Friday, November 3, 2017

सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र अंबाला का वार्षिकोत्सव संपन्न



फरीदाबाद (abtaknews.com)सतयुग दर्शन ट्रस्ट (रजि.) फरीदाबाद, द्वारा स्थापित सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र अंबाला  शहर द्वारा गत सप्ताह वार्षिकोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ मुक्चय अतिथि,  सजनजी, मैन्टर सतयुग दर्शन ट्रस्ट, साथ में  रश्मा गान्धी मैनेजिंग ट्रस्टी सतयुग दर्शन ट्रस्ट के करकमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यार्थियों ने वाद्य यन्त्रों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें बांसुरी आदि वाद्य यन्त्र जो कि शास्त्रीय संगीत की धरोहर हैं इन वाद्यों के साथ एक वाद्यवृन्द प्रस्तुत किया, जिससे सभी श्रोतागण भावविभोर हो गए। इसके साथ ही एक के बाद एक सुन्दर प्रस्तुति दी गयीं।

सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र अ6 बाला के विद्यार्थी न केवल अंबाला शहर, स6 पूर्ण भारत अपितु विश्व के विभिन्न देश जैसे थाइलैण्ड, २०१५ में अनन्या भसीन नामक विद्यार्थी द्वितीय स्थान पर रहीं, तत्पश्चात गत वर्ष  विद्यार्थी श्रीलंका गए वहां इन्होंने भिन्न-भिन्न वर्गों में भाग लिया और ये सभी विद्यार्थी प्रथम स्थान पर, गोल्ड मेडल लेकर स्वदेश पहुंचे, तत्पश्चात फरवरी २०१७ में ८ विद्यार्थी दुबई 3यूचर फैस्टीवल में इन्होंने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। खुशी की बात ये है कि आगामी २०0 नव6 बर को ४ विद्यार्थी कई पड़ाव पार करने के पश्चात स्पेन जा रहे हैं आशा है कि यहां भी ये अपने बेहतर प्रदर्शन द्वारा सभी का मन मोह लेंगे और भारत का नाम रौशन करेंगे।

कार्यक्रम के मध्य में सभी मेघावी छात्र-छात्राओं को  अनुपमा तलवार, चेयरपर्सन सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र द्वारा स्मृति चिन्ह से स6 मानित किया गया। मंच संचालन का कार्यभार संगीत कला केन्द्र की पूर्व विद्यार्थी प्रियंका छाबड़ा ने किया। सतयुग दर्शन ट्रस्ट फरीदाबाद द्वारा स्थापित सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र की स6 पूर्ण भारत वर्ष में १६ शाखाएं कार्यरत हैं। जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग एवम उम्र के लोगों को संगीत के क्षेत्र में कुशल बनाते हुए संगीत के माध्यम से जीवन में शान्ति स्थापित करना। सभी संगीत कला केन्द्र प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद, जो कि सन् १९२६ से संगीत शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत देश की सबसे प्राचीन शिक्षण संस्था है, से मान्यता प्राप्त हैं। इन्हीं शाखाओं में से एक शाखा अ6 बाला शहर द्वारा २५ अकटूबर २०१७ को  आओ बनें श्रेष्ठ मानव नामक कार्यक्रम किया गया, इस विषय पर स6 बन्धित एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें लगभग १५०0 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन्होंने इस नृत्य नाटिका द्वारा मानव को मानवीय गुणों से परिचित कराया, इस विशेष प्रस्तुति ने सभी श्रोताओं को झकझोर दिया, वास्तव में एक नेक इन्सान के गुणाष से परिचित कराकर इन्सानियत का रास्ता दिखा दिया।

तत्पश्चात सतयुग दर्शन ट्रस्ट के मार्गदर्शक सजन जी ने सभी बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये बच्चे यदि बाल्यावस्था से ही इन मानवीय गुणों को अपना लेते हैं तो इनका भविष्य प्रकाशित रहेगा। जिस उद्देश्य से सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्रों की स्थापना की गई थी वह साकार हो रही है। साथ ही यह भी निर्देश दिये कि स6 पूर्ण हरयाणा प्रदेश स्तर की एक प्रतियोगिता आयोजित कराई जाए जो नैतिकमूल्यों पर आधारित हो, इस विषय पर सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र के प्रधानाचार्य  दीपेन्द्र कान्त ने आश्वासन दिलाया कि हम आगामी माह में हरयाणा में राज्य स्तर पर सांगीतिकि प्रतियोगिता आयोजित करेंगे जो नैतिकमूल्यों पर आधारित होगी। कार्यक्रम के अन्त में प्रधानाचार्य द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।


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