Friday, November 3, 2017

किसी सरकार के फ़रमान पे बेघर न हुआ,दिलों में रहने का इतना तो फ़ायदा है मुझे ; डॉ विश्वास

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नई दिल्ली(abtaknews.com): 03 नवंबर,2017 ; आम आदमी पार्टी की ख़ामोशी किसी बड़े तूफान का इशारा कर रही है।  आप पार्टी में सब कुछ ठीक ठाक नहीं है, विद्रोह का ज्वालामुखी कभी भी फट सकता है। ऐसा हुआ तो कपिल मिश्रा से भी बड़ी गूँज होगी। आप पार्टी का सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल स्वयं को मोदी का विकल्प मानने के मुंगेरी लाल के सपने देखते थे और कांग्रेस पार्टी  कमजोर होती लोकप्रियता का फायदा उठाकर मोदी को टक्कर देने का ख्वाब पाल बैठे। अति महत्वकांशी  केजरीवाल ने इसी के चलते पिछले लोकसभा चुनाव लडा था। आज आम आदमी पार्टी का ग्राफ तेजी से गिर रहा है। आप के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा प्रकरण ने उन्हें बहुत नुकसान पहुँचाया यही सिलसिला जारी रहा तो अब डॉ कुमार विश्वाश प्रकरण के बाद पार्टी पूरी तरह टूट जाएगी।  आप पार्टी का दुश्मन नंबर एक संजय सिंह है जो अपने मतलब के लिए आम आदमी पार्टी को दीमक की तरह खोखला करने में जुटा है। आप पार्टी सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल को ऐसे ही आस्तीन के सांपो से सावधान रहना होगा। 
आप पार्टी के स्टार नेता डॉ कुमार विश्वास का विश्वास पार्टी से उठा तो जनता का भी उठ जायेगा। समय रहते सुधार कर लें क्योकिं आप पार्टी सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल चापलूसों से घिरे रहते है उनसे सावधान रहें। पार्टी की नैशनल काउंसिल मीटिंग में कुमार विश्वाश को किनारे करना गलत निर्णय था।  कुमार विश्वाश ने कई ट्वीट किये हैं उनके ट्वीट चर्चा का विषय बने हुए हैं ----
1. “किसी सरकार के फ़रमान पे बेघर न हुआ, दिलों में रहने का इतना तो फ़ायदा है मुझे..!”
2.ख़ुशियों के बेदर्द लुटेरो, ग़म बोले तो क्या होगा, ख़ामोशी से डरने वालो,‘हम’ बोले तो क्या होगा..?? 🤔

डॉ  कुमार विश्वाश कपिल मिश्रा की राह पर चल निकले तो टीम केजरीवाल और उनकी पार्टी की दुर्गति होना तय है। डॉ विश्वाश का विश्वास जीतिए केजरीवाल महाशय।

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