Tuesday, December 12, 2017

क्यूआरजी सेंट्रल अस्पताल फरीदाबाद का कारनामा, डेंगू पीडि़त मरीज की मौत, अस्पताल ने थमाया 17 लाख का बिल

Due to the death of a dengue patient, Hospital has given 17 million bills for the construction of QRG Central Hospital, Faridabad

फरीदाबाद(abtaknews.com) 12 दिसंबर,2017 ; गुडग़ांव के फोर्टिस में डेंगू से हुई बच्ची की मौत का 17 लाख रुपए बनाने का मामला अभी थमा भी नहीं कि फरीदाबाद के अजरौंदा चौक स्थित क्यूआरजी सैंट्रल अस्पताल में भी ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है, जिसमें डेंगू की शिकायत को लेकर करीब 20 दिन पहले दाखिल हुई 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई और अस्पताल प्रशासन ने उसका करीब 17 लाख रुपए का बिल बना दिया। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया, जिस पर मौके पर पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को काबू किया। पुलिस ने मृतका के परिजनों से कहा कि अगर वह अस्पताल के खिलाफ कार्यवाही चाहते है तो उन्हें शव का पोस्टमार्टम करवाना पड़ेगा परंतु परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाना अपने धर्म के खिलाफ माना और शव लेकर चले गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार जवाहर कालोनी निवासी 50 वर्षीय नाजमा परवीन पत्नी खालिद को गत 20 नवंबर को क्यूआरजी अस्पताल में डेंगू की शिकायत के चलते दाखिल करवाया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था। मृतका के भतीजे यूसूफ खान ने बताया कि कई दिन बीतने के बाद डाक्टरों ने कहा कि उसके सेपटिक बन गई है और फिर कहा कि उसकी किडनी में दिक्कत है और बाद में कहा कि उसके एआरएसएस हो गया है। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने इलाज के नाम पर उनसे 17 लाख रुपए वसूल लिए और उन्हें बताया कि नाजमा के पीलिया हो गया है। इस दौरान उसे कई दिनों तक वेटीलेटर पर रखा और आज सुबह उसे मृत घोषित कर दिया। यूसूफ खान ने आरोप लगाया कि उसकी चाची नाजमा की मौत अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के चलते हुई है और उसकी कई दिन पहले ही मौत हो चुकी थी, वेटीलेटर पर उसके शव को रखकर अस्पताल वाले उनका बिल बढ़ाते रहे। इसी को लेकर उनके सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अस्पताल के खिलाफ कार्यवाही की मांग की परंतु पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की बात कहे जाने के चलते उन्होंने कार्यवाही से मना कर दिया क्योंकि उनके धर्म में पोस्टमार्टम सही नहीं माना जाता। पुलिस ने परिजनों को शांत करवाया उन्हें शव सौंप दिया।

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