Monday, January 29, 2018

किसानों ने फरीदाबाद में सीएम, मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक टेकचद की शव यात्रा


 Farmers carried out the funeral of CM, Minister Krishnpal Gurjar and MLA Techchad Sharma in Faridabad

फरीदाबाद(abtaknews.com)आईएमटी मेंं प्लॉट, परिवार के सदस्य को नौकरी तथा बढे हुए मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों के सब्र का बांध आज उस वक्त टूट गया जब सैंकडों किसान और महिलायें  केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के कार्यालय की ओर कूच करते हुए दिखाई दिये जहां कार्यालय पहुंचने से पहले ही भारी पुलिस बल ने सभी को रोक दिया, इस दौरान पुलिस और किसानों में जमकर झडप भी हुई और गुस्साये किसानों ने बीच सडक पर सीएम मनोहर लाल खट्टर, केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और पृथला विधानसभा के विधायक टेकचंद का पुतला फूंक कर तीनों की मौत का रो - रोकर मातम मनाया। पांच गांवों के किसानों ने मांगों को लेकर सरकार मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाये और 2019 के चुनावों में अंजाम दिखाने की चुनौती दी।
 Farmers carried out the funeral of CM, Minister Krishnpal Gurjar and MLA Techchad Sharma in Faridabad

पृथला विधानसभा स्थित आईएमटी के पांच गांवो के सैकडों किसानों और महिलाओं ने अपनी मांगो को लेकर फरीदाबाद सैक्टर 28 स्थित केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय के समीप सीएम मनोहर लाल खट्टर, केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक टेकचंद शर्मा के पुतले जलाकर उनकी मौत पर मातम मनाया । मौत का मातम मनाते हुए ये किसान महिलाएं किसी अपने के मरने का मातम नहीं मना रही है बल्कि सीएम, मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक टेकचंद शर्मा का शोक मना रही हैं। आपको बता दें कि पिछले 42 दिनों से गांव चदांवली, मच्छगर, सौतई, बुखार पुर सहित पांच गांवो के किसान बढे हुए मुआवजे, प्लाट और नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। किसान आज सैकडों की संख्या में ट्रक्टर व अन्य वाहनों पर सवार होकर केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को मनवाने के लिए चले थे लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें कार्यालय से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर ही बैरिेकेटिंग कर रोक दिया। किसानों ने रोड पर ही पुतला जलाया और मातम मनाकर प्रदर्शन किया।किसानों की मानें तो उनकी जमींन सस्ते दामों उनसे ले ली गई जो वायदे जमीेंन लेने से पहले किए गए थे वे पूरे नहीं किये गए, उसके बाबजूद भी उन्हीं जमीन में से उन्हे भारी कीमतों पर प्लॉट दी जा रही हैे जिसको लेकर वे प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं भारी पुलिस बल और किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दुकानदार अपनी दुकानें बंद करते हुए नजर आये जिनका कहना था कि उन्हें डर है कि किसान और पुलिस की झडप में उनकी दुकानों में तोडफोड न हो जाये इसलिये वो अपनी दुकानें 

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