Wednesday, November 15, 2017

चंडीगढ़ में हरियाणा व दिल्ली के मुख्य मंत्रियों ने बढ़ते प्रदूषण मामले में मीटिंग में की चर्चा

Haryana-CM-ml-khattar-in-a-meeting-with-Delhi-CM-Arvind-Kejriwal-discussing-issues-related-to-pollution

चंडीगढ़ (abtaknews.com ) हरियाणा व दिल्ली के मुख्य मंत्रियों ने बढ़ते प्रदूषण मामले में आयोजित मीटिंग में की चर्चा प्रदूषण नियंत्रण पर चर्चा के लिए मनोहर लाल की अगुवाई में दिल्ली सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।उम्मीद है कि मिलकर काम करने से हम प्रदूषण नियंत्रण पर बेहतर परिणाम हासिल कर पाएँगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने आश्रम चौक से बदरपुर तक ऐलीवेटिड रोड लिंक और गुरुग्राम से दिल्ली के प्रवेश बिन्दु पर कर संग्रहण की स्वचालित व्यवस्था विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है। इससे यातायात दबाव कम होगा।आज यहां एक संयुक्त बैठक के दौरान श्री अरविन्द केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को यह आश्वासन दिया।श्री मनोहर लाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आश्रम चौक से बदरपुर तक ऐलीवेटिड रोड के निर्माण का सुझाव दिया था ताकि इस क्षेत्र में यातायात दबाव कम हो सके। इस पर श्री केजरीवाल ने कहा कि वे इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाने के लिए निजी तौर पर रूचि लेंगे।श्री मनोहर लाल ने  दोनों सरकारों के बीच सड़कों एवं पानी के कुछ अन्य चिर लम्बित मुद्दों को उठाते हुए श्री केजरीवाल को इन मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए सम्बन्धित विभागों को निर्देश देने का आग्रह किया ताकि दोनों राज्यों के लोगों को सुविधा हो सके।
सड़कों एवं पानी के मुद्दे निम्न प्रकार से है:-
सड़क –
1. द्वारका को गुड़गांव में 150 मीटर चौड़े एनपीआर से जोड़ने के लिए एनसीटी दिल्ली में 80 मीटर चौड़े प्रस्तावित लिंक रोड का विकास और अधिग्रहण ।इस लिंक की कुल लंबाई लगभग 19.5 किमी है, जिसमें से हरियाणा में एनपीआर के 18 किलोमीटर की दूरी पर विकास कार्य 16.5 किलोमीटर तक पहले ही पूरा हो चुका है और हरियाणा में सड़क का शेष भाग पूरा किया जा रहा है।द्वारका के साथ एनपीआर को जोड़ने वाली 80 मीटर चौड़ी सड़क के जरिए दिल्ली के भाग का निर्माण मुख्य लंबित मुद्दा है।इस सड़क के पूरा होने से दिल्ली से एनएच-8 पर मानेसर, रेवाड़ी, जयपुर और  इससे आगे की यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा और इस प्रकार एनएच -8 पर यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। 
2. बसंत कुंज फ्लायओवर के पास नेल्सन मंडेला टी पॉइंट को एमजी रोड से जोड़ना मास्टर प्लान दिल्ली के  जोन ‘जे’  में गुड़गांव-महरौली रोड के साथ नेल्सन मंडेला टी-पॉइंट (वसंत कुंज फ्लाईओवर के पास) को जोड़ने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।पत्र दिनांक 12.1.2016 के जरिए हरियाणा राज्य ने मास्टर प्लान दिल्ली के जोन ‘जे’ में पहले से अनुमोदित लिंकेज के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए अनुरोध किया था डीडीए ने सूचित किया है कि यह लिंक एक क्षेत्रीय पार्क से गुजर रहा है, इसलिए संभव नहीं है। क्षेत्रीय पार्क को छोड़कर वैकल्पिक संरेखण के लिए प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
3. दिल्ली के अंधेरिया मोड़ के पास महरौली रोड से गडायपुर और मंडी के माध्यम से गवाल पहाड़ी के पास गुड़गांव-फरीदाबाद रोड तक लिंक रोड को चौड़ा करना इससे दिल्ली के भीतर एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होगा और जीएमयूसी-2031 में प्रस्तावित ग्रेटर एसपीआर के माध्यम से गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड और एनएच -8 को सीधा लिंक प्रदान करेगा।एनसीटी/डीडीए को जहां कहीं भी आवश्यक हो, उस जमीन को प्राप्त कर कार्यान्वयन आरंभ करना चाहिए।
4.गुरुग्राम-मानेसर-शहरी कॉम्प्लेक्स -2031 एडी के सेक्टर -109 और 114 के बीच दिल्ली क्षेत्र में 75 मीटर चौड़ी सड़क लिंक और नजफगढ़ रोड के साथ गुड़गांव क्षेत्र को जोड़ना-
· सेक्टर -109 और 114 के बीच भूमि का एक हिस्सा एनसीटी, दिल्ली के अंतर्गत आता है। इस जमीन के दोनों ओर जीएमयूसी 2031 एडी में एक 75 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित की गई है। हरियाणा के हिस्से में सेक्टर 109 की तरफ इस सड़क का निर्माण हो चुका है।हालांकि सेक्टर -109 और 114 के बीच आने वाले दिल्ली के हिस्से में लिंक का प्रावधान करना आवश्यक है और इसी तरह इस सड़क को एनओटी दिल्ली में नज़फगढ़ सड़क से जोड़ना भी आवश्यक है।यह प्रस्ताव दिल्ली मास्टर प्लान में शामिल करना है क्योंकि यह सड़क सेक्टर 99 से सेक्टर 115 तक जीएमयूसी योजना के लिए एक बाहरी सड़क के रूप में कार्य करेगा।
 5 सोनीपत राजीव गांधी एजुकेशन सिटी (आरजीईसी) सोनीपत से यूईआर जोन पी-आई 1 दिल्ली को 60 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ना  06.10.2015 को सदस्य सचिव एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अध्यक्षता में हुई बैठक में, निदेशक योजना, यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (यूटीटीआईपीईसी) ने बताया कि इस लिंक को पहले ही दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के परिवहन अध्याय में शामिल किया है और दिल्ली सरकार का पीडब्ल्यूडी इस परियोजना को लागू करेगा।
सोनीपत कुंडली मल्टीफंकशनल शहरी कॉम्प्लेक्स 2031 के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान में 60 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव पहले से ही प्रस्तावित किया गया है और जोन पी-॥ दिल्ली के यूईआर-॥ रोड के साथ राजीव गांधी एजुकेशन सिटी सोनिपत से लिंक करेगा।इस परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए एनओटी दिल्ली की सरकार से अनुरोध किया है।
6. हरियाणा की सीमा तक चौड़ा करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-8 के माध्यम से बवाना-ओचंडी सड़क को खरखैदा से जोड़ा जाए  इस लिंक को पहले से ही दिल्ली के मास्टर प्लान के क्षेत्र ‘एन’ में मंजूरी दे दी गई है। इसी तरह खरखोदा शहर की विकास योजना में, राज्य राजमार्ग 18 को 60 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव दिया गया है।एनओटी दिल्ली को दिल्ली की मास्टर प्लान के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए भूमि अधिग्रहण और विकास का अनुरोध किया जा सकता है।
पानी:-
7 कैरियर लाइंड चैनल (सीएलसी) की निर्माण लागत के संबंध में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा 287.91 करोड़ रुपये की राशि का लम्बित भुगतान जारी न करना।
हरियाणा सिंचाई विभाग ने फरवरी, 1993 में हरियाणा सरकार और एनओटी दिल्ली के बीच हुए समझौते के परिणामस्वरूप दिल्ली जल बोर्ड के डिपोज़िट वर्क के रूप में विशेष तौर पर एनओटी दिल्ली के लिए पानी ले जाने के लिए आरडी 0 से 335986 तक डब्ल्यूजेसी प्रणाली के मुनक हैड से  हैदरपुर ट्रीटमेंट प्लांट तक कैरियर लाइंड चैनल का निर्माण किया है।
सीडब्ल्यूसी ने 667.26 करोड़ रुपए राशि की इस परियोजना की लागत को मंजूरी दी  है जिसमें से दिल्ली का हिस्सा 520.18 करोड़ रुपये है जिसके समक्ष दिल्ली ने अब तक 414.00 करोड़ रुपए की राशि जारी की है। इसलिए, 106.18 रुपये का बकाया राशि और इस पर 18 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज का भुगतान दिल्ली जल बोर्ड की तरफ शेष है यह मामला हमारे द्वारा दिल्ली में यूवाईआरसी की पांचवीं और छठी बैठकों और यूवाईआरबी की 50वीं बैठक के दौरान उठाया गया था। इन बैठकों के दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली जल बोर्ड द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड अब तक शेष राशि जारी करने में विफल रहा है।
8.दिल्ली जल बोर्ड द्वारा लंबित अतिरिक्त कच्चे पानी का शुल्क जारी न करना
हरियाणा 29 फरवरी, 1996 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वजीराबाद तालाब का स्तर पूरा रखने के लिए ताजेवाला में कॉमन पूल से पानी जारी कर रहा है। कार्यकारी अभियंता, दिल्ली जल सेवाएं मंडल, दिल्ली द्वारा मार्च,1996 से दिल्ली जल बोर्ड को आपूर्ति किए गए अतिरिक्त कच्चे पानी का बिल भेजा गया है। इस मामले पर दिल्ली में यूवाईआरसी की पांचवीं और छठी बैठकों और यूवाईआरबी की 50वीं बैठक के दौरान चर्चा हुई थी।वर्ष 1997 से  दिसम्बर, 2015 तक आपूर्ति किए गए अतिरिक्त कच्चे पानी के भुगतान हेतु दिल्ली जल बोर्ड  के विरूद्घ देय राशि 69.62 करोड़ रुपये है। अतिरिक्त कच्चे पानी की इस मात्रा को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड द्वारा विधिवत सत्यापित किया गया है।
9. दिल्ली राज्य के किसानों को आपूर्ति किए गए सिंचाई पानी के लिए उनके द्वारा 2,74,78,664 रुपये की आबियाना राशि का भुगतान न करना।

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