Saturday, November 11, 2017

राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव का समापन, 200 से ज्यादा प्रतिभागी



फरीदाबाद, 11 नवम्बर(abtaknews.com)वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव को वार्षिक आयोजन बनाया जायेगा। यह घोषणा कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने आज विश्वविद्यालय द्वारा विश्व संवाद केन्द्र, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव के समापन समारोह में की।
सम्मेलन के समापन समारोह में आईटीवी नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिकेय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहे। इस अवसर पर सम्मेलन को उत्तर क्षेत्रीय प्रचारक अनिल कुमार, विश्व संवाद केन्द्र, हरियाणा के सचिव राजेश गोयल तथा कुलसचिव डॉ. एस. के. शर्मा ने भी संबोधित किया। दो दिवसीय सम्मेलन में हरियाणा के इतिहास, संस्कृति, महापुरूष एवं योगदान से संबंधित विषयों पर विभिन्न पांच श्रेणियों में शोध पत्र, लेख, शार्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री तथा फोटोग्राफी में लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों हिस्सा लिया। सभी श्रेणियों में श्रेष्ठ प्रस्तुतियों को नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसने पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों को परस्पर संवाद के लिए बेहतरीन मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए कई चुनौतियां पैदा कर दी है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए मीडिया के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे नई तकनीकों से खुद को जोड़े और एक पत्रकारिता के क्षेत्र में उच्च मूल्य स्थापित करने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव को वार्षिक आयोजन का हिस्सा बनायेगा।
आईटीवी नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिकेय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया ने जनसंचार की परिभाषा को बदल दिया है। आने वाला समय सोशल मीडिया का है और स्मार्ट फोन पत्रकारिता का महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों को जनसंचार की परिभाषा को संरचित तरीके से समझने की आवश्यकता है, जिसमें समाचार से अधिक महत्वपूर्ण उस समाचार की विश्वसनीय है। उन्होंने वाईएमसीए विश्वविद्यालय के पत्रकारिता के विद्यार्थियों को आईटीवी नेटवर्क के इंडिया न्यूज चैनल में इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण प्रदान करने का आश्वासन दिया।
समारोह के मुख्य वक्ता उत्तर क्षेत्रीय प्रचारक अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया एवं कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता हैं। विज्ञापन एवं फिल्मों में भारतीय संस्कृति को किस तरह से दिखाया जा रहा है, क्या यह भारत का मूल स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है, यह समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों तथा कलाकारों को यह तय करना होगा कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते है।
इससे पूर्व कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा ने आयोजन समिति के सचिव के रूप में सभी अतिथियों तथा सम्मेलन में सम्मिलित प्रतिनिधियों का स्वागत किया। दो दिवसीय सम्मेलन का संक्षिप्त विवरण रखते हुए सम्मेलन के संयोजक डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि सम्मेलन में हरियाणा के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली तथा पंजाब से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर वाईएमसीए विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थी क्लब ‘संचार’ के लोगो एवं सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया गया। सम्मेलन में सह-संपर्क प्रमुख गंगा शंकर मिश्र, पार्षद धनेश्वर अदलक्खा, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, प्रतिभागी तथा काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ रही प्रविष्टियों के परिणाम इस प्रकार रहेः
शोध पत्र श्रेणी के शिक्षक वर्ग में पहला पुरस्कार डॉ. पवन सिंह मलिक, दूसरा डॉ. तरूणा नरूला तथा तीसरा भारती बतरा को मिला। इसी श्रेणी के विद्यार्थी वर्ग में दीक्षा बतरा के शोध पत्र को श्रेष्ठ चुना गया। इसी प्रकार, लेख श्रेणी के मीडिया वर्ग में पहला पुरस्कार नसीब सैनी, दूसरा डॉ संजीव कुमारी तथा तीसरा नरेन्द्र कुंडू ने प्राप्त किया। इस श्रेणी के शिक्षक वर्ग में जयपाल सिंह का लेख को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। दूसरा पुरस्कार परमेश त्यागी तथा तीसरा पुरस्कार अनिल कुमार पांडेय व पवन सिंह मलिक को दिया गया। विद्यार्थी वर्ग में पहला पुरस्कार सीआरएसयू, जींद की ट्वीकल संधू को, दूसरा पुरस्कार वाईएमसीए विश्वविद्यालय की चंचल व रागिनी को तथा तीसरा पुरस्कार गवर्नमेंट पीजी कालेज के संजू दूहन को दिया गया। फोटोग्राफी श्रेणी के पत्रकार वर्ग में इंद्रजीत, सुनील तथा विजेन्द्र को पहला, दूसरा व तीसरा पुरस्कार दिया गया जबकि विद्यार्थी वर्ग में पहला पुरस्कार मनीषा, दूसरा पुरस्कार वाईएमसीए विश्वविद्यालय की साक्षी चौहान तथा तीसरा पुरस्कार वाईएमसीए विश्वविद्यालय के अंशुल गर्ग को दिया गया। शार्ट फिल्म (लघु फिल्म) श्रेणी के विद्यार्थी वर्ग में ‘पकड़म-पकड़ाई’ श्रेष्ठ फिल्म रही। दूसरा पुरस्कार ‘टेक ए ट्रू फ्लाई’ फिल्म तथा तीसरा पुरस्कार ‘समवन इन पेन’ फिल्म को मिला। ‘बी गुड फील गुड’ फिल्म को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इसी श्रेणी के शिक्षक वर्ग में ‘इलेक्शन टाइम’ फिल्म को पहला पुरस्कार दिया गया। डॉक्यूमेंट्री (वृतचित्र) श्रेणी के विद्यार्थी वर्ग में ‘पगड़ी वाला तूफान’ फिल्म को पहला पुरस्कार, ‘अमावस्य’ फिल्म को दूसरा पुरस्कार तथा ‘डॉयलेक्ट आफ हरियाणा’ फिल्म तीसरा पुरस्कार दिया गया। मीडिया वर्ग में ‘गौ वंश’ फिल्म को पहला पुरस्कार दिया गया। शिक्षक वर्ग में ‘थकान से आगे’ फिल्म को पहला पुरस्कार मिला।

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