Thursday, October 5, 2017

पलवल में किसान मेला में किसानों को कृषि तकनीकों व कृषि कार्यों की दी जानकारियां




पलवल, 05 अक्तूबर(abtaknews.com) कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) कृषि एवं कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय किसान मेला आयोजित कर किसानों को कृषि तकनीकों व कृषि कार्यों बारे उपयोगी जानकारियां दी गई। मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर नई कृषि तकनीकों का उपयोग कर कृषि  उत्पादन में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि जब तक देश का किसान खुशहाल नहीं होगा तब तक देश खुशहाल नहीं होगा।

दीपक मंगला ने किसान मेले को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार व कृषि विभाग द्वारा 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का बीडा उठाया है। जो हर हाल में पूरा करके दिखाएंगे। हरियाणा में जिला के किसानों को लगभग 200 करोड़ फसल मुआवजा दिया गया। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के लिए जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई हुई हैं किसान उनका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं। जिले के 250 किसानों को लगभग 72 लाख रूपये की कृषि यंत्र अनुदान राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती करने के लिए सरकार काम कर रही है। किसान परंमपरागत फसलों की अपेक्षा गैर परंपरागत कृषि करें। कृषि संबंधी विभिन्न योजनाओं का भी लाभ उठाएं। 
इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों की लगाई गई प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष हरीप्रकाश गौतम तथा उपायुक्त मनीराम शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह सौरोत ने अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला ने मेले में उपस्थित सभी किसानों को फसलों के अवशेष न जलाने के लिए शपथ भी दिलाई। उन्होंने 11 किसानों को मौके पर कृषि यंत्र पर मिलने वाली सब्सिडी के चैक वितरित किए।
इस मौके पर होडल की उपमण्डल अधिकारी (ना.) प्रीति , मार्किट कमेटी पलवल के चेयरमैन रणबीर सिंह मनोज, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष यशपाल मावई, पलवल निगरानी समिति के चेयरमैन मुकेश सिंगला, अधिवक्ता अविनाश भारद्वाज, कृषि विकास अधिकारी डॉ. नवीन डागर, डॉ. जितेन्द्र सिंह, डॉ. देशवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यकारी अभियंता विजय कुमार, पवन अग्रवाल मुख्य रूप से मौजूद थे। किसान मेले में कृषि विभाग के उपनिदेशक पवन कुमार शर्मा ने कार्यक्रम के आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेट कर आभार व्यक्त किया।
कृषि वैज्ञानिकों व कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को कृषि कार्यों व कृषि योजनाओं बारे उपयोगी जानकारियां दी। वहीं कृषि अधिकारियों ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि अपनी फसल का बीमा करवाने से किसी भी तरह की आपदा में फसल में हुए नुकसान की मुआवजा राशि से भरपाई की जा सकती है इसलिए सभी किसान अपनी फसल का बीमा अवश्य करवाएं। कृषि सिंचाई योजना के बारे में बताया कि प्रधानमंत्री का मिशन है कि सभी खेतों तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि उपनिदेशक डॉ पवन कुमार शर्मा ने बताया कि किसान धान व गेंहू की फसलों के अवशेष ना जलाऐं। फसल अवशेष जलाने से भूमि की ऊर्वरक शक्ति कम हो जाती है। वहीं पर्यावरण प्रदूषण भी होता है। उन्होंने कहा कि एनजीटी द्वारा भी फसलों के अवशेष जलाने पर सख्त रूख अपनाया हुआ है। मेले के माध्यम से किसानों को धान के अवशेष ना जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उसके बावजूद भी अगर किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए गए तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
किसान मेले में कृषि विज्ञान केन्द्र मिडकोला के कॉडिनेटर डॉ. बीके शर्मा ने खरीफ और रबी की फसल गेंहू और सरसों की पौध संरक्षण, डॉ. आर.एस. रमन कृषि विशेषज्ञ ने मृदा कार्ड के बारे, डॉ. रेखा दहिया पशुपालन, डॉ. संजीव कुमारी जैविक खेती, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसडी आर्य ने कृषि के क्षेत्र में बैंकों की उपयोगिता, प्रगतिशील किसान क्लब के अध्यक्ष बिजेन्द्र दलाल ने भी किसानों को आधुनिक खेती के बारे में जागरूक किया। 

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