Tuesday, January 30, 2018

पिछले 15 दिन से आंदोलनरत आशा वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर फरीदाबाद में दी गिरफ्तारी

The arrest of the Asha workers protesting their demands in Faridabad from last 15 days

फरीदाबाद (abtaknews.com) 30 जुलाई ,2018 ; पिछले 15 दिनों से समान काम समान वेतन और पक्का करने की मांग को लेकर सिविल अस्पतालों पर धरना दे रही हजारों आशा वर्करों ने आज जिला लघु सचिवालय पर सत्याग्रह करते हुए जेल भरो आंदोलन किया ।इस आंदोलन में सर्व कर्मचारी संघ नगरपालिका कर्मचारी संघ और अन्य कर्मचारियों की दर्जनों यूनियन भी शामिल रही। हजारों कर्मचारियों ने पुलिस के सख्त पहरे को तोड़कर जिला लघु सचिवालय के सामने जमकर सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए । इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की विफलताओं को और झूठे वायदों को गिनवाते हुए कहा कि सरकार या तो कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें नहीं तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश के कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। वही जेल भरो आंदोलन  के लिए पर्याप्त संसाधन ना होने पर कर्मचारियों ने कहा प्रशासन जेल में ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था कर ले नहीं तो सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय पर ही बैठे रहेंगे।

फरीदाबाद में शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने वाली हजारों आशा वर्कर महिलाओं का गुस्सा उस वक्त फूट गया जब वायदे के अनुसार आशा वर्करों ने आज 30 जनवरी को सत्याग्रह करते हुए जेल भरो आंदोलन किया। इस आंदोलन में प्रदेश की सर्व कर्मचारी संघ नगरपालिका कर्मचारी संघ और अन्य दर्जनों कर्मचारियों की यूनियन भी शामिल रही। सभी यूनियनों ने फरीदाबाद सेक्टर 12 लघु सचिवालय पर पैदल मार्च करते हुए जोरदार हरियाणा सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए । हालांकि लघु सचिवालय पर पहले से जेल भरो आंदोलन की सूचना होने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा पहरा लगा रखा था उसके बावजूद भी कर्मचारियों के गुस्से के सामने पुलिस का पहरा ध्वस्त नजर आया और हजारों कर्मचारी नाकाबंदी को तोड़कर जिला लघु सचिवालय के सामने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस बारे में सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष सुभाष लांबा ने कहा की सरकार दोहरी राजनीति कर रही है पिछले 15 दिनों से आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर सिविल अस्पताल पर धरना दे रही हैं उसके बावजूद भी सरकार इन महिलाओं की मांगे सुनने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। महिलाओं की मांगो की बात करें तो हजारों आशा वर्कर समान काम समान वेतन और पक्का करने की मांग के चलते प्रदर्शन कर रही है जो भी सरकार ने सत्ता में आने से पहले घोषणा की थी लेकिन वायदों पर वादाखिलाफी करने वाली सरकार ने एक भी वादा इन 3 सालों में पूरा नहीं किया है । इसलिए मजबूरन सभी कर्मचारी जेल में जाने के लिए तैयार हैं । लंबा का मानना है की आशा वर्करों को जितना पैसा मिलता है इतने पैसे में उनके परिवार का गुजारा नहीं हो सकता इसलिए सभी आशा वर्कर जेल में जाकर चैन से खाना खा सकती हैं  । वही महासचिव सुभाष लांबा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा इस आंदोलन के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश के अंदर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा । वही आज के जेल भरो आंदोलन के लिए प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में वाहन  ना होने के चलते लांबा ने कहा या तो सरकार इन कर्मचारियों को जेल में ले जाने के लिए पर्याप्त मात्रा में वाहन मंगवाए नहीं तो सभी कर्मचारी लघु सचिवालय के सामने ही धरने पर बैठे रहेंगे। प्रदर्शनकारी आशा वर्कर महिला की माने तो पिछले 15 दिन से हजारों आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं सरकार उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं कर रही है इसलिए आज उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरकर जेल में जाना पड़ रहा है।

केन्द्र एंव राज्य सरकार की कर्मचारी,मजदूर,जन एंव राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को 5 हजार से ज्यादा कर्मचारियों व मजदूरों ने जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह कर जेल भरो आन्दोलन किया। जिसमे हड़ताली आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्करों की संख्या काफी प्रभावशाली थी। आशा वर्करों का सरकार के खिलाफ गुस्सा देखते ही बन रहा था । कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियों देने के लिए साढे तीन धंटे तक जिला व पुलिस प्रशासन की नाक मे दम  करके रखा और डीसी कार्यलय के समक्ष सत्याग्रह पर बैठ गये । कर्मचारियों ने केन्द्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया ।पहले एडीसी जितेन्द्र दहियां कर्मचारियों के बीच आये और समझाने का प्रयास किया और वापस घर लोटने की अपील की ,जिसका आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कड़ा विरोध किया । इस दौरान कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी रहा ।कर्मचारियों व मजदूरों के आक्रमक तेवरो को देखते हुए करीब ढाई बजे एडीसी जितेन्द्र दहियां व डीसीपी भूपेन्द्र सिंह को पुन: कर्मचारियों के बीच मे आने पर मजबूर होना पड़ा  और धोषणा की कि आपको व आपके नेताओं सहित गिरफ्तार कर लिया गया है और अपने अधिकारों का प्रयोग करके हुए रिहा किया जा रहा है । इस अवसर पर पारित किये गये प्रस्ताव मे आशा वर्कर की 17 जनवरी से चल रही हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया और सरकार को चेतावनी दी की अगर शीध्र आशा वर्करों की मांगो का बातचीत से समाधान नही किया तो कर्मचारी व मजदूर सड़को पर उतरने पर मजबुर होगे ।

कर्मचारी व मजदूर बाटा पुल,एस्कार्ट प्लांट -1 के सामने ,टाऊन पार्क व राजस्थान भवन पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीसी आफिस पर पहुंचे । कर्मचारियों की संख्या इतनी ज्यादा थी की सारे जाम हो गये । प्रदर्शनकारी काफी मशक्त के बाद डीसी आफिस पर पहुंचे ।कर्मचारियों को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के नेता सुभाष लाम्बा,अशोक कुमार ,बलबीर सिंह बालगुहेर,महासंघ से सुनील खटाना,एटक से बेचुगिरी,आर एन सिंह,सीटू से निरंतर पराशर,लालबाबू शर्मा,विजय कुमार झा,हिन्द मजदूर सभा से एसडी त्यागी,सुरेन्द्र लाल,वजीर डागर,इंटक से बीरेन्द्र चोधरी,इंकलाबी मंजदूर केन्द्र से संजय सिंह,इफ्टू से जवाहर सिंह,संयुक्त मंच से हामिद खां,रिटायर्ड कर्मचारी संघ से नवल सिंह नरवत,आशा वर्कर यूनियन से हेम लता व आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान देवेन्द्री शर्मा ने सम्बोधित किया ।कर्मचारियों व मजदूरों की प्रमुख मांगो मे सभी प्रकार के पार्ट टाइम व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने,पक्का होने तक समान काम के लिए समान वेतन देने, महंगाई पर रोक लगाने, पूंजीपतियों के हको मे किये जा रहे मजदूर विरोधी प्रदर्शनो पर रोक लगाई जाये,18 हजार न्यूनतम वेतनमान किया जाये,आशा,आंगबाड़ी व मिड-डे-मील को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाये,ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाये,खाली पड़े पदो को पक्की भर्ती से भरना आदि है ।


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