Monday, January 8, 2018

हरियाणा में 30 जनवरी को जिला कार्यालयों पर होगा जेल भरो अंदोलन, फरीदाबाद में कर्मचारी संगठनों की बैठक



 Meeting will be held on January 30 in Haryana, the offices of Employees' Associations in Jail Bharo Andolan, Faridabad.

फरीदाबाद (abtaknews.com) सरकार से दो दो हाथ करने के लिये सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले दर्जनों कर्मचारी संगठनों ने हुंकार भर ली है जिसको लेकर आज फरीदाबाद में तमाम कर्मचारियों के संगठनों की बैठक की गई जिसमें निर्णय लिया गया कि 30 जनवरी को पूरे  प्रदेश में जिला कार्यालयों पर जेल भरो अंदोलन किया जायेगा। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार कर्मचारियों में फूट डालकर उन्हें बांटना चाहती है। वहीं कर्मचारियों की मांग है कि सरकार कर्मचारियों  से किये गये वायदों को पूरा करे और कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापिस ले।
 Meeting will be held on January 30 in Haryana, the offices of Employees' Associations in Jail Bharo Andolan, Faridabad.

सरकार और कर्मचारियों के बीच में चल रही जंग थमने का नाम नहीं ले रही है जिस कडी में आज फरीदाबाद में सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले दर्जनों कर्मचारी संगठनों ने बैठक की और बैठक में सरकार से आरपर करने की रणनीति बनाई। पत्रकारों से बात करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के नेता सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार मजदूर कर्मचारियों को आपस में लडवा कर और उनमें फूट डालने का काम कर रही है, सरकार ने अपने कुछ कर्मचारी सभी कर्मचारी संगठनों में छोड दिये हैं जो कि फूट डालने का काम कर रहे हैं, जिनकी कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले करीब दर्जनों कर्मचारी संगठन 30 जनवरी को प्रदेश के सभी जिला कार्यालयों पर जेल भरो आंदोलन करेंगे और आगे की रणनीति बनायेंगे।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें :
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी प्रकार के पार्ट टाईम व डीसी रेट अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की जाएं, नियमित होने तक समान काम के लिए समान वेतनमान दिया जाए, ठेकाकर्मियों को ईपीएफ, ईएसआई अवकाश, पैंशन आदि सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएं, पंजाब के समान वेतनमान व भत्ते दिए जाएं, विभिन्न विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को स्थाई भर्ती से भरा जाए, हरियाणा टूरिज्म के कर्मचारियों के सेवा नियम शीघ्र अधिसूचित किए जाएं, सभी नियमित व अनियमित कर्मचारियों के लिए एकमुश्त कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से वंचित सभी कर्मचारियों पर उक्त सिफारिशें लागू की जाएं, निजीकरण, ठेकाप्रथा व आऊटसोर्सिंग की नीतियों पर रोक लगाई जाए, एनपीएस को समाप्त कर वर्ष 2006 के बाद सेवा में आए कर्मचारियों को पुरानी पैंशन स्कीम के दायरे में लाया जाए, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों अनुसार सभी प्रकार के भत्ते संशोधित किए जाएं, जोखिमपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना शामिल है। 
सम्मेलन में निम्न नेताओं ने सम्बोधित किया :
सम्मेलन को हरियाणा टूरिज्म से युद्धवीर सिंह खत्री, विरेन्द्र शर्मा, बिजली से लज्जाराम, सतपाल नरवत, परमाल सिंह, करतार सिंह, जनस्वास्थ्य से श्योराज सिंह भाटी, रमेशपाल, सिंचाई से अतर सिंह केशवाल, हुडा से खुर्शीद अहमद, धर्मबीर वैष्णव, सतीेश कुमार, शिक्षा विभाग से मा. राज सिंह, भीम सिंह, नगर निगम से बलबीर सिंह बालगुहेर, गुरचरण खांडिया,  श्रीनंद ढकोलिया, हरियाणा रोडवेज से रविन्द्र नागर, लोक निर्माण विभाग से पूर्ण सिंह दहिया आदि ने सम्बोधित किया। 



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