Wednesday, December 27, 2017

हत्याकांड के आरोपी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे पलवली अपने घरों में, सुरक्षा बल तैनात

 The accused of the massacre arrived with a heavy police force in the Palwari, in their homes, deployed heavy security force in the village

फरीदाबाद(abtaknews.com ) 26 दिसंबर,2017 ' के पलवली हत्याकांड के आरोपी पक्ष के परिजन भारी सुरक्षा बल के साथ पलवली गांव में आज अपने निवास पर लौट आए और अपने पांचों मकानों के ताले खोले, जहां से चौकानें वाली कई खबरें निकल कर सामनें आई हैं। पिछलें साढ़े तीन महीनें से यह सभी लोग अपने घर से दूर अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए थे। क्यूंकि वहां पीड़ित पक्षों के सदस्यों ने इन लोगों के प्रति खोप पैदा किए हुए था जिसको पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई से कोसों दूर कर दिया हैं। पुलिस की मानें तो उनके घरों में बिजली के कनेक्शनों जोड़ दिया गया और सीसीटीवी कैमरे को भी चालू कर दिया गया हैं और परिजनों ने अपने घरों की सफाई का कार्य शुरू करवा दिया हैं।
 The accused of the massacre arrived with a heavy police force in the Palwari, in their homes, deployed heavy security force in the village

करीब साढ़े -तीन महीनों के बाद जेल से छूटे आरोपी आज पुलिस के सुरक्षा घेरे में अपने  घरों में वापिस लौटे हैं जब यहां आकर देखा कि घरों के शीशे टूटे पड़े हैं, पूर्व सरपंच बिल्लू के घरों के सभी अल्मारियां  खुली हुई थी और उसमें से गहने व नगदी गायब थी । आरोपी पक्ष की महिला गीता और केशव मुदगिल ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि लोगों ने  उनके माली को यहां से भगा दिया व कई पशु अब भी लापता हैं। उनका कहना हैं कि तक़रीबन 25  एकड़  में गोभी की फसल थी वह सब खेतों से काट कर  लोगों ने गायब कर दिए। सवाल के जवाव में उनका कहना हैं कि पीड़ित पक्षों ने पहले से ही उन लोगों को मारने की तैयारी की हुई थी जिसका उन लोगों को बिल्कुल मालूम नहीं था। पूर्व सरपंच बिल्लू तो उन लोगों को समझने के लिए गया हुआ था कि बच्चों को रास्ते में रोक कर धमकी न दें यदि उन लोगों से कोई शिकायत हैं तो उन्हें या उनके घरों के बुजुर्गों को बताएं यह बात कह कर वह वापिस अपने घर की तरफ चल दिए तो पीछे की तरफ से पीड़ित पक्ष के लोगों ने बिल्लू के सिर पर फरसे व लाठी-डंडों से कातिलाना हमला कर दिया के बाद बाकी के और लोगों पर हमला कर दिया। उनका कहना हैं कि यदि उनके देवर ने अगर गोली नहीं चलाई होती तो हम सबके के सब मारे गए होते , मेरे देवर ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए गोलियां चलाई थी। उनका कहना हैं कि पीड़ित पक्षों  ने पहले से उनके परिवार से भिड़ने की तैयारी की हुई थी जिसका उन्हें बिल्कुल भनक तक  नहीं लगा। उनका कहना हैं कि वह लोग अपने बेटी की शादी की तैयारी में लगे हुए थे उसकी शादी बीते 11 नवंबर को होनी थी जिसे घटना के बाद तारीख आगे बढ़ा दी हैं। उनका कहना हैं कि उनका पति अंधा हैं जिसे बिल्कुल दिखाई नहीं देता हैं और उनका  बेकसूर बेटा  जेल में बंद हैं और बहु अपने मायके में हैं। उनका कहना हैं कि 10 गांव  के लोग व उनके परिजन  निर्दोष हैं जिन्हें  झूठे आरोप लगा कर, जेल में बंद कर दिया हैं। वह लोग सरकार व प्रशासन से  अनुरोध करते हैं कि  उनके साथ इंसाफ अवश्य करें।

थाना खेड़ी पुल एसएचओ राकेश कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पलवली गांव में तीन महीनें पूर्व में इस गांव में हुए हत्याकांड में पांच लोग मारे गए थे जिसमें इनके परिवार के 28 लोग जेल में बंद हैं। बाकी के लोगे अपने रिश्तेदारों ने शरण लिए थे और इन लोगों को गांव में न आने की धमकियां दी जा रहीं थी के बाद आरोपी पक्ष के लोग पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी उनकी मांग को पूरा करते हुए आज पुलिस ने सुरक्षित तरीके से उन्हें उनके घरों में पहुंचा  दिया गया हैं। 


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