Tuesday, January 9, 2018

शहर के गणमान्य लोगों ने दी अमर शहीद राजा नाहर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि


Eminent martyr of the city paid tribute to Amar Shahid Raja Nahar Singh

फरीदाबाद(abtaknews.com)अमर शहीद राजा नाहर सिंह के 160वें बलिदान दिवस के अवसर पर आज सेक्टर-3 स्थित राजा नाहर सिंह महल में एक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शहर के गणमान्य लोगों ने शहीद राजा नाहर सिंह के वंशज राजा राजकुमार तेवतिया, सुनील तेवतिया, अनिल तेवतिया, शहीद राजा नाहर सिंह सोसायटी के अध्यक्ष सोहनलाल सैनी, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव सुभाष लाम्बा, सीनियर सिटीजन एसो. बल्लभगढ़ के अध्यक्ष उम्मेद सिंह ठाकुर आदि ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में उपस्थित लोगों ने राजा नाहर सिंह की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1857 के अमर शहीद राजा नाहर एक ऐसे योद्धा थे, जिससे पूरा अंग्रेजी साम्राज्य कांपता था और एक समय वह भी था जब बल्लभगढ के इस शेर ने बहादुरशाह जफर की गिरफ्तारी के बाद कुछ समय दिल्ली का शासन चलाया। वीर सपूत राजा नाहर सिंह को नौ जनवरी 1858 को लालकिले के सामने चांदनी चौक में ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध विद्रोह के आरोप में फांसी पर लटकाया था, उनके साथ उनके विश्वस्त साथियों गुलाब सिंह सैनी तथा भूरा सिंह को भी फांसी दी गई थी। राजा नाहर सिंह से अंग्रेज इतने भयभीत थे कि उन्होंने उनकी शहादत के बाद इस क्षेत्र से उनके स्मृति चिन्हों को ही उखाडऩा व समाप्त करने का प्रयास किया लेकिन उसके बाद वावजूद भी वह उनकी हस्ती को मिटाने में सफल नहीं हो पाए। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जो आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे है, यह सब राजा नाहर सिंह जैसे यौद्धाओं की शहादत की बदौलत है, हमें उनके दिखाए हुए रास्ते पर चलना चाहिए और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर राजा नाहर सिंह के वंशज राजकुमार तेवतिया व सुनील तेवतिया ने कहा कि वह हमेशा से ही 9 जनवरी के इस दिवस को राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस के रुप में मनाते आ रहे है और उनके इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को राजा नाहर सिंह की जीवनी के प्रति संपूर्ण जानकारी देकर उनके दिलों में देशप्रेम की भावना जगाना ताकि वह देश व समाजहित में अपना अमूल्य योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि समाज की अन्य धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को भी ऐसे महापुरुषों की बलिदान दिवस समारोहों को जगह-जगह मनाना चाहिए, ताकि समाज में युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। इस अवसर पर श्रीचंद तेवतिया, देवी सिंह, राजेंद्र भाटी, रतनलाल राणा, त्रिलोकचंद, ऋषिराज शर्मा, आरसी शर्मा, अनिल तेवतिया, देवदत्त त्यागी, कुलदीप हुडा, जयदेव, धर्मपाल चहल, प्रवीन तेवतिया, गौरव तेवतिया, प्रदीप दीक्षित, मोहित नागर, उधम चंदला, दिगिवजय सिंह सहित अनेकों गणमान्य लोग मौजूद थे। 

loading...
SHARE THIS

0 comments: