Sunday, October 1, 2017

फरीदाबाद में मोदी के मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का किसानों ने किया घेराव, निकाला विरोध जुलुस


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फरीदाबाद (abtaknews.com ) 01 अक्टूबर,2017 ; कृषि प्रधान देश में बडे बडे मंचों से किसान हितों की बडी बडी बातें करने वाली सरकारों के सामने किसानों को, अधिग्रहण की गई अपनी जमीनों के मुआवजे के लिये अब अधिकारियों और राजनेताओं के कार्यालयों के चक्कर पर चक्कर काटने पड रहे हैं, मामला ग्रेटर फरीदाबाद के 19 गांवों का है, जिन्होंने सैंकडों की संख्यां में एकत्रित होकर भाजपा सरकार का विरोध करते हुए पैदल मार्च किया और केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर को ज्ञापन सोंपा। किसानों की जमीन कांग्रेस सरकार में अधिग्रहित की गई थी जिसका सैशन और हाई कोर्ट ने मुआवजा राशि बढा कर देने का निर्देश दिया था मगर सालों बीत जाने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है। गुस्साये किसानों ने मंत्री को ज्ञापन सोंपकर 7 दिन का समय दिया अगर मुआवजा नहीं मिला तो उग्र प्रदर्शन किया जायेगा। 
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हाथों में मांग लिखे हुए स्लोगन बैनर लेकर केन्दीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय की ओर कूच करते हुए दिखाई दे रहे लोग फरीदाबाद नहरपार के 19 गांवों के किसान है जो कि भाजपा सरकार मुर्दाबाज और किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारे लाग रहे हैं। और करें भी क्या,, कांग्रेस सरकार ने सैंकडों एकड जमीन अधिग्रहण की थी, जिसके मुआवजे के लिये जमीन के मालिकों को अब दर दर की ठोकरें खानी पड रही हैं, सैशन और हाई कोर्ट द्वारा मुआवजे की राशि बढा दी गई है मगर निचले स्तर के अधिकारी बढी हुई मुआवजे की राशि को देने के लिये तैयार नहीं हैं, 19 गांवों के किसानो ने अधिकारियों से लेकर बडे नेताओं तक अपनी फरियाद कर ली है मगर कोई भी सुनवाही नहीं हुई। गुस्साये किसानों ने आज अंतिम बार केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से फरियाद की है और ज्ञापन सोंपकर 7 दिन का समय दिया है और चेतावनी भी दी है कि अगर एक सप्ताह में किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जायेगा।

किसान संघर्ष समिति के नेता सतपाल नर्वत ने बताया कि किसानों का शोषण किया जा रहा है, जब किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई तो उन्हें पॉलिसी के तहत प्लॉट देने का वायदा किया गया था जिसके लिये किसनों से 50 -50 हजार रूपये भी ले लिये गये मगर अभी तक किसी किसान को प्लॉट नहीं दी गई है। इतना ही नहीं जमीन लेते समय किसानों को भरोषा दिलाया गया था उनके गांवों को पूरी मूलभूत सुविधायें दी जायेंगी मगर अभी तक कोई भी सुविधा नहीं मिली है। किसानों ने मांग की थी जो जमीन सरकार ने फालतू अधिग्रहित कर ली है उसे वापिस किया जाये मगर इस मांग पर भी कोई सुनवाही नहीं हुई। सरकार ने अगर ध्यान दिया है तो वो ही मुआवजे पर मिलने वाले व्याज पर टीडीएस काटना, सरकार किसानों के पैसे पर टीडीएस काट रही है

ग्रेटर फरीदाबाद के आंदोलनकारी किसानो के सब्र का बांध टूटा तो वे अपने जनप्रतिनिधि , फरीदाबाद के सांसद और भारत सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सेक्टर 28 स्थित आवास पर आ पहुंचे। गुस्साए किसानों ने पहले विरोध जुलुस निकाला और मंत्री के कार्यालय के बाहर काफी देर तक केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारेबाजी करते रहे। कार्यालय में बैठे मंत्री गुर्जर को किसानों की बात सुनने के लिए अपने कार्यालय के बाहर आना पड़ा। मंत्री गुर्जर ने किसानों को आश्वासन दिया की सप्ताहभर में उनकी मांगों का समाधान कर दिया जाएगा। 

किसान संघर्ष समिति के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समिति के संयोजक सतपाल नर्वत ने अबतक न्यूज़ को बताया कि जिला उपायुक्त,हूडा प्रसाशक को कई बार ज्ञापन दे चुके, महापंचायत कर चुके लेकिन किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। हरियाणा में भाजपा की सरकार है केंद्र में भाजपा की सरकार है फिर भी किसान आंदोलन करने को मजबूर है। सरकार को हम एक सप्ताह का समय देते हैं कि हमारी समस्या का समाधान किया जाए अन्यथा हमारे पास भी देश के अन्य किसानो की भांति आत्महत्या ही विकल्प बचेगा। 
किसान नेता रणबीर चंदीला ने कहा कि किसानों की मुख्य मांगों में किसानों का सैशन कोर्ट एवं हाई कोर्ट से बढ़ाया गया मुआवजा जल्द से जल्द दिलवाया जाए। किसानों को प्रति वर्ष दी जाने वाली रॉयल्टी जो रुकी हुई है उसे किसानों के खाते में ट्रांफर की जाए। पॉलिसी के तहत पैसा जमा कराने के बाद भी कई सालों से सभी किसानों को प्लॉट नहीं दिए गए , प्लॉट जल्द से जल्द दिलवाए जाएं। जिन गावों की जमींन अधिग्रहण की गई है , पॉलिसी के तहत उन गावों के विकास कार्य हूडा विभाग द्वारा कराए जाए। मास्टर रोड के साथ में फालतू की अधिग्रहित की गई जमींन को वापिस किसानो को दिया जाए। सभी गावों का लाल डोरा कम से कम 500 मीटर बढ़ाया जाए। 

किसानों के प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने के समय किसान संघर्ष समिति के प्रधान अमर चंद चंदीला , रणबीर चंदीला, सचिव बलजीत सिंह नर्वत ,सहसचिव प्रदीप सिंह चौहान ,कोषाध्यक्ष रामबीर नर्वत  के आलावा सैंकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।  


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