Tuesday, January 2, 2018

आईएमए ने कहा कि सरकार की बजह से ही निजी अस्पतालों का फल फूल रहा है ध्ंधा


फरीदाबाद 2 जनवरी। आईएमए के आहवान पर एक बार पृूरे देश में सभी निजी स्वास्थ्य सेवायें आज सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहीं। आईएमए ने एक दिवसीय हडताल का ऐलान किया जो इस बार नेशलन मैडिकल कमीशन बनाने के विरोध में किया गया। जिसका असर फरीदाबाद में भी देखा गया जहां निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स की ओपीडी खाली नजर आई। आईएमए ने खुलासा करते हुए कहा कि आज निजी मेडिकल सुविधा अगर पूरे देश में फल फूल रही हैं तो वो सरकार की ही देन है क्योंकि लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं ठीक नहीं मिल रही हैं। आईएमए के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने 25 सदस्यीय कमीशन में 50 प्रतिशत डाक्टरों को नहीं लिया तो हडताल उग्ररूप लेगी। हरियाणा क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट का विरोध करने के बाद अब निजी अस्पतालों के सामने नई परेशानी खडी होने जा रही है ऐसा निजी अस्पतालो को लगता है जिसके विरोण में आईएमए के निर्देष पर पूरे देश में आज निजी अस्पताल व नर्सिग होम्स ने हडताल रखी। बता दें कि सरकार ने फेंसला लिया है कि वह एक नेशनल मेडिकल कमीशन का गठन करने वाले हैं जो 25 सदस्यीय टीम होगी, जिसमें 5 डाक्टर सदस्य और 20 सरकार की ओर से लिये जायेंगे। आईएमए ने मांग की है कि कमीशन में 50 प्रतिशत डाक्टरों को रखा जायेगा ताकि वह डाक्टरों की परेशानियों और समस्याओं को पूरी तरह से समझ सकेें, क्यों कि अगर 20 सदस्य सरकारी होंगे और वो ही मेडिकल लाईन से हटकर तो स्वास्थ्य सेवायें खतरे में आ जायेंगी, जिसके चलते फरीदाबाद में भी पूरी तरह से निजी स्वास्थ्य सेवायें बंद रहेें।
इस बारे में आईएमए के एक सदस्य ने बडा खुलासा करते हुए कहा कि लोग सरकारी सुविधाओं को छोडकर निजी सुविधाओं की ओर आ रहे हैं तो इसमें सरकार की सुविधाओं पर सबाल खडा होता है,, आज पूरे देश में अगर निजी स्वास्थ्ये सेवायें फल फूल रही हैं तो इसमें सरकार की देन हैं। अगर सरकार लोगों को सुविधायें ठीक प्रकार से दे तो लोग पैसे खर्च कर निजी सुविधाओं की ओर नहीं जायेंगे। वहीं डाक्टर ने बताया कि सरकार के फेंसलो की बजह से आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवायें खतरे में पड जायेंगी। क्योंकि एक ओर सरकार 6 साल का डाक्टरी कोर्स करवाती है और दूसरी ओर 6 महीने में आर्युेवेदिक डाक्टरों को अंग्रजी दवा देने का लाईसेंस देने जा रही है तो लोग किस पर विश्वास करेेंगे। इसलिये आईएमए ने चेतावनी दी है कि वो किसी भी सूरत पर ऐसी नीतियां लागू नहीं होने देगे।

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