Monday, October 9, 2017

इस बार स्वस्थ व स्वच्छ दिवाली मनाएं ; डॉ एमपी सिंह


फरीदाबाद (abtaknews.com डॉ एम पी सिंह, शिक्षाविद की कलम) 09 अक्टूबर,2017 ; दीपावली हिंदू धर्म का मुख्य त्योहार है यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और फिर अगले दिन भैया दूज मनाई जाती है दीपावली का अर्थ दीपों की पंक्ति अर्थात रोशनी का त्यौहार है हर प्रांत क्षेत्र में दीपावली मनाने के कारण और तरीके अलग अलग है यह पर सामूहिक व्यक्तिगत दोनों तरीकों से मनाया जाता है इसमें धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक शिष्टता दिखाई पड़ती है यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व है  और यह डॉक्टर एम पी सिंह राष्ट्र के चिंतनशील व्यक्ति  समाजशास्त्री  वह दार्शनिक है इसलिए  उनका  संदेश है कि इस बार दीपावली को स्वस्थ और स्वच्छ तरीके से मनाएं  कुछ लोग दीपावली के अवसर पर  लाखों रुपए के बम पटाखे चलाकर  धनी व्यापारी प्रदूषण को जन्म देते हैं  वायु तो कुछ समय के बाद शुद्ध हो सकती है लेकिन  जब दुआ फेफड़ों में प्रवेश कर जाता है तो वह कभी शुद्ध नहीं होता है  वह तो घातक है जानलेवा  ही सिद्ध होता है और एक भयंकर बीमारी का रूप धारण कर लेता है  डॉक्टर एम पी सिंह प्राथमिक सहायता नामक पुस्तक के लेखक हैं इसलिए  उक्त बीमारियों के बारे में आपके सामने बखान कर रहे हैं  अस्थमा से ग्रसित लोगों के लिए तो यह अत्यधिक जानलेवा सिद्ध हो सकती है  दिवाली पर बम पटाखे चलाने से सड़कों पर चारों तरफ मलबा दिखाई देने लगता है  अगले दिन इस कूड़े कचरे को एकत्रित करके इसमें आग लगा दी जाती है जिससे चारों तरफ वातावरण में धुआं ही धुआं दिखाई देता है  जिससे वातावरण दूषित हो जाता है  और स्वास लेने लायक  वातावरण नहीं रहता है  इस वातावरण की वजह से  अनेकों नागरिक बीमार भी पड़ जाते हैं  जिस से शारीरिक नुकसान के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है  इस नागरिक नुकसान का प्रत्यक्ष व परोक्ष राष्ट्र पर ही प्रभाव पड़ता है  राष्ट्र की मजबूती  चाहते हो तो  बाहरी विदेशी व चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करो  और नेक नियत से कमाई गई धनराशि को चंद पलों की खुशी के लिए आग में धुएं में बर्बाद मत करो  धन का सदुपयोग करना सीखो  पटाखों में आग लगाने का मतलब है सीधे-सीधे भारतीय करेंसी में आग लगा देना  पटाखे चलाने से या अधिक शोर मचाने से इंसान बड़ा नहीं होता है इंसान अपनी इंसानियत व कर्मों से बड़ा व छोटा होता है  पल भर के बाहरी दिखावे पर झूठी शान में ना आए अपने आस-पड़ोस के धोखे और जरूरतमंद की मदद करके आपसी रिश्तो को बेहतर बनाएं  पटाखे चलाते वक्त  शरीर के किसी भी अंग में आग लग सकती है या हाथ जल सकता है आंखों की रोशनी भी जा सकती है घर के आस पास खड़े वाहनों में भी आग लग सकती है  बम पटाखे की चिंगारियों से कहीं पर भी भीषण आग लग सकती है  प्रतिवर्ष हजारों लोग  घायल हो जाते हैं और  सैकड़ों लोग मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं  क्या इसी तरीके से हम अपनी खुशी का इजहार करना चाहते हैं  क्यों दूसरों की नींद उड़ाने में या दूसरों को दुख दर्द पहुंचाने में ही हमें खुशी मिलती है कई बार बम पटाखे आपसी विवाद का कारण बन जाते हैं और काफी नरसंहार भी हो जाता उपरोक्त सभी में किसी ना किसी प्रकार का तनाव ही पैदा हो जाता है  क्या हमें तनावपूर्ण जिंदगी के लिए ही कार्य करना चाहिए  हवा में जहरीली गैस घूमने की वजह से खुली हवा में शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है जिससे अनेकों बीमारियों का जन्म होता है  इस बार हमें प्रण करना चाहिए कि पटाखा रहित दिवाली मनाएंगे और सड़कों व आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखेंगे  यदि हम सब देशवासी मिलकर यह प्रण लें और आवाहन करें कि इस बार स्वस्थ व स्वच्छ दिवाली मनाएंगे तो सब कुछ संभव है दीपावली पर अधिक दीप जलाने से अत्यधिक दिल भी बर्बाद हो जाता है जिसका किसी को कोई फायदा नहीं मिलता है  डॉक्टर MP सिंह समाजशास्त्री अर्थशास्त्री होने के नाते से उनका मानना है कि इस अवसर पर जगमगाहट करने के लिए विशेष  लाइटों की व्यवस्था की जाती है जिससे विद्युत ऊर्जा की बर्बादी होती है  इस अवसर पर हम एक दूसरे को मिठाई का डिब्बा भी देते हैं  जिस से अधिक मिष्ठान व पकवान खाने से  स्वास्थ्य बिगड़ जाता है और आर्थिक नुकसान भी पहुंचता है  इस अवसर पर कई बार पानी की भी फिजूलखर्ची होती है  उपरोक्त सभी राष्ट्रीय संपत्ति हैं और इन को उजाड़ने वह बर्बाद करने का हमें कोई अधिकार नहीं है हमें राष्ट्रहित व जनहित में फैसले लेने चाहिए  बाहरी दिखावा करने में कुछ भी नहीं रखा है  हमें वास्तविक जीवन में जीना चाहिए और प्रकृति के नजदीक रहना चाहिए।

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