Monday, February 19, 2018

शहादत के मुआवजे के रूप में 18 साल संघर्ष करने के बाद मिला परिवार को प्लॉट

Plot the family found after fighting for 18 years as martyrdom compensation

फरीदाबाद(abtaknews.com) 19 फरवरी,2018 ; विगत वर्ष 2000 में देश पर शहीद होने वाले फरीदाबाद के बीजोपुर गांव निवासी मोहम्मद सदीक के परिवार को हरियाणा सरकार द्वारा 200 गज का प्लॉट दिए जाने का फैसला लेने के बाद परिवार मैं ज्यादा खुशी देखने को मिल रही है, लेकिन परिवार को 18 साल बीत जाने के बाद भी आज तक ना तो गैस एजेंसी ही मिली है और ना ही पेट्रोल पंप। आज भी पूरा परिवार शहादत के दौरान गैस एजेंसी या पेट्रोल पंप दिए जाने के  आश्वासन दिए गए आश्वासन पर सरकार के उस आदेश  कि बाट जोह रहा है, जिसमें तत्कालीन सरकार ने परिवार को शहादत के बदले पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी देने की बात कही थी। परिवार के लोगों का कहना है कि यदि पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी उन्हें मिल जाती है तो पूरे परिवार को रोजगार भी मिल जाएगा।
Plot the family found after fighting for 18 years as martyrdom compensation

फरीदाबाद के विजयपुर गांव में वर्ष 2000 में युद्ध के दौरान  फौजी मोहम्मद सादिक शहीद हुए।हरियाणा सरकार द्वारा शहीद परिवार को 200 गज का प्लॉट दिए जाने की घोषणा हुई थी। शहीद फौजी मोहम्मद सादिक के 6 बच्चे हैं जिनमें 3 लड़के और 3 लड़की। शहीद की बेवा मैमुना ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि उनके शौहर जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में मौजूद थे और लड़ाई के दौरान गोलियां लगने के दौरान वह देश पर शहीद हो गए। मैमूना की मानें तो उनकी शहादत के बाद उनसे सरकार ने गैस एजेंसी या पेट्रोल पंप दिए जाने का वायदा किया था लेकिन आज तक मैं तो उन्हें पेट्रोल पंप ही मिला है और ना गैस एजेंसी। इसके लिए वे संबंधित उच्च अधिकारियों से कई बार मुलाकात कर चुकी है लेकिन सिर्फ भरोसा ही भरोसा। मैमूना की माने तो यदि उन्हें पेट्रोल पंप का गैस एजेंसी मिल जाएगी तो उन्हें इसकी बड़ी खुशी होगी तथा उनके परिवार को भी रोजगार मिल जाएगा। हरियाणा सरकार द्वारा शहीद परिवार को 200 गज का प्लॉट दिए जाने की बात पर मैंमुना ने खुशी जाहिर की।

शहीद के बेटे नईम खान ने बताया कि सरकार ने आज तक उन्हें कुछ नहीं दिया, जबकि उसके पिता ने देश पर शहादत दी थी। शाहदत के दौरान सरकार और उच्च अधिकारियों ने पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी दिए जाने का वायदा किया था तब भी पूरा नहीं हुआ है।



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