Saturday, January 6, 2018

फरीदाबाद में आला पुलिस अधिकारीयों में वायरल हुई गाली -गलौच, जाँच शुरू

 Senior police officials in Faridabad have been found guilty of viral abuse

फरीदाबाद (abtaknews.com) जीआरपी और सीआरपी के आला पुलिस अधिकारीयों में वायरल हुई गाली -गलौच, जाँच करने के लिए उच्च अधिकारी फरीदाबाद पहुंचे। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर को पश्चिम एक्सप्रेस में एक महिला यात्री की मदद करना और वूमेन सेल को सूचना देना उस वक्त भारी पड गया जब जीआरपी थाना प्रभारी पोरस कुमार ने फोन कर आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर आई एस नागर से जमकर गाली-गलौज कर डाली। उनका यह ऑडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें जीआरपी थाना प्रभारी पोरस कुमार आरपीएफ के सब इंस्पेंक्टर को भद्दी भद्दी गालियां देता हुआ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद आरपीएफ के असिसटेंस कमांडेंट अनूप गोरिंका फरीदाबाद पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। उत्तरी रेलवे के असिसटेंस कमांडेंट ने पत्रकारों को जानकारी दी कि वो पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे है।  अभी तक आपने गैर जिम्मेदार लोगों को आपस में गंदी गंदी गालियां देते हुए देखा और सुना होगा मगर एक जिम्मेदार पद पर बैठा उच्च अधिकारी दूसरे अधिकारी को इस कदर गालियां दे सकता है शायद ये पहला ही मामला हो। फरीदाबाद से ऐसा ही एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें जीआरपी थाना प्रभारी पोरस कुमार फोन पर आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर आई एस नागर को जमकर गालिया दे रहा है, फरीदाबाद ओल्ड रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी के एसएचओ द्वारा आरपीएफ के सबइंस्पेक्टर को एक महिला की मदद करने के नाम पर भद्दी-भद्दी गालियां देने का ऑडियो इन दिनों वायरल हो रहा है। दो जनवरी को ग्रेटर नोएडा के कासना में रहने वाले वशिष्ठ कुमार पत्नी ममता के साथ गुजरात जाने के लिए नई दिल्ली आए थे। उन्होंने पश्चिम एक्सप्रेस के जनरल कोच में पत्नी को चढ़ा दिया लेकिन खुद नहीं चढ़ पाए। रास्ते में पति के स्टेशन पर ही छूट जाने की जानकारी होने पर महिला रोने लगी। फरीदाबाद में रात करीब पौने नौ बजे ट्रेन पहुंचने पर यात्रियों ने महिला को उतारकर आरपीएफ के ड्यूटी अफसर आईएस नागर को सौंप दिया। नागर ने इसकी सूचना वूमेन सेल को दे दी। वूमेन सेल से जीआरपी थाना प्रभारी पोरस कुमार के पास फोन आया। आरोप है कि पोरस कुमार इसी बात से नाराज हो गए और उन्होंने आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर को फोन कर गाली-गलौज करने लगे। थाना प्रभारी पोरस कुमार का कहना है कि यदि आरपीएफ कर्मी ने महिला को उतारा था तो उन्हें सूचना देनी थी कि वूमेन सेल को बताना था। कार्रवाई तो जीआरपी को ही करनी है। जिसपर आपस में थोडा सा विवाद हुआ था। वहीँ मामले की जांच करने ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे आरपीएफ के अस्सिटेंस कमांडेंट अनूप कुमार गोरिंका की मानें तो सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो के बाद वो पूरे मामले की जांच करने आये हैं। पीडित आईएस नागर से लिखित में उनका बयान ले लिया गया है अब इस मामले में जीआरपीएफ के बडे अधिकारियों से बात की जायेगी।

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