Friday, December 8, 2017

मुंबई में शेक्सपियर के प्ले पर नाटक 'दी टेमिंग ऑफ़ दी श्रेव'

The drama 'The Taming of the Shrew' on Shakespeare's play in Mumbai

मुंबई(abtaknews.com) 08 दिसंबर,2017; विलियम शेक्सपियर अंग्रेजी के सुप्रसिद्ध कवि,नाटककार और अभिनेता थेजिनके नाटक पर लगभग सभी देशों में नाटक लोगों ने विभिन्न भाषाओं में मंचन किया है। अब मुंबई में जनवरी २०१८ में 'व्हाट्स इन ए नेमथिएटर कंपनी के बैनर तले निर्मात्री कनुप्रिया का शेक्सपियर के नाटक पर अंग्रेजी में नाटक 'दी टेमिंग ऑफ़ दी श्रेवकी शुरुवात होगी।जिसके निर्देशक देशिक वांसदिआ हैजोकि नाटक में श्रू” की मुख्य भूमिका निभाएँगे।इसमें आज के समाज में चल रहे पुरुष और महिलाओं के समान अधिकार के बारे में दिखाया गया है। इस नाटक की खासियत है कि इसमें लड़के लड़किओं का रोल करेंगी और लड़कियाँ लड़कों का रोल करेंगी।
The drama 'The Taming of the Shrew' on Shakespeare's play in Mumbai

अंग्रेजी नाटक 'दी टेमिंग ऑफ़ दी श्रेवके एक्टर व निर्देशक देशिक वांसदिआ (नवसारी) गुजरात के रहनेवाले है। अमेरिका के 'स्टेल्ला एडलरएक्टिंग स्टूडियो से तीन साल  एक्टिंग सीखा है और वही से शेक्सपियर एंड कंपनी से दो साल ट्रेनिंग लिया है। और वही पर काफी नाटकों में काम किया। लॉस एंजलिस में रोमियो और जूलिएट के प्रोडक्शन में रोमियो का रोल कियाजोकि काफी फेमस हुआ। उसके बाद शेक्सपियर के नाटकों के मुरीद बन गए और विश्वभरमें अलग अलग नाटकोंमें मुख्य भूमिकाओं को निभाया। मुंबई आकर कई फिल्मसीरियल,नाटकम्यूजिक अल्बमविज्ञापन फिल्म इत्यादि में काम किया। वे अंग्रेजी में बोलने और अंग्रेजी में ही डायलॉग बोलने में ज्यादा सहज महसूस करते है।इसके पहले शेक्सपियर की ४०० वीं पूण्यतिथि के अवसर पर 'आल इण्डिया रेडियोके लिए एक अंगेजी प्ले 'मेसर फॉर  मेसरको निर्देशित करके दिया था,जिसमें एक गुरु / साधू एक लड़की को देखने के बाद उसपर मोहित हो जाता है। जोकि आज भी रविवार को अक्सर प्रसारित होता है।इसके बाद देशिक वांसदिआ एक नाटक दी बॉय हु स्टोप्पड़ स्माइलिंग', जिसमें एक आठ साल का लड़का बहुत ही ज्यादा इंटेलीजेंट होने के आम बच्चों की तरह लोगों से अच्छा व्यहार नहीं कर पाता है। इसमें देशिक ने एक्टिंग और निर्देशन भी किया था। जिसका शो पृथ्वी थिएटरऍन सीपीए और पुरे देश में काफी सफलतापूर्वक शो किये थे।

अंग्रेजी नाटक 'दी टेमिंग ऑफ़ दी श्रेव के एक्टर व निर्देशक देशिक वांसदिआ अपने नए शो के बाते में कहते है," हम महिला और पुरुष की समानता की बात करते है। लेकिन जब आज कोई लड़की मॉर्डन ड्रेस पहन ले या थोड़ा से पुरुष के समान रहने लगे तो लोग उसके बारे में गलत -गलत बाते करते है और कहते है कि वह बिगड़ गयी है। वैसे दोनों के बीच में मेन 'पावरबड़ा होता है। चाहे महिला के पास 'पावरहो या पुरुष के पास। वह उसका इस्तेमाल करता है। सच पूछों कोई बड़ा या छोटा नहीं होता है। इसमें हम लोगों ने इस नाटक में शेक्सपियर वाली अंग्रेजी ही रक्खा। उसमें जो भाव,रसकविता है वह आज की अंग्रेजी में नहीं है।"इस नाटक का मंचन मुंबई,अहमदाबाद,दिल्ली,बँगलेरू, राजस्थान इत्यादि में करेंगे।



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