Sunday, December 17, 2017

भारत में सभी न्यायालयों और प्रशासनिक सेवा में सभी कार्य हिंदी में करने की वकिलों की मांग


All the courts and administrative services in India demand to do all the work in Hindi

फरीदाबाद-17 दिसंबर(abtaknews.com)भारत में सभी न्यायालयों प्रशासनिक सेवा में सभी कार्य हिंदी में करने की मांग को लेकर वकीलों ने भारतीय भाषा अभियान को लेकर बैठक की। जिसकी अध्यक्षता उत्तर क्षेत्रिय प्रमुख नवीन कौशिक, प्रांत प्रमुख विशाल जौली ने की। सहप्रांत प्रमुख संतराम शर्मा ने सभी का फूल मालाओं से स्वागत किया। नवीन कौशिक उत्तर क्षेत्रिय प्रमुख ने कहा कि हमारा लक्ष्य पूरे देश में सभी न्यायलयों, प्रशासनिक सेवा, स्कूल और कॉलेज में हिंदी भाषा को लागू कराना है।
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में 7 हिंदी के टाईपिस्टो की भर्ती की गई है। धीरे धीरे हाई कोर्ट के भी निर्णय हिंदी में लिखे जाने लगेंगें। उच्च न्यायलय सभी सैशन कोर्ट को आदेश दे चुका है कि कोई भी अधिवक्ता अपना कार्य न्यायलय में हिंदी में कर सकता है। देश के चार राज्यों में पूरी से हिंदी लागू की जा चुकी है। मध्यप्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बार कॉउन्सिल पंजाब एंड हरियाणा के मनोनित सदस्य शिवदत्त वशिष्ठ एडवोकेट ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी कहा है कि न्यायलय में स्थानीय भाषा में बहस और निर्णय होने चाहिंए। श्री वशिष्ठ ने कहा कि देश के सभी सरकारी संस्थानों में हिंदी अनिवार्य कर देनी चाहिए।
इस  अवसर पर भारतीय भाषा अभियान की फरीदाबाद इकाई का गठन किया गया। जिसमें करतार सिंह रावत संयोजक, नंदन कौशिक, सुनील दीक्षित, मुकुंद कौशिक, सह संयोजक बनाए गए। विद्यायन प्रमुख कैलाश वशिष्ठ, अनिल ढिल्लो,विजय शर्मा, सह प्रमुख, व्यवस्था प्रमुखगंगराम भारद्वाज, गिरराज सिंह रावत, संपर्क प्रमुख राहुल शर्मा, सहसंपर्क प्रमुख कुलदीप सैनी, सदस्यगण संजय दीक्षित, अवदेश शर्मा,गिरराज, विजय, पवन कुमार, उमाशंकर, धर्मवीर,खगेंद्र, लखन शामिल हैं।
 बैठक में कुंवर बालू सिंह, कुंवर दलपत सिंह, महासचिव सत्तबीर शर्मा, राजकुमार शर्मा,अजय शर्मा,ओपी यादव, विनय यादव, प्रेम कादियान, कुलदीप जोशी, सतीश चौहान, महेंद्र चौधरी आदि अधिवक्ता मौजूद थे।


                       


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