Monday, January 8, 2018

नये प्रौद्योगिकीय बदलावों के अनुरूप विश्वविद्यालय करेगा पाठ्यक्रमों में सुधारः कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

 Universities will be upgraded in accordance with new technological changes: Correspondence in the courses: Vice Chancellor Prof. Dinesh Kumar


फरीदाबाद, 8 जनवरी (abtaknews.com) वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा कम्प्यूटर विज्ञान में नवीनतम तकनीक व उभरते क्षेत्रों के दृष्टिगत संकाय सदस्यों तथा शोधार्थियों के लिए आयोजित एक सप्ताह के रिफ्रेशर कोर्स का आज शुभारंभ हो गया। कम्प्यूटर इंजीनिरिंग विभाग तथा इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी व कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टीईक्यूआईपी-3 परियोजना के तहत आयोजित कोर्स में विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के लगभग 50 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है। 
 Universities will be upgraded in accordance with new technological changes: Correspondence in the courses: Vice Chancellor Prof. Dinesh Kumar

कोर्स का शुभारंभ आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ एस.के. गुप्ता तथा कुलपति प्रो. दिनेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता प्रो. संदीप ग्रोवर, प्रो. तिलक राज, कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. कोमल कुमार भाटिया, आईटी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशंस विभाग के अध्यक्ष प्रो. अतुल मिश्रा तथा कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा भी उपस्थित थे। कोर्स का संचालन डॉ. नीलम दूहन तथा ममता कथुरिया द्वारा किया जा रहा है।
मुख्य वक्ता के रूप में सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. एस. के. गुप्ता ने कम्प्यूटर विभाग के क्षेत्र में ऐतिहासिक वैज्ञानिक अनुसंधानों तथा नवीनतम अनुसंधानों की जानकारी दी तथा प्रतिभागियों को नई प्रौद्योगिकीय विकास की जानकारी में रूचि लेने के  लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने डाटा माइनिंग तथा बिग डाटा मैनेजमेंट तथा एनालिसिस के महत्व तथा उपयोगिता को लेकर जानकारी दी। उन्होंने डाटा माइनिंग तथा बिग डाटा मैनेजमेंट तथा एनालिसिस के क्षेत्र में चुनौतियों से अवगत करवाते हुए इस दिशा में अनुसंधान कार्य करने के लिए भी प्रेरित किया।
सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने दोनों विभागों को संकाय सदस्यों रिफ्रेशर कोर्स करवाने की सराहना की तथा कहा कि ऐसे कोर्स संबंधित विषय पर नवीनतम जानकारी एवं ज्ञानवर्धन की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होते है। उन्होंने कोर्स में हिस्सा ले रहे प्रतिभागियों से कोर्स के अंत पर फीडबैक लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि फीडबैक के आधार पर कम्प्यूटर विज्ञान तथा आईटी के क्षेत्र में नये बदलावों के अनुरूप विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में सुधार की दिशा में भी कदम उठाये जाये ताकि विद्यार्थी बाजार की जरूरतों के अनुरूप नवीनतम जानकारी हासिल कर सके।
इससे पूर्व प्रो. कोमल कुमार भाटिया ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कोर्स को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोर्स के दौरान सॉफ्ट कम्प्यूटिंग, इंटरनेट आफ थिंग्स, वारलैस सेंसर नेटवर्क, इंफोर्मेशन रिट्रिवल, क्लाउड कम्प्यूटिंग, मशीन लर्निंग, बिग डाटा एनालिटिक्स तथा प्रोग्रामिंग जैसे विषयों को कवर किया जायेगा तथा आईआईटी, एनआईटी, जेएनयू, डीटीयू तथा अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।

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