Friday, October 13, 2017

फरीदाबाद में आवारा कुत्तों के आये अच्छे दिन, विदेशी कपल ने गोद लिए चार आवारा कुत्ते

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फरीदाबाद(abtaknews.com) 13 अक्टूबर,2017 ; विदेशी कपल ने मिसाल पेश करते हुए चार आवारा कुत्तों को गोद लेकर उनका नामकरण किया और इन्हें अपने देश ले जाने के लिए पासपोर्ट बनवाने के लिए भी अप्लाई किया। दरअसल, पोलैंड से बिजनेस के सिलसिले में इंडिया आए 35 वर्षीय राबर्ट और उनकी पत्नी मार्टा ने एक दिन देखा कि पेड़ की छांव में बैठे कुछ आवारा कुत्तों को मकान मालिक डंडे से मारकर भगा रहा है। इस घटना से दोनों का मन काफी आहत हुआ और उन्होंने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के दफ्तर में सम्पर्क कर पीपल फॉर एनीमल एनजीओ की मदद से उन्हें गोद ले लिया। 

विदेशी कपल राबर्ट और मार्टा ने भारतीय अपनों ने दुत्तकारा और परायों ने अपनाया,, कुछ ऐसे ही शब्द आवारा कुत्ते खुशी के आसू बहाते हुए बोल रहे हैं,, खुशी भी ऐसी जिसका कोई ठिकाना नहीं, क्योंकि इंसान का तो पता नहीं मगर उनके अच्छे दिन आ गये हैं,, उन्हें एक विदेशी कपल ने गोद ले लिया है और अपने साथ विदेश ले जा रहे हैं।। मामला फरीदाबाद का है जहां पोलेंड से व्यापार के सिलसिले में आये राबर्ट और मार्टा सेक्टर 14 में पिछले एक से रह रहे हैं। जिन्होंने एक दिन देखा कि गलियों मे आवारा घूमने वाले कुत्तों को एक व्यक्ति डंडे से मार रहा था जिसमें एक कुत्ते के तो पैर में भी चोट लग गई, जिसको देखकर दोनों विदेशी दंपती बहुत आहत हुए और कुत्तों को गोद लेने के लिये केंद्रीय मंत्री एवं पशु अधिकारवादी मेनका गांधी के आफिस में संपर्क किया। जहां से पीपल फॉर एनीमल की जिला प्रतिनिधि प्रीति दुबे को इस विदेशी कपल की मदद के लिए सिफारिश की गई। जिनके जरिये से विदेश्ी कपल ने चार कुत्तों को गोद ले लिया, पहले दिल्ली में चारों कुत्तेंा की नसबंदी करवाई गई और उनका नाम रुडोल्फ, ब्लू, लेटका, इस्कोजका रखा। जिनका पासपोर्ट बनवाने के लिये भी अप्लाई कर दिया है वो चारों कुत्तों को पोलैंड लेकर जायेंगे।

जिला प्रतिनिधि, पीपल फॉर एनीमल -प्रीतिदुबे ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि हमारे यहां आवारा कुत्ते बहुत हैं। लोग विदेशी नस्ल के कुत्तों को तो पालते हैं, लेकिन अपने देश के आवारा कुत्तों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं। अगर सभी लोग एक-एक स्ट्रीट डॉग एडाप्ट कर लें तो ये सडक़ों पर आवारा नहीं घूमेंगे। वहीं सरकार की कमियों को उजागर करते हुए प्रीति ने कहा कि नसबंदी के लिये फरीदाबाद में कोई डाक्टर ही उपलब्ध नहीं है जिसके कारण दिल्ली से करवानी पडती है। 


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