Tuesday, December 12, 2017

समरस गंगा में नहाएगें, समरस समाज बनाएगें- स्कूल संचालक

Samras will take bath in Ganga, create Samaras society - school director

पलवल(abtaknews.com) जिलें में 31 दिसंबर को आयोजित होने वाले समरस गंगा कार्यक्रम को लेकर दर्जनों निजी स्कूल संचालकों ने उत्साह दिखाते हुए कहा कि समरस गंगा कार्यक्रम में समाज स्नान कर 31 दिसंबर को समरस बन जाएगा। निजी स्कूल संचालकों ने संघ कार्यालय केशव भवन पर बैठक कर समरस गंगा कार्यक्रम को समाजिक दृष्टि से समाज को संगठित करने वाला और समाज से बुराईयों को दूर करने वाला महोत्सव करार दिया। बैठक में उपस्थित सभी निजी स्कूल संचालकों ने समरस गंगा कार्यक्रम में तहत समाज को समरस बनाने का संकल्प लेते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के लिए उन्हें जिस तरह की जिम्मेदारियां दी गई है वह उनको पूर्ण कर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाएगें। इस अवसर पर समरस गंगा कार्यक्रम में बी.के. स्कूल के संचालक सतीश कौशिक ने बताया कि उन्हें कलश यात्रा को आयोजित कराने की जिम्मेदारी दी है, जिसके लिए उन्होंने संत समाज और माता बहनों के साथ विचार कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस बैठक में सैंट सी.आर. स्कूल के संचालक सतवीर सिंह ने बैठक में बताया कि रथ यात्रा का रोड़मैप तैयार कर पूर्व सैनिकों के साथ मिलकर यात्रा को जिले के सभी गांवों में ले जाया जाएगा और प्रत्येक गांव में कलश की स्थापना की जाएगी। संत दर्शन स्कूल के चैयरमैन कुंवर राजेन्द्र सिंह ने बैठक में आश्वासन देते हुए कहा कि नगर में दो-तीन स्कूलों को सम्मलित कर 31 दिसंबर से पूर्व छात्रों के द्वारा रैलियों का आयोजन किया जाएगा। कुंवर राजेन्द्र सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में छात्र संदेशात्मक पट्टियाँ और बैनर हाथ में लेकर निकलेगें। समरस गंगा कार्यक्रम को लेकर राजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रहित की सोच और युवाओं में संगठित होने की शक्ति एकत्र करने वाला व समाज से जाति-पाति, ऊँच-नीच जैसी बुराईयों का समाप्त करने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर मौजूद टैगोर विद्या निकेतन के संचालक एल.एन.शर्मा, मार्डन विद्या निकेतन के संचालक रामकुमार, होली चिल्ड्रन स्कूल के संचालक रवि शर्मा, धर्म पब्लिक स्कूल से आर.डी. शर्मा, जी.डी.वी.एम स्कूल के संचालक जय प्रकाश सहित अन्य गणमान्य स्कूल संचालकों ने संकल्प लिया कि समाज की बुराईयों को मिटाकर उसको समरस बनाने के लिए अपनी पूर्ण भागीदारी निभाएगें।

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