Wednesday, November 8, 2017

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे बन रहा काल, आये दिन हो रही सड़क दुर्घटना में गवां रहे लोग जान


लखनऊ (संदीप पाल) abtaknews.com उत्तर प्रदेश में राहगीरों व यात्रियों की राह को आसान एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से बनाये गये एक्सप्रेस-वे लोगों को काल के गाल में समां रहे हैं। जबकि यही एक्सप्रेस-वे वायु सेना के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
शनिवार रात लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एनसीसी प्लांट के पास एक कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे कार का फ्यूल टैंक फट गया और शार्ट सार्किट से आग के गोले में बदल गई तथा कार मंे सवार दो परिवार के छह लोग जिंदा जल गये। वहीं शुक्रवार रात को भी एक अनियंत्रित कार डविाडर से टकरा गई। जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। जबकि 21 नवंबर 2016 को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के 78वें जन्मदिन पर इस एक्सप्रेस-वे की ओपनिंग के ठीक बाद लखनऊ लौट रहे तत्कालीन प्रमुख सचिव सूचना/आई.ए.एस. नवनीत सहगल की कार विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य कार से टकराकर दुर्घटना ग्रस्त हो गई था, जिससे उन्हे गम्भीर चोट आई थी। 

इसमें कोई शक नहीं कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे टाॅप क्लास का एक्सप्रेस-वे है। लेकिन इसको बनाने के साथ सरकार द्वारा राहगीरों की सुरक्षा के लिये जगह-जगह पर मेडिकल और पुलिस सुविधा की जो दावे किये गये थे वह बेमानी साबित हुए। जिसके उदाहरण स्वरूप अबतक कई लोग इस एक्सप्रेस-वे पर अपनी जान गवां चुके हैं।गौरतलब है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे यूपी पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था। 302 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को 22 महीने में पूरा किया गया था और इस पर 13,200 करोड़ रुपए का खर्च आया था।

21 नवंबर 2016 को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के 78वें जन्मदिन पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की ओपनिंग की गई थी। इस दौरान भारतीय वायु सेना ने इस एक्सप्रेस-वे पर आठ फाइटर जेट, मिग, सुखोई और मिराज 2000 विमानों का उतार कर न केवल ट्रायल किया बल्कि अपनी ताकत भी जांची। जबकि दिसंबर 2016 में इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। जबकि अक्टूबर 2017 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स के 17 फाइटर प्लेन्स का टचडाउन किया था।  जिसमें प्रमुख सुपर हरक्यूलिस की लैंडिंग की हुई। इससे गरुड़ कमांडो एक्सप्रेस-वे पर उतरे थे। 

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