरने पर मजबूर है। उन्होने कहा एनडीए की सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की इन मांगों को तुरंत माने जिनमें सबसे पहले 5 एकड़ तक के किसानों का हर प्रकार का कर्जा माफ हो। किसानों को डीजल और कर्ज सबसीडी पर मिले। स्वामी नाथन रिर्पाट लागू हो। किसानों को खाद, बीज, पानी का कनेक्शन न्यूनतम दामों में मिले। किसान के बच्चों की शिक्षा, स्वाथ्य निशुल्क हो तथा कन्या का विवाह सरकार करे व पेशन 5 हजार मिले।
श्री अम्बावता ने कहा यदि जल्द ही हमारी मांगे सरकार ने नहीं मानी तो देश के तमाम किसान संगठन उस पार्टी को अपना समर्थन देंगे, जो हमारी मांगों को पूरा करने का पक्का वायदा देगी।


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